मोबाइल डेटा स्पीड है कम, तो जानें कैसे करना है ठीक?

  •  शैव्या शुक्ला
  •  नवंबर 21, 2020   13:06
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मोबाइल डेटा स्पीड है कम, तो जानें कैसे करना है ठीक?
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जब कभी भी आपके फोन का नेट स्लो हो जाए, तो यह उपाय सबसे आसान है। आप फोन को शटडाउन कर सकते हैं, और चाहें तो रीस्टार्ट भी कर सकते हैं। कई बार ऐसा करने से फोन स्लो होने की शिकायत व नेट से जुड़ी समस्या खुद हल हो जाती है।

आजकल स्मार्टफोन के बिना किसी का काम नहीं चलता। और जहां स्मार्टफोन की बात हो और उसमें मोबाइल डेटा या इंटरनेट कनेक्शन ना हो तो, वह एक डब्बा समान ही है। अपनी निजी ज़िंदगी में हम भले ही लोगों से मिले ना मिले, लेकिन इंटरनेट के ज़रिये हम पूरी दूनिया से जुड़े हुए हैं। और कोरोना काल में तो इसका महत्व और भी बढ़ गया है। लॉकडाउन में सब कुछ बंद होने के बावजूद इंटरनेट व फोन होने से सब कुछ जारी रहा। ऐसे में यदि आपका नेट चलना बंद हो जाए तो सोचिए क्या होगा। आपका काम करना बंद हो सकता है, बच्चों की क्लास मिस हो सकती है, आदि जैसी कई परेशानियां खड़ी हो सकती है। तो जहां यह समस्या काफी परेशान करने वाली है, वहीं इसका सामाधान भी है।

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तो चलिए जान लेते हैं कुछ ऐसे उपाय के बारे में जो आसान तो हैं ही और साथ ही आपके नेट स्पीड को ठीक भी कर सकते हैं-

अपने फोन को री-स्टार्ट करें

जब कभी भी आपके फोन का नेट स्लो हो जाए, तो यह उपाय सबसे आसान है। आप फोन को शटडाउन कर सकते हैं, और चाहें तो रीस्टार्ट भी कर सकते हैं। कई बार ऐसा करने से फोन स्लो होने की शिकायत व नेट से जुड़ी समस्या खुद हल हो जाती है। आप अपने फोन को रीस्टार्ट करके अपने मोबाइल डाटा को सही प्रकार से काम करने में मदद कर सकते हैं। यही उपाय आप अपने फोन के अलावा लैपटॉप, टैब व अन्य किसी भी डिवाइस के साथ कर सकते हैं। 

 

फ्लाइट मोड को इनेबल करें

नेट स्पीड ठीक करने का दूसरा तरीका ये है कि आप अपने फोन में एयरप्लेन मोड को ऑन कर दें। इसके लिए आप सेटिंग में जाकर या फिर नोटिफिकेशन पैनल पर क्लिक करके भी फ्लाइट मोड को अपने फोन में इनेबल कर सकते हैं। ऐसा करने से फोन में सभी कनेक्शन्स एक समय के लिए कट जाते हैं और फिर से रीस्टार्ट हो जाते हैं। आप कुछ समय के लिए फ्लाइट मोड को इनेबल कर, बाद में इसे डिसेबल कर सकते हैं। ऐसा करने से आप का मोबाइल डाटा फिर से सही प्रकार से काम करने लगेगा। 

मोबाइल डेटा को ऑफ-ऑन करें

एक आसान व जल्द तरीका है अपने मोबाइल डेटा को ऑफ-ऑन करना। जी हां, अपने मोबाइल डेटा की स्पीड को ठीक करने का सबसे बढ़िया तरीका है ये। आप अपने स्मार्टफोन की के नोटिफिकेशन बार या सेटिंग में जाकर पहले अपने डेटा ऑप्शन को ऑफ कर दें फिर थोड़ी देर बाद इसे फिर से ऑन करें। ऐसा करने से आप अपने मोबाइल डेटा को फिर से पहले जैसा ही शुरू कर सकते हैं। 

डेटा प्लान ज़रूर चेक कर लें

पहले सभी उपाय करने से पहले यह भी ज़रूर जांच लें कि कहीं आपका नेट पैक खत्म तो नहीं हो गया। क्योंकि अक्सर हमें याद नहीं रहता कि हमने अपने फोन का लास्ट रीचार्ज कब कराया था और उसकी वैलिडिटी कब खत्म हो रही है। इसके अलावा ये भी हो सकता है की आपको प्रतिदिन मिलने वाला डेटा खत्म हो गया हो, इसलिए आपको इंटरनेट चलाने में समस्या आ रही हो। अगर ऐसा है तो मोबाइल डेटा को सही प्रकार से चलाने के लिए आपको तुरंत ही अपने प्लान को रिचार्ज कराना होगा।

