Harry Kane की Elite Club में एंट्री, 500 गोल दागकर मेसी-लेवांडोव्स्की के साथ हुए शामिल

Harry Kane
प्रतिरूप फोटो
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Ankit Jaiswal । Feb 19 2026 1:43PM

इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने 500 करियर गोल का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन विश्लेषण से पता चलता है कि लियोनेल मेसी लगभग सौ मैच कम खेलकर इस कीर्तिमान तक पहुंचे थे। केन, लेवांडोव्स्की और रोनाल्डो के बीच मैचों का अंतर कम है, जो मेसी की असाधारण प्रतिभा और उनके करियर की शुरुआत के प्रभाव को दर्शाता है।

यूरोपीय फुटबॉल में इन दिनों हैरी केन का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। शायद ही कोई सप्ताह गुजरता हो जब इंग्लैंड के कप्तान कोई नया व्यक्तिगत कीर्तिमान स्थापित न कर रहे हों। अब एक और बड़ी उपलब्धि उनके नाम जुड़ गई है।

जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख के स्ट्राइकर हैरी केन ने अपने करियर के 500 गोल पूरे कर लिए हैं। फुटबॉल आंकड़ों की वेबसाइट ट्रांसफरमार्क्ट के मुताबिक, वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले तीसरे सबसे तेज खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि क्रिस्टियानो रोनाल्डो से 10 मैच कम खेलकर हासिल की है।

गौरतलब है कि इस सदी में 500 करियर गोल के आंकड़े तक उनसे तेज सिर्फ लियोनेल मेसी और बायर्न के पूर्व स्टार रॉबर्ट लेवानडॉस्की ही पहुंच पाए हैं। यह उपलब्धि केन को उन दिग्गज खिलाड़ियों से भी आगे खड़ा करती है जिनमें लुइस सुआरेज़, ज़्लाटन इब्राहिमोविच और करीम बेंज़ेमा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार इस सूची में सबसे चौंकाने वाली बात केन का शामिल होना नहीं, बल्कि मेसी का बाकी खिलाड़ियों से काफी आगे होना है। लेवांडोव्स्की, केन और रोनाल्डो के बीच मैचों की संख्या का अंतर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन मेसी ने लगभग सौ मैच कम खेलकर यह आंकड़ा छू लिया था। यह अंतर उनके असाधारण स्तर को दर्शाता है।

बता दें कि मेसी ने अपने सीनियर करियर की शुरुआत सीधे एफसी बार्सिलोना जैसे शीर्ष क्लब से की थी, जहां उन्हें शुरुआती दौर से ही बड़े मंच पर खेलने का मौका मिला। वहीं लेवांडोव्स्की और केन को शीर्ष स्तर तक पहुंचने के लिए क्लब संरचना में क्रमिक रूप से आगे बढ़ना पड़ा। केन ने टॉटनहैम हॉटस्पर के साथ अपने करियर को नई ऊंचाई दी और बाद में बायर्न म्यूनिख से जुड़कर गोल स्कोरिंग की रफ्तार और तेज की है।

जानकारों का मानना है कि 500 गोल का आंकड़ा पार करना किसी भी स्ट्राइकर के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसमें क्लब और देश दोनों के लिए लगातार प्रदर्शन की आवश्यकता होती है। केन की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत निरंतरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि आधुनिक फुटबॉल में प्रतिस्पर्धा के बीच खुद को शीर्ष स्तर पर बनाए रखना कितना कठिन है।

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