डिजिटल इंडिया के सपने को साकार कर रहे हैं यह स्वदेशी ऐप्स

  •  शैव्या शुक्ला
  •  सितंबर 9, 2020   19:06
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डिजिटल इंडिया के सपने को साकार कर रहे हैं यह स्वदेशी ऐप्स

कू एप्प एक माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म है जहां यूज़र्स भारतीय भाषाओं में न्यूज़ और अपने विचार एक दूसरे से शेयर और दूसरों से इंटरेक्ट भी कर सकते हैं। इस एप्प पर अपनी मातृभाषा में टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो के ज़रिये आपनी बात रखने की सुविधा मिलती है।

जब से नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से वह मन की बात करते हैं। और इसके ज़रिये अपनी बात कहते हैं और सुनते भी हैं। यह बात तो सभी ही जानते हैं कि हमारे प्रधानमंत्रीजी कितने टेक सैवी हैं। वह टेक्नोलॉजी को काफी पसंद करते हैं। और यही मुद्दा इस बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उठाया गया है। इस दौरान आज उन्होंने भारतीय एप्स का ज़िक्र किया और हमारी यूथ को कंप्यूटर गेम्स व एप्प बनाने के लिए प्रेरित भी किया व इस्तेमाल करने की भी सलाह दी। 

पीएम ने एप्प इन्नोवेशन चैलेंज की भी जानकारी दी। जिसमें दो दर्जन से ज्यादा एप्प बनाने वाले विजेताओं के बारे में बताया। इस एप्प चैलेंज में सोशल मीडिया, गेम्स कैटेगरी, एंटरटेनमेंट, ई-लर्निंग समेत 9 तरह की कैटेगरी शामिल थी। जिसमें से कुछ विजेता ऐप्स के नाम हैं- कैप्शनप्लस, मीम चैट, चिंगारी, लॉजिकली, हिट-विकेट, कुटिकी किड्स, स्टेपसेटगो, ज़ोहो इनवॉयस, हेलो इंग्लिश, आदि।

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चलिए विस्तार से जानते हैं कुछ ऐप्स के बारे में, जिन्हें सरकार ने विजेता घोषित किया है-

      

Kutuki App-

कुटुकि एप्प एक किड्स लर्निंग एप्प है, जहां बच्चे ऑनलाइन शिक्षा ले सकते हैं। ये छोटे बच्चों के लिए एक ऐसा इंटरएक्टिव एप्प है जिसमें गानों और कहानियों के ज़रिये बातों-बातों में ही मैथ्स और साइंस में बहुत कुछ सीख सकते हैं। इस एप्प में एक्टिविटीज के साथ-साथ खेल भी मौजूद है।

Chingari App-

इस एप्प की बात करें तो यह शॉर्ट वीडियो मेकिंग एप्प है, जो कि मेड इन इंडिया है। इस एप्प के इस्तेमाल से यूज़र्स एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग, फनी और एजुकेशनल विडियोज़ बना सकते हैं। टेक एक्सपर्ट के अनुसार भारत में यह एप्प टिक-टॉक को टक्कर दे रहा है। यह एप्प अंग्रेजी, हिंदी, बांग्ला, गुजरात, पंजाबी और मराठी समेत 11 भाषाएं सपॉर्ट करता है। गूगल प्ले स्टोर पर इसके 1 करोड़ से भी ज्यादा डाउनलोड्स हो चुके हैं।

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Step set go- 

जिन ऐप्स का ज़िक्र पीएम मोदी ने किया उनमें से एक है ‘स्टेप सेट गो’। यह एक फिटनेस एप्प है, जिसके ज़रिये आप कितना चले हैं, कितनी कैलोरी बर्न की, आदि का सारा हिसाब रख सकते हैं। साथ ही, ये एप्प आपको फिट रहने के लिये भी मोटीवेट करता है। आपको यह एप्प गूगल प्ले स्टोर पर आसानी से मिल जाएगी।  

Koo App-

कू एप्प एक माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म है जहां यूज़र्स भारतीय भाषाओं में न्यूज़ और अपने विचार एक दूसरे से शेयर और दूसरों से इंटरेक्ट भी कर सकते हैं। इस एप्प पर अपनी मातृभाषा में टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो के ज़रिये आपनी बात रखने की सुविधा मिलती है। जैसे कि टीवी न्यूज़ चैनल पर आपने लोगों को अपनी राय या बहस करते देखा है, ठीक वैसे ही यह काम करता है। आप विभिन्न शहरों व भाषा में अलग-अलग कैटगरी की न्यूज़ ले सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर इसके दस लाख से भी ज्यादा डाउनलोड्स हैं और इसे 4.7 रेटिंग भी मिली हुई है।