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ब्राउज़र हिस्ट्री को क्लियर करें

इन सभी उपाय के अलावा आप एक काम और भी कर सकते हैं। आपके फोन में इस्तेमाल किए जाने वाले ब्राउज़र की हिस्ट्री को भी क्लियर कर लें। यह करने से भी आपके मोबाइल डेटा की स्पीड में काफी फ़र्क आपको नज़र आने वाला है। कई बार ऐसा होता है कि हम अपने फोन की सर्च हिस्ट्री को क्लियर नहीं करते हैं, जिसके कारण मोबाइल डेटा ठीक से नहीं चल पाता है। यदि हम समय-समय पर ऐसा करते रहें तो नेट चलाने में कोई भी दिक्कत नहीं आएगी।

- शैव्या शुक्ला







खेल-खेल में बच्चे इस तरह सीख सकते हैं कोडिंग

  •  शैव्या शुक्ला
  •  नवंबर 5, 2020   16:37
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खेल-खेल में बच्चे इस तरह सीख सकते हैं कोडिंग
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कोड मंकी जूनियर एप्प पर छोटे-छोटे गेम्स और डिज़ाइनिंग के साथ कोडिंग सिखाई जाती है। यहां पर बच्चों का कोडिंग सीखना आसान हो जाता है। इसमें एक मंकी को पकड़ना होता है, जिसके ज़रिये मज़ेदार कोडिंग की जाती है।

कोविड-19 महामारी के चलते भारत में शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का बेहद अहम रोल निकलकर सामने आया है। लॉकडाउन में स्कूलों के लिए एप्प बहुत काम आ रहे हैं। इन एप्प के ज़रिये बच्चों की क्लासेज़, असाइनमेंट्स, प्रेज़ेन्टेशन, आदि जैसे काम इसी एप्प पर हो रहें हैं। लेकिन आपको पता है सभी ऐप्स, वेबसाइट, गेम्स, आदि कोडिंग द्वारा ही बनाए जाते हैं। जहां यह काम आईटी के एक्सपीरियंस्ड लोगों द्वारा होता था, अब यह बच्चों का खेल हो गया है।

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जी हां, अभी हाल ही में एक सात साल के बच्चे ने एक मोबाइल ऐपलिकेशन तैयार की है। और भी ऐसे कई कौशल बच्चे हैं जो कोडिंग के द्वारा गेम्स, ऐप्स, वेबसाइट्स, आदि बना रहें हैं। ऐसे में कोड मंकी जूनियर, कोडेबल, व्हाइटटेक जूनियर, टॉपर कोडर, वेदांतु सुपर किड्स, आदि जैसी एप्प हैं जो कि अभी से ही बच्चों को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दो कदम आगे लेकर आ रहें हैं। और साथ ही उनका आने वाला भविष्य भी और उज्जवल बना रहें हैं। यह लर्निंग ऐप्स बच्चों को ऐप व गेम विकसित करने और रोबोटिक्स व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम करने के लिए सक्षम बना रहा है। ऐसे में आप भी अपने बच्चों को इन ऐप्स के ज़रिये कोडिंग के लिए बच्चों का इंटरेस्ट डेवलेप कर सकते हैं। 

चलिए विस्तार से जान लेते हैं उन ऐप्स के बारे में जहां हम अपने बच्चों को कोडिंग आसानी से सीखा सकते हैं-

कोड मंकी जूनियर (Code Monkey Jr.)

यह एक फ्री कोडिंग एप्प है जो कि 4 साल से 11 साल तक के बच्चे के लिए बनाई गई है। इस एप्प पर छोटे-छोटे गेम्स और डिज़ाइनिंग के साथ कोडिंग सिखाई जाती है। यहां पर बच्चों का कोडिंग सीखना आसान हो जाता है। इसमें एक मंकी को पकड़ना होता है, जिसके ज़रिये मज़ेदार कोडिंग की जाती है। कोड मंकी जुनियर एंड्रॉयड और आईओएस प्लैटफॉर्म पर मौजूद है।

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कोडेबल (Kodable)

