विजयवाड़ा का मां भवानी टापू खींचता है पर्यटकों को अपनी ओर

By प्रीटी | Publish Date: Jul 30 2019 4:38PM
विजयवाड़ा का मां भवानी टापू खींचता है पर्यटकों को अपनी ओर
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मां भवानी टापू भी आप देखने जा सकते हैं। कृष्णा के उद्गम की ओर प्रकाशम बांध के पास भवानी टापू फैला हुआ है। यह मनोहारी टापू किसी भी पर्यटक का दिल जीत लेने में सक्षम है। प्रकाशम बांध की भी अलग ही बात है। कृष्णा नदी पर स्थित 1,223.5 मीटर लंबा यह बांध न केवल विजयवाड़ा बल्कि भारत का भी एक लैंडमार्क है।

आंध्र प्रदेश में बहने वाली भारत की विख्यात नदी कृष्णा और इसकी सहायक बुडमेरू नदी के बीच के क्षेत्र में विजयवाड़ा शहर कई किवदंतियों को अपने में समेटे हुए है। यह सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक चिंतन का केंद्र भी माना जाता है। यहां के लोग तेलुगू भाषा बोलते हैं।


यहां के दर्शनीय स्थलों की बात करें तो सबसे पहला नाम गांधी हिल का आता है। इस पहाड़ी के शिखर पर 15.8 ऊंचा गांधी स्तूप खड़ा है जो विजयवाड़ा का सबसे ऊंचा स्थल है। इसे 1968 में बनाया गया था। अन्य देखने योग्य स्थलों में गांधी मेमोरियल लाइब्रेरी, तारामंडल, टॉयट्रेन हैं जो गांधी पहाड़ी के किनारे−किनारे स्थित हैं। पहाड़ी के शिखर पर चढ़ कर पूरे विजयवाड़ा शहर को देखने का लुत्फ भी आप उठा सकते हैं।
भोगल राजपुरम गुफा भी देखने योग्य है। यहां तीन मनमोहक गुफाएं हैं जिनका संबंध 5वीं शताब्दी से है। एक गुफा को तो बहुत ही अच्छे ढंग से पुनर्जीवित किया गया है जहां नटराज, विनायक और अर्द्धनारीश्वर की मूर्तियां हैं। दूसरी गुफा उनडावल्ली है जो विजयवाड़ा से आठ किलोमीटर दूर है। यहां 7वीं शताब्दी में एक ही पत्थर पर खोद कर बनाई गई भगवान श्रीविष्णु की विशाल आकृति है। वह सोए हुए अवस्था में हैं।


मां भवानी टापू भी आप देखने जा सकते हैं। कृष्णा के उद्गम की ओर प्रकाशम बांध के पास भवानी टापू फैला हुआ है। यह मनोहारी टापू किसी भी पर्यटक का दिल जीत लेने में सक्षम है। प्रकाशम बांध की भी अलग ही बात है। कृष्णा नदी पर स्थित 1,223.5 मीटर लंबा यह बांध न केवल विजयवाड़ा बल्कि भारत का भी एक लैंडमार्क है। प्रकाशम बांध से तीन नहरें निकाली गई हैं जो विजयवाड़ा से होकर गुजरती हैं और उसे इटली के वेनिस शहर सा रूप प्रदान करती हैं। 
 
अगर आपको आसमान में उड़ते, हवा में कलाबाजी करते और धरती की ओर गोते लगाते रंग−बिरंगे सुंदर पक्षियों को देखने का शौक है तो आपका यह शौक कोलेरू झील पर पूरा हो सकता है। कोलेरू झील विविध रंगों और जातियों के पक्षियों की आरामगाह है। इस झील का पानी भी मीठा है।
यदि आपको खरीददारी करनी है तो आप मछलीपट्टनम जा सकते हैं। आप यहां बहुत सी घरेलू चीजों की खरीददारी आराम से कर सकते हैं। यहां पर पास ही में मैंगीनपुडी बीच है जोकि पर्यटकों और गोताखोरों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
 
विजयवाड़ा जाएं तो अमरावती की सैर करना नहीं भूले। हैदराबाद से विजयवाड़ा 275 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां के निकटतम हवाई अड्डे हैदराबाद और विशाखापट्टनम हैं। हैदराबाद, चेन्नई, विशाखापट्टनम आदि से यहां के लिए यातायात की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। स्थानीय परिवहन सेवाओं में टैक्सी, बस सेवाएं, आटोरिक्शा आदि की अच्छी सुविधा है।
 
- प्रीटी
 

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