AskSarkar App-

पीएम मोदी ने आस्क सरकार एप्प के बारे में भी ज़िक्र किया। इस एप्प में चैट बोट के ज़रिये कोई भी व्यक्ति बात कर सकता है और सरकारी योजनाओं के बारे में सही जानकारी हासिल कर सकता है। इसमें यूज़र ऑडियो, टेक्स्ट और वीडियो सहित तीनों तरीकों से सरकारी योजनाओं के बारे में पूछ सकता है। इस एप्प में 12 से ज्यादा भारतीय मातृभाषा और कुछ विदेशी भाषाएं भी शामिल है। साथ ही, आप इस एप्प को फ्री में गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

- शैव्या शुक्ला







साल 2020 में यह रहे टॉप 5 मोबाइल एप्स

  •  मिथिलेश कुमार सिंह
  •  जनवरी 2, 2021   16:55
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साल 2020 में यह रहे टॉप 5 मोबाइल एप्स

मोबाइल की दुनिया में पब जी एक बेहद पॉपुलर गेमिंग एप है और जब उसे भी भारत में प्रतिबंधित किया गया, तो प्रसिद्ध अभिनेता अक्षय कुमार के साथ मिलकर एक भारतीय कंपनी ने फौजी एप (FAU-G) लाने की घोषणा की। फौजी यानी फीयरलेस एंड यूनाइटेड गार्ड्स।

जैसा कि हम सबको पता है कि मोबाइल ऐप्स की दुनिया में रोज कुछ ना कुछ नया आविष्कार किया जा रहा है।

चूंकि मोबाइल आज के समय में सर्वाधिक यूजर फ्रेंडली माना जाता है, इसलिए कंपनियों का ध्यान इसकी ओर कहीं ज्यादा है। हर कोई ऐसे समय में चाहता है कि जल्द से जल्द एक बढ़िया मोबाइल एप बनाकर मोबाइल की दुनिया में एक प्रॉफिटेबल बिजनेस बनाया जाए।

ज़ाहिर तौर पर ढेर सारे यूजर्स के साथ ढेर सारे पैसे कमाने का गणित हर किसी को दिख रहा है। ऐसे में 2020 भी इससे अछूता नहीं रहा।

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आइए जानते हैं कौन से वह एप्लीकेशंस थे, जिन्होंने 2020 में तहलका मचाया...

मितरों एप (Mitron- India's Original Short Video App | Indian)

जी हां! चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारत सरकार ने कई सारे चीनी एप्लीकेशन को भारत में प्रतिबंधित कर दिया। ऐसे में पॉपुलर शॉर्ट वीडियो ऐप टिक टॉक भी भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया।

निश्चित रूप से यह बेहद तेजी से पॉपुलर होने वाला ऐप था और इसकी पैरंट कंपनी बाईट डांस ने खूब कोशिश की कि भारत में उस पर से प्रतिबंध हटाया जाए, पर ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में भारत में मितरों नामक मोबाइल एप लांच हुआ, जो सबसे तेज गति से अधिक डाउनलोड होने का रिकॉर्ड बना गया। यहाँ भी टिक टॉक की तरह शार्ट वीडियो के ऑप्शन हैं, जिस पर छोटे वीडियो बनाकर लोग मनोरंजन कर सकते हैं।

डॉल्बी ऑन (Dolby On: Record Audio & Music)

म्यूजिक रिकार्ड करना, वीडियो बनाना आज के समय में आम बात हो गई है। लोगबाग़ वीडियो ऑडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट करते हैं। बल्कि यूं कहा जाए कि तमाम सोशल मीडिया इसी पर चलते हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी!