इस कोडेबल एप्प पर कोडिंग सीखना बड़ा आसान है। यहां इस एप्प पर कोडिंग की बेसिक जानकारी दी जाती है। यदि आप के बच्चे को स्मार्टफोन पर गेम खेलना बेहद पसंद है तो यहां से गेम के एप्प बनाना सीख सकते हैं। यह एप्प भी फ्री है लेकिन सिर्फ आईओएस प्लैटफॉर्म पर मौजूद है। यह एप्प 4 से 10 साल के ऐज ग्रुप के लिए अच्छा विकल्प है। 

टॉपर कोडर (Toppr Codr)

इस एप्प पर 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए वन-ऑन-वन लाइव कोडिंग क्लासेस है। यह टॉपर कोडर अपने खुद के ऐप्स, वेबसाइट, गेम व अन्य इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म बनाने के तरीके के बारे में सिखाता है। टॉपर कोडर का करिकुलम एमआईटी और आईआईटी के स्नातकों द्वारा बनाए गया है। इस एप्प पर 13 मिलियन से ज्यादा रजिस्ट्रेशन व 10 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड देखा गया है।

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वेदांतु सुपर किड्स (Vedantu Super Kids)

यह एक कोड लर्निंग एप्प है, जो 3 से 12 साल के शुरुआती शिक्षार्थियों को कोडिंग सिखाता है। साथ ही इसमें 6 से 12 वर्ष की आयु के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट के आधार पर कोडिंग कार्यक्रम भी है। वेदांतु एप्प अत्याधुनिक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म है जहां बच्चों को लाइव सेशन्स बच्चों को वन-टू-वन देता है। इसका कोर्स भी एमआईटी और आईआईटी के विशेषज्ञों द्वारा डिज़ाइन किया गया है। 

व्हाइटहैट जूनियर (Whitehat Jr.)

व्हाइटहैट जूनियर 6 से 14 साल के बच्चों को आर्टिफिश्यल इंटैलिजेंस (एआई) कोर्स ऑफर करता है। इनके कोर्स की 4 कैटिगरी हैं, जिसमें पहला है बिगनर, इंटरमिडियेट, एडवांसड कोर्स और प्रौफेशनल कोर्स। यह ऑनलाइन प्लैटफॉर्म बच्चों को मज़ेदार तरीके से गेम, एनिमेशन, वेबसाइट और एप्लिकेशन बनाने की प्रोग्रामिंग सिखाता है। केवल एक साल में ही इस एप्प को 7,00,000 से अधिक छात्रों ने साइन-अप किया है।

- शैव्या शुक्ला







PUBG मोबाइल की जगह खेलें यह धांसू गेम्स

  •  शैव्या शुक्ला
  •  सितंबर 11, 2020   20:54
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PUBG मोबाइल की जगह खेलें यह धांसू गेम्स
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फ़ोर्टनाइट एक बहुत फेमस और दुनिया का सबसे बड़ा बैटल रॉयल गेम है। खेलने के लिए इसका मोबाइल वर्ज़न भी बहुत अच्छा है। इसका मेन और आकर्षित फीचर है- गेम के करैक्टर, जो खिलाड़ियों को काफी पसंद आता है।

जब से भारत में PUBG गेम बैन हुआ, गेमर्स को काफी निराशा हुई है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर लोगों ने इसके बैन पर काफी दुख जताया है और कई मीम्स भी शेयर किए हैं। लेकिन अब गेमर्स PUBG का बेहतर विकल्प ढूंढ रहें हैं। ऐसे में हम आपको ऐसे ही नए गेम्स के बार में बताने वाले हैं। यह गेम्स इन्गेजिंग तो हैं ही लेकिन साथ ही ग्राफिक्स के मामले में भी ये आपको निराश नहीं करेंगे। लेकिन इससे पहले हम आपको बता दें कि PUBG देश के सबसे लोकप्रिय मोबाइल गेम्स में से एक रहा है और यह 175 मिलियन से अधिक डाउनलोड किया गया था।

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तो चलिए जल्दी से जान लेते हैं कुछ मज़ेदार गेम्स के बारे में-

Call Of Duty-

कॉल ऑफ ड्यूटी पहले एफपीएस गेम्स में से है जिसमें गेमर्स खेलते हैं और इससे जुड़े रहते हैं। इसका मोबाइल वर्ज़न आपको ओरिजिनल गेम जैसा एक्सपीरियंस देता है। यह गेम टेंसेंट द्वारा डेवलप्ड है। इस सीओडी गेम में आपको बेहतरीन फीचर्स और रियलीस्टिक गेमप्ले का अनुभव मिलता है। गेम के अंदर चुनने के लिए काफी अलग-अलग मोड हैं। अन्य बैटल रॉयल गेम्स की तुलना में सीओडी अधिक रीफाइंड और फाइन-ट्यून गेम है, जो आपको पूरा मज़ा देगा।  

