आखिर क्यों टीम इंडिया का यह तेज गेंदबाज खुद को गोली से उड़ा देना चाहता था?

आखिर क्यों टीम इंडिया का यह तेज गेंदबाज खुद को गोली से उड़ा देना चाहता था?

पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।उन्होंने बताया कि वह आत्महत्या करने वाले थे।इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू के मुताबिक कुमार सब कुछ खत्म करना चाहते थेऔर इसलिए एक सुबह उठे और हाथ में बन्दूक लिए हरिद्वार के हाइवे तक निकल पड़े। लेकिन कार में बच्चों की तस्वीर ने उनका यह इरादा बदल दिया।

नई दिल्ली। कभी टीम इंडिया के अहम खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार सुसाइड करने वाले थे। यह चौंकाने वाला खुलासा खुद प्रवीण कुमार ने किया है। डिप्रेशन के शिकार रहे प्रवीण कुमार के इस राज ने खेल जगत को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू के मुताबिक कुमार सब कुछ खत्म करना चाहते थे और इसलिए एक सुबह उठे और हाथ में बन्दूक लिए हरिद्वार के हाइवे तक निकल पड़े। लेकिन कार में बच्चों की तस्वीर ने उनका यह इरादा बदल दिया। जीवन से निराश होकर उन्होंने यह गलत कदम उठाने की कोशिश की थी। बता दें कि प्रवीण कुमार का अभी भी इलाज चल रहा है। 

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कुमार ने डिप्रेशन को लेकर कहा कि इसके बारे में कोई नहीं जानता है, खासकर के मेरठ जैसी जगह में इसके बारे में कोई बात नहीं करता है। उनके मुताबिक वह किसी से बात नहीं करते थे, हमेशा चिढ़े-चिढ़े से रहते थे। उन्होंने कहा कि जब मैं किसी को फोन करता था और कोई मेरे फोन का जवाब नहीं देता था तो मुझे बहुत बुरा लगता था। बुरे वक्त पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे अपने आप से भी काफी डर लगता था। अपनी सोच पर काबू करना बहुत मुश्किल था। 

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बता दें कि प्रवीण कुमार ने अपना आखिरी मैच साल 2012 में खेला था। वह अपनी स्विंग के लिए काफी मशहूर रहे हैं। कुछ वक्त के लिए कुमार अंडर 23 टीम के बॉलिंग कोच भी बने रहे। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 6 टेस्ट, 68 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। कुमार ने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 30 मार्च 2012 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था।