पर कई बार देखा गया है कि ऑडियो, म्यूजिक की क्वालिटी रिकॉर्डिंग में खराब हो जाती है। ऐसे में बेस्ट रिकॉर्डिंग और बेस्ट फील के लिए डॉल्बी ऑन एप्लीकेशन लॉन्च हुआ है। आप इसे इंस्टॉल कीजिए और फिर आप किसी दूसरे ऐप का इस्तेमाल शायद नहीं करें और इसका कारण यही है कि इसमें बेहतरीन क्वालिटी की ऑडियो, म्यूजिक आपको मिलती है।

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एक्शन ब्लॉक्स (Action Blocks)

गूगल द्वारा 2020 में लांच किया गया यह एक बेहद उपयोगी ऐप है। अक्सर हम अपने रूटीन को सिड्यूल करने के लिए विभिन्न तरह की कोशिशें करते रहते हैं और यह ऐप उसमें मददगार है। आप किसी भी कार्य की टू डू लिस्ट तैयार कर लें और फिर उसे होम स्क्रीन पर ब्लॉक के रूप में इंसर्ट कर सकते हैं। इसमें कोई भी काम हो सकता है, जैसे यूट्यूब देखने से लेकर, किसी फ्रेंड को कॉल करना या फिर किसी खास मीटिंग में जाना इत्यादि।

फौजी ऐप (FAU-G: Fearless and United Guards)

मोबाइल की दुनिया में पब जी एक बेहद पॉपुलर गेमिंग एप है और जब उसे भी भारत में प्रतिबंधित किया गया, तो प्रसिद्ध अभिनेता अक्षय कुमार के साथ मिलकर एक भारतीय कंपनी ने फौजी एप (FAU-G) लाने की घोषणा की। फौजी यानी फीयरलेस एंड यूनाइटेड गार्ड्स।

यह एप जल्द ही लांच होने वाला है और इसकी अच्छी खासी प्री-रजिस्ट्रेशन आ चुकी है। माना जा रहा है कि यह ऐप भी रिकॉर्ड तोड़ देगा।

गूगल पिक्सल बड्स (Google Pixel Buds)

गूगल इयरबड्स से कनेक्टिविटी के लिए और गूगल असिस्टेंट इत्यादि से आप को जोड़े रखने के लिए गूगल ने यह ऐप 2020 में लॉन्च किया है। आम तौर पर गूगल के प्रत्येक प्रोडक्ट की अपनी खासियत होती है और यह एप्लीकेशन भी इसी दिशा में एक कदम है। नोटिफिकेशन से लेकर बेहतरीन साउंड क्वालिटी के साथ आपको ना केवल कनेक्टिविटी में बनाए रखेगा बल्कि बैटरी की चार्जिंग स्टेटस भी आपके कानों को बताता रहेगा।

- मिथिलेश कुमार सिंह







प्रतिबंधित चीनी एप्स को भूल जायेंगे, शानदार विकल्प हैं मौजूद

  •  मिथिलेश कुमार सिंह
  •  जुलाई 1, 2020   22:05
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प्रतिबंधित चीनी एप्स को भूल जायेंगे, शानदार विकल्प हैं मौजूद

यूसी, सीएम, अपुस, डीयू नामक चीनी ब्राउजर्स प्रतिबंधित किये गए हैं और अगर आप इन्टरनेट इस्तेमाल करने में जरा भी दिलचस्पी लेते हैं तो आपको इनसे लाख दर्जा बेहतर गूगल क्रोम, इन्टरनेट ब्राउज़र, मोज़िला फायरफॉक्स प्रतीत होगा।

भारत के खिलाफ चीन की लगातार बदजुबानी और सीमा पर उसके दुस्साहस का भारत ने हर स्तर पर जवाब देना शुरू कर दिया है। 

सीमा पर तो भारतीय जवानों ने कुत्सित चीनी मानसिकता को सबक सिखलाया ही, साथ में आर्थिक और तकनीक के मोर्चे पर भी भारत सरकार ने 59 चाइनीज ऐप प्रतिबंधित करके चीन के नीति-निर्माताओं को आईना दिखला दिया है। कुछ ही दिनों पहले की बात है, जब सरकारी चीनी मीडिया यह कहते न थकती थी कि भारतीय चीनी उत्पादों के आदी हो चुके हैं और शोर मचाने से ज्यादा वह कुछ कर नहीं पाएंगे।

समझना मुश्किल है कि बड़े बड़े दावे करने वाले लोग अब भला डब्ल्यूटीओ की दुहाई कैसे दे रहे हैं?

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ऐसे लफ्फाजों को अब जवाब भी मिल चुका होगा और ख़ास बात यह है कि चीनी ऐप्स पर वर्तमान में लगा प्रतिबन्ध आईएसपी, अर्थात इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लेवल पर लगा है। मतलब साफ़ है कि अब कोई भी इन बैन किये गए ऐप का किसी स्तर पर प्रयोग नहीं कर सकेगा।

अगर आप भी इन ऐप्स का प्रयोग अब तक करते आये हैं तो यह सोचकर कतई परेशान न हों कि अब आप भला इनके बदले कौन से ऐप प्रयोग करेंगे?