Last Day On Earth: Survival (By Kefir)

लास्ट डे ऑन अर्थ एक सर्वाइवल गेम है, जो कि केफिर द्वारा बनाया गया है। यह गेम  2027 की दुनिया पर आधारित है जहां एक इन्फैक्शन ने ह्युमन रेस को तबाह कर दिया है। 'I am Legend' फिल्म की तरह जो भी इस इन्फैक्शन से मरता है वो ज़ोमबी बन जाता है। इस गेम को गूगल प्ले स्टोर पर 50 मिलियन से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।  

Fortnite Battle Royale-

फ़ोर्टनाइट एक बहुत फेमस और दुनिया का सबसे बड़ा बैटल रॉयल गेम है। खेलने के लिए इसका मोबाइल वर्ज़न भी बहुत अच्छा है। इसका मेन और आकर्षित फीचर है- गेम के करैक्टर, जो खिलाड़ियों को काफी पसंद आता है। गेम में 100 प्लेयर्स को युद्ध के मैदान में कूदना पड़ता है ताकि वह लड़ सकें। खेलते वक्त ध्यान रखें कि यह गेम जीतना आसान नहीं है इसीलिए इसको खेलना शुरू करने के साथ ही इसे जीतने की तरकीब ना खोजें। 

Garena Free Fire-

Garena Free Fire भी PUBG Mobile जैसा ही गेम है, जो कि दुनियाभर में काफी पॉपुलर हुआ है। इस गेम की छोटी-छोटी दांव-पेच इसे और भी दिलचस्प बना देते हैं। यह खेलने में PUBG Mobile से अधिक आसान है। दुनिया में सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाल गेम है Garena Free Fire। इसे गूगल प्ले स्टोर पर 500 मिलियन से भी ज़्यादा डाउनलोड् किया जा चुका है। 

Battlelands Royale-

बैटललैंड्स रोयाल एक थर्ड-पर्सन बैटल रॉयल शूटर गेम है जो कि बड़ी योजना वाला गेम है। यह अन्य बैटल रॉयल गेम्स की तुलना में छोटा है। इस गेम में 32 प्लेयर्स 3-5 मिनट के लिए एक साथ बैटलफील्ड में उतरते हैं। यह गेम कभी-कभी PUBG Mobile की तुलना में अधिक अग्रेसिव हो जाता है। इसके मज़ेदार व सुपर सिंपल कंट्रोल्स, इसे मोबाइल का बेस्ट फ्री गेम बनाते हैं।

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Sniper 3D: Gun Shooting Games-

स्नाइपर 3डी: गन शूटिंग गेम्स एक फास्ट-पेस्ड मल्टीप्लेयर एफपीएस गेम है। इस गेम का अहम लक्ष्य है बढ़िया स्नाइपर बनना। प्लेयर्स चाहें तो फन अपग्रेड को अनलॉक कर सकते हैं और बेस्ट गन्स बना सकते हैं। एक्शन से भरपूर यह गेम फ्री ऑनलाइन व ऑफलाइन गेम मोड्स ऑफर करता है। इस गेम के 100 मिलियन से भी ज़्यादा डाउनलोड्स हैं गूगल प्ले स्टोर पर।

- शैव्या शुक्ला







डिजिटल इंडिया के सपने को साकार कर रहे हैं यह स्वदेशी ऐप्स

  •  शैव्या शुक्ला
  •  सितंबर 9, 2020   19:06
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डिजिटल इंडिया के सपने को साकार कर रहे हैं यह स्वदेशी ऐप्स
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कू एप्प एक माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म है जहां यूज़र्स भारतीय भाषाओं में न्यूज़ और अपने विचार एक दूसरे से शेयर और दूसरों से इंटरेक्ट भी कर सकते हैं। इस एप्प पर अपनी मातृभाषा में टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो के ज़रिये आपनी बात रखने की सुविधा मिलती है।

