अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप से बाहर हुआ Pakistan, नहीं मिली अनुमति

पाकिस्तान सरकार ने अपने खिलाड़ियों को भारत यात्रा की अनुमति नहीं दी है, जिसके कारण वे पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप से बाहर हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के महासचिव तेजस्वी गेहलोत के अनुसार, अहमदाबाद में 23 से 31 अक्टूबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट में 13 देशों की टीमें 62 मुकाबलों में भाग लेंगी।
भारत में होने वाली पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान के खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के महासचिव तेजस्वी गेहलोत ने बताया कि पाकिस्तानी सरकार ने अपने खिलाड़ियों को भारत आने की अनुमति नहीं दी है। आयोजकों ने खिलाड़ियों की भागीदारी के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली थी और भारत सरकार की ओर से भी अनुमति मिल गई थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान की तरफ से उनके नहीं आने की सूचना मिली।
तेजस्वी गेहलोत के मुताबिक, आयोजकों को खुद इस फैसले की वजह की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के आने की अनुमति दे दी थी और जरूरी दस्तावेज भी भेजे गए थे। इसके बावजूद पाकिस्तानी सरकार ने अपने खिलाड़ियों को भारत आने की मंजूरी नहीं दी। इस फैसले के कारण पाकिस्तान की टीम इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएगी।
अहमदाबाद में 23 से 31 अक्टूबर तक होने वाली इस चैंपियनशिप के मुकाबले वीर सावरकर खेल परिसर में खेले जाएंगे। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता में 13 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। 9 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में पुरुष और महिला वर्ग के मुकाबले होंगे। कुल 23 टीमें मैदान पर उतरेंगी, जिनमें 400 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगिता में कुल 62 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें पुरुष वर्ग के 39 और महिला वर्ग के 23 मैच होंगे। दोनों वर्गों में पहली बार कॉमनवेल्थ चैंपियन का फैसला होगा।
इस चैंपियनशिप का आयोजन भारतीय शौकिया कबड्डी महासंघ कर रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ की मंजूरी भी मिली है। इसका मुख्य उद्देश्य कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना और भविष्य में इसे कॉमनवेल्थ खेलों में पदक वाले खेल के रूप में शामिल कराने की कोशिशों को आगे बढ़ाना है।
तेजस्वी गेहलोत ने बताया कि अहमदाबाद को इस प्रतियोगिता के लिए इसलिए चुना गया, क्योंकि यह कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी करने वाला शहर है। किसी खेल को कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल करने के लिए 5 जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है। ऐसे में यह चैंपियनशिप कबड्डी की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने और इसे भविष्य के खेलों में जगह दिलाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। अहमदाबाद वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी भी करेगा।
टूर्नामेंट से पहले आयोजित कार्यक्रम में टीमों की जर्सी, कप्तानों, गीत, प्रतीक चिह्न और शुभंकर का अनावरण किया गया। भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी सुरजीत सिंह करेंगे, जबकि नवीन कुमार उपकप्तान होंगे। महिला टीम की कमान निधि शर्मा को सौंपी गई है और रितु उपकप्तान की जिम्मेदारी निभाएंगी।
इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें शामिल होंगी। दोनों वर्गों के सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को और फाइनल 31 अक्टूबर को खेले जाएंगे।
भारतीय शौकिया कबड्डी महासंघ के महासचिव जितेंद्र प्रण सिंह ठाकुर ने इसे भारतीय कबड्डी के लिए गर्व का मौका बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के जरिए दुनिया के सामने कबड्डी के कौशल, जोश और प्रतिस्पर्धा को दिखाने का अवसर मिलेगा। वहीं, तेजस्वी गेहलोत ने इस चैंपियनशिप की थीम ‘एक सांस, एक रेड, एक कॉमनवेल्थ’ बताते हुए कहा कि इससे अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और कबड्डी को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा। गौरतलब है कि इस आयोजन से कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने और भविष्य में कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल कराने की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
अन्य न्यूज़













