राष्ट्रमंडल बैडमिंटन में भारत ने पाकिस्तान को 5-0 से शिकस्त देकर शुरू किया अभियान

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सिंधू ने 21-7, 21-6 से शानदार जीत दर्ज की। दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधू को पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में टखने की चोट के कारण हटने के लिये बाध्य होना पड़ा था। उन्होंने पाकिस्तान की कम अनुभवी खिलाड़ी पर जीत दर्ज करने के बाद कहा, ‘‘यह मेरा पहला मैच था तो मैं कोर्ट की आदी हो रही थी। मैं नये स्ट्रोक्स भी आजमा रही थी और अपने हिसाब से नियंत्रण बना रही थी। ’’

बर्मिंघम, 30 जुलाई। भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ियों को शुक्रवार को यहां 22वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपने पहले मिश्रित टीम मुकाबले में पाकिस्तान पर 5-0 से क्लीन स्वीप करने में जरा भी पसीना नहीं बहाना पड़ा। बी सुमित रेड्डी और माचिमांडा पोनप्पा की जोड़ी ने यहां के ‘राष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र’ में मिश्रित युगल मुकाबले में मुहम्मद इरफान सईद भट्टी और गजाला सिद्दीकी पर 21-9, 21-12 से एकतरफा जीत के साथ इन खेलों में टीम का सफर शुरू किया।

मिश्रित जोड़ी की सफलता को किदांबी श्रीकांत ने पुरुष एकल मुकाबले में आगे बढ़ाते हुए मुराद अली को आसानी से 21-7,  21-12 से शिकस्त दी। दोनों टीमों के खिलाड़ियों के स्तर के बीच अंतर साफ दिख रहा था। पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीयों के सामने जूझते नजर आये। श्रीकांत ने कहा, ‘‘हम यहां निश्चित रूप से स्वर्ण पदक जीतने आये हैं।

हम अपना लक्ष्य बनायेंगे और साथ ही हम नकारात्मक चीज के बारे में नहीं सोचेंगे कि हम सेमीफाइनल या फाइनल में किससे भिड़ रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सिर्फ अच्छा करने और स्वर्ण पदक जीतने पर ध्यान लगाये हैं। ’’ भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा महिला एकल के मैच में भी जारी रहा जहां दो बार ओलंपिक पदक जीतने वाली पीवी सिंधू को इसके बाद महिला एकल मैच में महूर शहजाद को हराने में कोई परेशानी नहीं हुई।

सिंधू ने 21-7, 21-6 से शानदार जीत दर्ज की। दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधू को पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में टखने की चोट के कारण हटने के लिये बाध्य होना पड़ा था। उन्होंने पाकिस्तान की कम अनुभवी खिलाड़ी पर जीत दर्ज करने के बाद कहा, ‘‘यह मेरा पहला मैच था तो मैं कोर्ट की आदी हो रही थी। मैं नये स्ट्रोक्स भी आजमा रही थी और अपने हिसाब से नियंत्रण बना रही थी। ’’

सिंधू पिछले चरण की व्यक्तिगत स्पर्धा में साइना नेहवाल से हार गयी थीं जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी बढ़त बनाने के बावजूद कोर्ट को समझना महत्वपूर्ण था। मुझे अब इसका अंदाजा हो गया है। ’’ सिंधू की निगाहें अपने पहले राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक पर लगी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार मेरा टखना मुड़ गया था। इस समय मैं बतौर टीम काफी उत्साहित हूं। इसमें अलग माहौल होता है, बतौर टीम आप सचमुच मजबूत महसूस करते हो, उम्मीद है सर्वश्रेष्ठ करेंगे। ’’ खेलों में भारत-पाक प्रतिद्वंद्विता के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीदें हमेशा होती है, लेकिन कोर्ट पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना अहम होता है।

जब मैं कोर्ट पर जाती हूं तो बस मैं मैच के बारे में सोचती हूं। बस। ’’ चौथा मैच पुरूष युगल था जिसमें सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने मुराद अली और मोहम्मद इरफान सई भाटी को 21-12, 21-9 से पराजित किया। अंतिम मैच महिला युगल में भारत की तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने माहूर शहजाद और गजाला सिद्दीकी की जोड़ी को 21-4, 21-5 से हराया।

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