जब से नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से वह मन की बात करते हैं। और इसके ज़रिये अपनी बात कहते हैं और सुनते भी हैं। यह बात तो सभी ही जानते हैं कि हमारे प्रधानमंत्रीजी कितने टेक सैवी हैं। वह टेक्नोलॉजी को काफी पसंद करते हैं। और यही मुद्दा इस बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उठाया गया है। इस दौरान आज उन्होंने भारतीय एप्स का ज़िक्र किया और हमारी यूथ को कंप्यूटर गेम्स व एप्प बनाने के लिए प्रेरित भी किया व इस्तेमाल करने की भी सलाह दी। 

पीएम ने एप्प इन्नोवेशन चैलेंज की भी जानकारी दी। जिसमें दो दर्जन से ज्यादा एप्प बनाने वाले विजेताओं के बारे में बताया। इस एप्प चैलेंज में सोशल मीडिया, गेम्स कैटेगरी, एंटरटेनमेंट, ई-लर्निंग समेत 9 तरह की कैटेगरी शामिल थी। जिसमें से कुछ विजेता ऐप्स के नाम हैं- कैप्शनप्लस, मीम चैट, चिंगारी, लॉजिकली, हिट-विकेट, कुटिकी किड्स, स्टेपसेटगो, ज़ोहो इनवॉयस, हेलो इंग्लिश, आदि।

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चलिए विस्तार से जानते हैं कुछ ऐप्स के बारे में, जिन्हें सरकार ने विजेता घोषित किया है-

      

Kutuki App-

कुटुकि एप्प एक किड्स लर्निंग एप्प है, जहां बच्चे ऑनलाइन शिक्षा ले सकते हैं। ये छोटे बच्चों के लिए एक ऐसा इंटरएक्टिव एप्प है जिसमें गानों और कहानियों के ज़रिये बातों-बातों में ही मैथ्स और साइंस में बहुत कुछ सीख सकते हैं। इस एप्प में एक्टिविटीज के साथ-साथ खेल भी मौजूद है।

Chingari App-

इस एप्प की बात करें तो यह शॉर्ट वीडियो मेकिंग एप्प है, जो कि मेड इन इंडिया है। इस एप्प के इस्तेमाल से यूज़र्स एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग, फनी और एजुकेशनल विडियोज़ बना सकते हैं। टेक एक्सपर्ट के अनुसार भारत में यह एप्प टिक-टॉक को टक्कर दे रहा है। यह एप्प अंग्रेजी, हिंदी, बांग्ला, गुजरात, पंजाबी और मराठी समेत 11 भाषाएं सपॉर्ट करता है। गूगल प्ले स्टोर पर इसके 1 करोड़ से भी ज्यादा डाउनलोड्स हो चुके हैं।

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Step set go- 

जिन ऐप्स का ज़िक्र पीएम मोदी ने किया उनमें से एक है ‘स्टेप सेट गो’। यह एक फिटनेस एप्प है, जिसके ज़रिये आप कितना चले हैं, कितनी कैलोरी बर्न की, आदि का सारा हिसाब रख सकते हैं। साथ ही, ये एप्प आपको फिट रहने के लिये भी मोटीवेट करता है। आपको यह एप्प गूगल प्ले स्टोर पर आसानी से मिल जाएगी।  

Koo App-

कू एप्प एक माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म है जहां यूज़र्स भारतीय भाषाओं में न्यूज़ और अपने विचार एक दूसरे से शेयर और दूसरों से इंटरेक्ट भी कर सकते हैं। इस एप्प पर अपनी मातृभाषा में टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो के ज़रिये आपनी बात रखने की सुविधा मिलती है। जैसे कि टीवी न्यूज़ चैनल पर आपने लोगों को अपनी राय या बहस करते देखा है, ठीक वैसे ही यह काम करता है। आप विभिन्न शहरों व भाषा में अलग-अलग कैटगरी की न्यूज़ ले सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर इसके दस लाख से भी ज्यादा डाउनलोड्स हैं और इसे 4.7 रेटिंग भी मिली हुई है।

AskSarkar App-

पीएम मोदी ने आस्क सरकार एप्प के बारे में भी ज़िक्र किया। इस एप्प में चैट बोट के ज़रिये कोई भी व्यक्ति बात कर सकता है और सरकारी योजनाओं के बारे में सही जानकारी हासिल कर सकता है। इसमें यूज़र ऑडियो, टेक्स्ट और वीडियो सहित तीनों तरीकों से सरकारी योजनाओं के बारे में पूछ सकता है। इस एप्प में 12 से ज्यादा भारतीय मातृभाषा और कुछ विदेशी भाषाएं भी शामिल है। साथ ही, आप इस एप्प को फ्री में गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

- शैव्या शुक्ला