Premier League title की रेस में पिछड़ेगा Arsenal? Peter Crouch ने Arteta की रणनीति पर उठाए सवाल

ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ आर्सेनल के ड्रॉ के बाद मैनेजर मिकेल आर्टेटा की रणनीति सवालों के घेरे में है, जिसमें एबेरेची एज़े का अप्रभावी प्रदर्शन और टीम संयोजन पर पूर्व फुटबॉलर पीटर क्राउच ने सवाल उठाए हैं। यह नतीजा आर्सेनल की प्रीमियर लीग खिताबी दौड़ के लिए एक झटका माना जा रहा है, जहाँ हर अंक निर्णायक साबित हो सकता है।
आर्सेनल को ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ ड्रॉ से संतोष करना पड़ा और मुकाबले के बाद चर्चाएं खिलाड़ियों के प्रदर्शन से ज्यादा टीम संयोजन पर होने लगी हैं। इसी बीच पूर्व इंग्लैंड स्ट्राइकर पीटर क्राउच ने आर्सेनल के मिडफील्डर एबेरेची एज़े को लेकर कड़ी टिप्पणी की है और उन्हें मैच में “पैसेंजर” करार दिया।
बता दें कि गुरुवार को खेले गए इस मुकाबले में आर्सेनल की शुरुआत बेहद धीमी रही। पहले हाफ में टीम तालमेल बनाने में नाकाम दिखी। दूसरे हाफ की शुरुआत में नोनी मडुएके ने बढ़िया हेडर के जरिए गोल कर आर्सेनल को बढ़त दिलाई, लेकिन ब्रेंटफोर्ड ने जवाबी हमला करते हुए बराबरी कर ली। कीन लुईस-पॉटर के हेडर ने मुकाबला फिर से संतुलित कर दिया। मौजूद जानकारी के अनुसार, ब्रेंटफोर्ड के इगोर थियागो को अंत में कुछ बेहतरीन मौके मिले, जिन्हें भुनाया नहीं जा सका।
इस मैच में एज़े को शुरुआती एकादश में मौका दिया गया था, लेकिन वह प्रभाव छोड़ने में असफल रहे। हाफ टाइम पर कोच मिकेल आर्टेटा ने उन्हें बाहर कर कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड को मैदान में उतारा। गौरतलब है कि ओडेगार्ड की मौजूदगी से टीम के खेल में कुछ स्थिरता और आक्रामकता देखने को मिली।
क्राउच ने टीवी प्रसारण के दौरान कहा कि एज़े गेंद पर पकड़ नहीं बना पाए और न ही आक्रमण की लय तय कर सके। उनके अनुसार, रक्षात्मक योगदान और प्रेसिंग के मामले में भी एज़े, ओडेगार्ड की बराबरी नहीं कर सके। क्राउच का मानना है कि यह खिलाड़ी के लिए निराशाजनक स्थिति है, क्योंकि उन्हें सीमित मौके मिले हैं और वे अब तक खुद को साबित नहीं कर पाए हैं।
गौरतलब है कि आर्सेनल पिछले कुछ सत्रों से प्रीमियर लीग खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार रहा है, लेकिन निर्णायक क्षणों में चूक टीम पर दबाव बढ़ा देती है। क्राउच ने इशारों में कहा कि मौजूदा सत्र आर्सेनल के लिए बड़ा अवसर है, क्योंकि लीग की अन्य पारंपरिक मजबूत टीमें भी पहले जैसी धार में नहीं दिख रहीं। ऐसे में यदि आर्टेटा की टीम खिताब जीतने में नाकाम रहती है तो सवाल और तीखे हो सकते हैं।
मौजूद हालात को देखते हुए आर्सेनल प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ को आने वाले मुकाबलों में बेहतर संतुलन और रणनीति पर ध्यान देना होगा, ताकि टीम सीजन के अंतिम चरण में मजबूती से खड़ी रह सके और खिताबी दौड़ में अपनी दावेदारी कायम रख सके हैं।
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