सच तो यह है कि इनसे बेहतर ऐप्स आज बाज़ार में मौजूद हैं, जो चाइनीज ऐप्स से बेहतर रेस्पोंस देने में पूरी तरह से सक्षम हैं। आइये देखते हैं...

सबसे पहले बात करते हैं ब्राउजर्स की

इस केटेगरी में यूसी, सीएम, अपुस, डीयू नामक चीनी ब्राउजर्स प्रतिबंधित किये गए हैं और अगर आप इन्टरनेट इस्तेमाल करने में जरा भी दिलचस्पी लेते हैं तो आपको इनसे लाख दर्जा बेहतर गूगल क्रोम, इन्टरनेट ब्राउज़र, मोज़िला फायरफॉक्स प्रतीत होगा। यूसी इत्यादि ब्राउज़र पहले से ही स्पैमिंग और डाटा चोरी के लिए बदनाम रहे हैं तो फिर देर किस बात की। निकाल फेंकिये इनको फोन से बाहर और आजमाइए दिए गए विकल्प।

इसी प्रकार फाइल ट्रान्सफर को लेकर शेयरइट, जेंडर, वॉल्ट नामक चीनी ऐप्स बैन किये गए हैं तो इसके विकल्प के रूप में फाइल ट्रान्सफर , फाइल्स गो, गूगल, हाईड फाइल मैनेजर के विकल्प आजमायें।

क्लब फैक्ट्री, शेन, रोमवे नामक चीनी ऐप शॉपिंग के लिए जाने जाते हैं तो इसके लिए भला हम क्या बताएं, आप स्वयं ही फ्लिप्कार्ट, मिन्त्रा, स्नेपडील, अमेज़न इत्यादि को जानते हैं।

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इसी प्रकार यूकैममेकअप, ब्यूट्री प्लस, सेल्फी सिटी जैसे चाइनीज एप्स का स्नेपचैट या फिर जीकैम या ओपन कैमरा बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं तो वी सिंक, ईएस फाइल एक्स्प्लोरर का गूगल और फाइल्स गो नामक सॉफ्टवेयर बेहतर विकल्प बन सकते हैं।

कैम स्कैनर नामक चीनी ऐप भी काफी इस्तेमाल होता रहा है, किन्तु उसके विकल्प के रूप में आप माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस लेंस, एडोबी स्कैन का इस्तेमाल करें।

ऐसे ही बैदू ट्रांसलेट का गूगल ट्रांसलेट और माइक्रोसॉफ्ट ट्रांसलेट से रिप्लेसमेंट किया जा सकता है।

चीनी ऐप न्यूज में भी घुसे हुए हैं जैसे न्यूज़डॉग, यूसी इत्यादि तो इसके लिए इनशोर्ट्स से बेहतर भला और क्या हो सकता है!

वी चैट, क्यूक्यू इंटरनेशनल इत्यादि के बेहतर विकल्प के रूप में पहले से ही व्हाट्सअप, टेलीग्राम, हाइक इत्यादि मौजूद हैं।

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बैदू मैप्स से लाख गुना बेहतर गूगल मैप्स है।

वीडियो ऐप्स में ज़रूर बिगो लाइव, विवा वीडियो, वीमेट, यूवीडियो इत्यादि ऐप पॉपुलर हैं, किन्तु सच यह है कि इन्स्टाग्राम टीवी, यूट्यूब और स्नेपचैट इनसे लाख गुना बेहतर हैं।

वीडियो कॉल्स के आप्शन में गूगल डुओ पहले से मौजूद है।

कैमरा ऐप्स जिसमें मीतु, वंडर कैमरा, फोटो वंडर, स्वीट सेल्फी इत्यादि चीनी ऐप हैं, जिसके विकल्प में स्नेपचैट, जीकैम, ओपन कैमरा इत्यादि मौजूद हैं।

टिकटोक के विकल्प में चिंगारी और मितरों ऐप पहले से ही पॉपुलर हो रहे हैं तो फिर देर किस बात की?

हटाइए चीनी ऐप और इस्तेमाल करें उनके विकल्प में मौजूद दूसरे ऐप्स!

- मिथिलेश कुमार सिंह







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