Asian Para Games: फाइनल से पहले पदक कयास पर Pramod Bhagat ने की पूर्व कोच पर कार्रवाई की मांग

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तोक्यो पैरालम्पिक चैम्पियन प्रमोद भगत ने पूर्व मुख्य कोच गौरव खन्ना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। खन्ना ने एशियाई पैरा खेलों के फाइनल से ठीक पहले सोशल मीडिया पर भारतीय पदकों की संख्या को लेकर कयास लगाया था, जिसे भगत ने बेहद गैर पेशेवर और अनैतिक बताया।

(अमित कुमार दास) नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर तोक्यो पैरालम्पिक चैम्पियन बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों से पूर्व मुख्य कोच गौरव खन्ना के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया जिन्होंने हाल ही में जापान में संपन्न एशियाई पैरा खेलों के फाइनल से पहले ही भारत की पदक संख्या का कयास लगाया था। खन्ना ने अब डिलीट कर दी गई सोशल मीडिया पोस्ट में कयास लगाया था कि भारत को 2022 की तुलना में कम पदक मिलेंगे। फाइनल से एक दिन पहले उन्होंने लिखा था कि भारत को दो स्वर्ण, छह रजत और आठ कांस्य समेत 16 पदक मिलेंगे।

बाद में उन्होंने पोस्ट हटा दी। भारत ने 16 पदक जीते जिनमें तीन स्वर्ण, पांच रजत और आठ कांस्य थे। भारत ने 2022 एशियाई पैरा खेलों में पैरा बैडमिंटन में चार स्वर्ण, चार रजत और 13 कांस्य समेत 21 पदक जीते थे।

भगत ने पीटीआई से कहा ,‘‘ यह बेहद गैर पेशेवर और नैतिक रूप से गलत है कि एशियाई पैरा खेलों जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के खत्म होने से एक दिन पहले नाम सहित पदकों को लेकर कयास लगाये जाये और वह भी उस व्यक्ति की ओर से जो खुद को इसका मुख्य कोच बताता हो। इस तरह की कार्रवाई से पेशेवर जिम्मेदारी और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ बैडमिंटन संघ आम तौर पर टूर्नामेंट खत्म होने के बाद पदकों की कुल संख्या की घोषणा करता है ताकि सभी खिलाड़ी नतीजे को लेकर पहले से बनी हुई धारणा के बिना खुलकर खेल सकें। यह शर्मनाक स्थिति है कि दूसरे देशों के खिलाड़ी भी इस गैर पेशेवर और अनैतिक आचरण का जिक्र कर रहे हैं।’’ खन्ना लखनऊ में बैडमिंटन अकादमी चलाते हैं और उनके कई शिष्य शीर्ष स्तर पर खेले हैं।

भगत ने बीएआई, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिये स्पष्ट दिशा निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं उम्मीद करता हूं कि बीएआई, साइ और अन्य संबंधित अधिकारी इस मसले को गंभीरता से लेकर जांच करेंगे। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला खिलाड़ी होने के नाते हम अच्छे और सहयोगात्मक माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के हकदार हैं।

इस तरह की घटनाओं को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिये और भविष्य में इससे बचने के लिये स्पष्ट दिशा निर्देश होने चाहिये।’’

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