Hockey World Cup: India का मुकाबला England से, 32 साल बाद जीत हासिल करने का लक्ष्य

एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के पूल चरण में भारतीय टीम सोमवार को एम्सटेलवीन में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराने वाली हरमनप्रीत सिंह की टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान बनाने के लिहाज से यह मैच बेहद अहम है। भारत को विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी जीत 1994 में सिडनी में मिली थी और इस 32 साल पुराने सूखे को खत्म करने की चुनौती होगी।
(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन, 16 अगस्त निचली रैकिंग वाली वेल्स के खिलाफ पहले मैच में जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम के सामने एफआईएच पुरूष हॉकी विश्व कप में सोमवार को विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज इंग्लैंड के रूप में पूल चरण की सबसे कठिन चुनौती होगी जिसे विश्व कप में आखिरी बार उसने तीन दशक पहले हराया था। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने शनिवार को पहले मैच में विश्व रैंकिंग में अपने से छह पायदान नीचे 15वें स्थान पर काबिज वेल्स को 3 -1 से मात दी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किये जबकि संजय ने भी पहला गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागा।
दूसरी ओर इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पूल डी के एक अन्य मैच में 4-1 से मात दी। विश्व कप के बदले प्रारूप में हर मैच का परिणाम काफी मायने रखेगा और भारत से इससे अधिक अंतर से जीत की उम्मीद थी।पहले हर पूल की शीर्ष दो दो टीमें क्वार्टर फाइनल खेलती थी लेकिन इस बार हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर का पूल चरण खेलेंगी जिसमें आठ टीमें होंगी। इस चरण में दो पूल ई और एफ होंगे जिसमें चार चार टीमें रहेंगी लेकिन वे तीन नहीं बल्कि दो दो मैच खेलेंगी।
यानी अगर भारत और इंग्लैंड दोनों अगले दौर में जाते हैं तो उनका एक दूसरे से सामना नहीं होगा और पहले पूल चरण के अंक ही आगे जायेंगे और भारत की सेमीफाइनल संभावनाओं के लिये यह मैच अहम है। पूल ई और एफ की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी। पहले मैच में भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति ने कई अच्छे प्रयास किये और पेनल्टी कॉर्नर भी बनाये लेकिन फील्ड गोल नहीं हो सका।
गोल के लिये पेनल्टी कॉर्नर पर निर्भरता कम करने और फील्ड गोल पर फोकस करने की भी जरूरत है। डिफेंस में ख्नासकर जरमनप्रीत सिंह ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फॉरवर्ड पंक्ति को बेहतर तालमेल पर ध्यान देना होगा। विश्व कप से पहले प्रो लीग के लंदन चरण में भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ था जिसमें दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट में एक एक जीत दर्ज करके बोनस अंक हासिल किये थे।
इंग्लैंड 16 मैचों में से सिर्फ दो गंवाकर प्रो लीग 2025 -26 की तालिका में बेल्जियम के बाद दूसरे स्थान पर रहा जबकि भारतीय टीम नौ टीमों में सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर आठवें स्थान पर रही। प्रो लीग के खराब प्रदर्शन के बारे में पूछने पर कप्तान हरमनप्रीत ने कहा ,‘‘ खेल में उतार चढाव आते रहते हैं लेकिन हमारा फोकस अभी विश्व कप पर है। हम बेहतर तैयारी के साथ आये हैं और टीम फॉर्म में है।
हम मैच दर मैच फोकस करेंगे और गोल करने के ज्यादा से ज्यादा मौके बनाने पर फोकस होगा।’’ टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मानसिक दृढता के लिये स्विटजरलैंड में तीन दिन के बूट कैम्प के अनुभव का इस्तेमाल भारत को इस मैच में करना पड़ेगा।इंग्लैंड की टीम मोंशेंग्लाबाख में 2006 से पिछले पांच विश्व कप में अंतिम पांच में रही है। विश्व कप क्वालीफायर में उसने जापान (5-0), मेजबान मिस्र (3-0) और अमेरिका (5 -0) को हराने के बाद मलेशिया को 7-1 और पाकिस्तान को 4-1 से हराया। विश्व कप में भारत का इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है और आखिरी बार उसे 1994 में सिडनी में पांचवें छठे स्थान के मुकाबले में एक गोल से जीत मिली थी।
इसके बाद 1998 में यूट्रेक्ट में दोनों टीमों का सामना नहीं हुआ लेकिन अगले तीन विश्व कप (2002, 2006 और 2010) में इंग्लैंड ने भारत को 3 -2 के समान अंतर से हराया। भुवनेश्वर में 2018 में दोनों टीमों की टक्कर नहीं हुई और 2023 में पिछले विश्व कप में दोनों ने गोलरहित ड्रॉ खेला। पूल डी में इसी मैच से पहले और दूसरे स्थान की टीम का निर्धारण हो सकता है।
भारत को इसके बाद पाकिस्तान से 19 अगस्त को खेलना है।
अन्य न्यूज़














