Asian Games Hockey में भारतीय टीमों का लक्ष्य Gold Medal और सीधा Olympic कोटा

जापान के काकामिगाहारा में शुरू हो रही एशियाई खेलों की हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय पुरुष और महिला टीमें स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के इरादे से उतरेंगी। भारतीय पुरुष टीम अपने अभियान का आगाज इंडोनेशिया के खिलाफ करेगी जबकि महिला टीम का पहला मुकाबला उज्बेकिस्तान से होगा। दोनों टीमों का लक्ष्य शीर्ष स्थान हासिल कर सीधा ओलंपिक टिकट पक्का करना है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हाल ही में विश्व कप में मिली निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में रविवार से शुरू होने वाली हॉकी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ेगी जबकि महिला टीम भी स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर दोनों भारतीय टीमों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधा टिकट मिल जाएगा, इसलिए दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। भारतीय पुरुष टीम को नीदरलैंड और बेल्जियम में हाल ही में समाप्त हुए एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के बाद अपना मनोबल बढ़ाना होगा।
पिछले दो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारत को मेजबान जापान, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ पूल ए में रखा गया है, जबकि पूल बी में पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। वह इस मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा।
भारत विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है लेकिन यहां वह शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है और इसलिए वह स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए उसे उन कमियों को दूर करना होगा जिन्होंने विश्व कप जीतने की उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। भारत 2016 से लेकर अब तक किसी भी प्रतियोगिता में पाकिस्तान से नहीं हारा है। पिछले 16 मुकाबलों में से 14 में भारत ने जीत हासिल की है, जिसमें हांगझोऊ एशियाई खेलों में 10-2 से और इस साल के विश्व कप में 5-3 से जीत शामिल है।
जापान (97 मुकाबलों में 86 जीत) और मलेशिया (127 मुकाबलों में 89 जीत) के खिलाफ भी भारत का रिकॉर्ड शानदार है। लेकिन टीम की असली परीक्षा पूल चरण में जापान और कोरिया के खिलाफ होगी। अनुभवी मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, डिफेंडर अमित रोहिदास और स्ट्राइकर मनदीप सिंह जैसे कुछ भारतीय खिलाड़ियों का यह संभवतः आखिरी एशियाई खेल होगा और वे स्वर्ण पदक के साथ इसका समापन करने के लिए बेताब होंगे।
इंडोनेशिया के बाद भारतीय पुरुष टीम 22 सितंबर को श्रीलंका, 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश का सामना करेगी। जहां तक भारतीय महिला टीम का सवाल है तो उसने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करके 52 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे वे आत्मविश्वास से भरी होंगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टीम को पूल बी में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर के साथ रखा गया है।
भारतीय टीम उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जिसमें वह बड़ी जीत हासिल करना चाहेगी। लेकिन प्रतियोगिता में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा चीन ही बना हुआ है। पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज चीन इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार है।
लेकिन भारतीय महिला टीम विश्व कप में चीन के खिलाफ अपने प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, जहां उन्होंने चीन की टीम को 2-2 से बराबरी पर रोक दिया था। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने से बेहतर प्रदर्शन करके एशियाई खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगी। भारतीय महिला टीम ने 1982 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।
उज्बेकिस्तान के बाद भारतीय महिला टीम 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ खेलेगी।
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