Lamine Yamal ने गोल नहीं किया फिर भी बने Game Changer, Spain vs France Match में दिखाई अपनी चतुराई

Lamine Yamal
ANI

लामिने यामल ने फ्रांस के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में अपनी रणनीतिक सूझबूझ से स्पेन की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनकी चतुराई से मिली पेनल्टी ने मैच का रुख बदल दिया जिससे स्पेन को फाइनल का टिकट मिला। यामल का यह प्रदर्शन साबित करता है कि फुटबॉल में आंकड़ों से ज्यादा खेल की समझ मायने रखती है।

 युवा स्ट्राइकर लामिन यामल ने गोल नहीं किया लेकिन उन्होंने अपने चतुराई भरे खेल से स्पेन की विश्व कप सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ 2-0 से जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस 19 वर्षीय खिलाड़ी का अवसर को भांपने के कौशल का शानदार नजारा तब देखने को मिला जब उन्होंने लुकास डिग्ने की ओर दौड़ लगाई, क्योंकि उस समय फ्रांस का यह डिफेंडर अपने ही पेनल्टी क्षेत्र में गेंद को बेतरतीब ढंग से हेड करने के बाद उसे ‘क्लियर’ करने की कोशिश कर रहा था। डिग्ने ने गेंद को ‘क्लियर’ करने के लिए पैर उठाते समय यामल को आते हुए नहीं देखा।

उनका पैर स्पेन के फॉरवर्ड की जांघ से टकरा गया जिससे पेनल्टी मिली और स्पेन को बढ़त हासिल करने का मौका मिल गया। स्पेन के विश्व कप फाइनल तक के सफर में यामल ने सिर्फ एक गोल किया है। सेमीफाइनल से एक दिन पहले यामल के 19वें जन्मदिन पर जब कोच लुइस डे ला फुएंते से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने उनकी अन्य खूबियों का जिक्र किया।

ला फुएंते ने कहा, ‘‘यह टीम खेल के हर पहलू को अच्छी तरह से समझती है।’’ यामल के शानदार खेल के चलते पेनल्टी किक मिली, लेकिन इसके लिए मिकेल ओयार्ज़ाबल को चुना गया जिन्होंने उसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।

यामल ने अब तक विश्व कप में केवल एक गोल किया है और वह अभी तक एक भी ‘असिस्ट’ (गोल करने में मदद) नहीं कर पाए हैं, लेकिन अगर वह न होते तो स्पेन सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ हाफ टाइम तक बढ़त हासिल नहीं कर पाता।

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