एशियाई खेलों में Murali Sreeshankar और Gulveer Singh ने जीता रजत, भारत की झोली में दो कांस्य भी आए

एशियाई खेलों में Murali Sreeshankar और Gulveer Singh ने जीता रजत, भारत की झोली में दो कांस्य भी आए
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नागोया में चल रहे एशियाई खेलों के एथलेटिक्स मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत और दो कांस्य पदक हासिल किए। लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और 1500 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने दूसरा स्थान हासिल कर देश को रजत पदक दिलाए। वहीं 5000 मीटर दौड़ में पारुल चौधरी और 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

मुरली श्रीशंकर ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतकर एथलेटिक्स में भारत का पदक अभियान जारी रखा। पालक्कड के 27 वर्षीय श्रीशंकर ने हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों और इस साल ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से पदक जीता।

हालांकि चौथे प्रयास में टखने में चोट लगने के बाद वह अपने अंतिम दो प्रयास नहीं कर सके। वह चीन के यूहाओ शी के बाद दूसरे स्थान पर रहे। शी ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 8.17 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

उज्बेकिस्तान के अनवर अनवारोव ने 8.06 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इससे पहले पारुल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल में कांस्य पदक जीता। उनसे पहले लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों के 1500 मीटर फाइनल में तीन मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था।

विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। पारुल एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं। उत्तर प्रदेश की 31 वर्षीय पारुल ने 15 मिनट 14.61 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया।

बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 15 मिनट 10.18 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 15 मिनट 11.65 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता। वर्ष 2023 में हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पारुल का मौजूदा एशियाई खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने रविवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता था।

महिलाओं की 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा 15 मिनट सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। गुलवीर ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। मौजूदा एशियाई खेलों में 10 हजार मीटर में पहले ही रजत पदक जीत चुके गुलवीर जापान के स्वर्ण पदक विजेता काजुतो ईजावा के बाद दूसरे स्थान पर रहे।

काजुतो ने तीन मिनट 36.35 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उनके हमवतन नागिया मोरी ने तीन मिनट 37.92 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उत्तर प्रदेश के 28 वर्षीय धावक गुलवीर ने कहा, ‘‘यह मेरे करियर का बहुत महत्वपूर्ण पदक है।

मुझे जितनी भी स्पर्धाओं में दौड़ना पड़े मुझे कोई परेशानी नहीं है और मैं उनमें पदक जीतना चाहता हूं। मैं अंत में अपनी गति बरकरार नहीं रख सका क्योंकि मैं आमतौर पर लंबी दूरी का धावक हूं और मुख्य रूप से 5000 मीटर और 10000 मीटर में दौड़ता हूं।’’ एक अन्य भारतीय यूनुस शाह तीन मिनट 43.88 सेकेंड के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे। इससे पहले विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता लेकिन लंबी दूसरी के धावक अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहते हुए चौथे स्थान पर रहे।

विथ्या ने 54.75 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता और महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनका मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।

कोयंबटूर की 28 वर्षीय विथ्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। मरियम ने 54.31 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि एडेलिना ने 54.58 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक हासिल किया। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।

उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियाई खेलों के लिए यहां मौजूद हैं। विथ्या ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘‘पदक हमारे हाथ में है लेकिन समय हमारे हाथ में नहीं होता। यह दौड़ ना तो कल होगी और ना ही बीते कल हुई थी।

आज हमारा दिन था इसलिए मेरा ध्यान पदक पर नहीं बल्कि समय पर था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच ने कहा था कि हम 54 सेकेंड का समय निकालेंगे। मैंने ऐसा किया और मैं बहुत खुश हूं। समय इतना अच्छा रहा इसलिए मैं बेहद खुश हूं।’’ विथ्या ने कहा, ‘‘हर कोई मेरे से इस बारे में पूछ रहा था क्योंकि मैं तीन साल से 55 सेकेंड से कम का समय नहीं निकाल पाई थी।

मेरे कोच नेहपाल सिंह राठौड़ ने मुझे तेज शुरुआत करने और छठी बाधा तक अपनी गति बनाए रखने को कहा था। छठी बाधा से फिनिश लाइन तक मैंने पूरी ताकत लगा दी।’’ इसी स्पर्धा में भारत की अनु राघवन पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने 55.88 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

चोटों से जूझने वाले साबले ने इसके बाद अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहे। वह पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। महाराष्ट्र के 32 साल के दो बार के ओलंपियन साबले ने आठ मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला।

वह स्वर्ण पदक विजेता जापान के रयूजी मियुरा से 4.31 सेकेंड पीछे रहे। मियुरा ने आठ मिनट 17.36 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मियुरा के हमवतन रयोमा आओकी ने आठ मिनट 17.60 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता जबकि कतर के जकारिया अलहलामी ने आठ मिनट 18.13 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में संतोष कुमार तमिलारासन ने 49.95 सेकेंड का समय निकालकर आठ खिलाड़ियों के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने महिलाओं के चक्का फेंक के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन चौथे स्थान पर रहीं। सीमा ने अपने पांचवें प्रयास में 59.88 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका लेकिन यह पदक के लिए पर्याप्त नहीं था।

तीनों पदक विजेताओं के सर्वश्रेष्ठ प्रयास 60 मीटर से अधिक रहे।

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