उत्तराखंड के चकराता में है असली प्राकृतिक सुंदरता, आकर तो देखें

By रेनू तिवारी | Publish Date: Jun 7 2018 4:15PM
उत्तराखंड के चकराता में है असली प्राकृतिक सुंदरता, आकर तो देखें

प्रकृति की वास्तविक सुंदरता से लबालब चकराता एक छावनी क्षेत्र है। यहां की खूबसूरती आपके मन में बस जाएगी। यह क्षेत्र 24 घंटे सेना की देखरेख में रहता है। यहाँ किसी भी विदेशी यात्री का आना सख्त मना है।

प्रकृति की वास्तविक सुंदरता से लबालब चकराता एक छावनी क्षेत्र है। यहां की खूबसूरती आपके मन में बस जाएगी। यह क्षेत्र 24 घंटे सेना की देखरेख में रहता है। यहाँ किसी भी विदेशी यात्री का आना सख्त मना है। टौंस नदी और यमुना नदी के बीच बसा यह क्षेत्र, ब्रिटिश इंडियन आर्मी का छावनी क्षेत्र हुआ करता था।

आधुनिक सुख सुविधाओं से परे है चकराता
चकराता की खासियत यह है कि यह शहर अब तक आधुनिक सुख सुविधाओं से परे है। सबसे कम जनसंख्या वाले इस क्षेत्र में आपको रहने के लिए होटल भी गिने चुने, 2 या 4 ही मिलेंगे। सेना की कड़ाई के वजह से भी इस क्षेत्र की खूबसूरती अब तक अनदेखी खूबसूरतियों में से एक है। उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा पर बसे होने के कारण चकराता की संस्कृति में हिमाचली संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जौनसार-बावर क्षेत्र में बंटे चकराता के लोग बाहर से आने वाले की आव-भगत में कोई कसर नहीं छोड़ते।
 
भारी बर्फबारी


समुद्रतल से 2270 एमटीएस ऊंचाई पर स्थित चकराता देहरादून जिले की सबसे खूबसूरत जगह के रूप में जाना जाता है। यहां भारी बर्फबारी होती है। जिसके चलते यहां सैलानियों का जमावड़ा लगता है। चकराता जाने के लिए अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर का समय बेहतर है।
 
टाइगर फॉल
घूमने के लिहाज से चकराता से करीब 17 किमी की दूरी पर टाइगर फॉल बेहद सुंदर जगह है। यह फॉल इतना सुंदर है कि यहां से वापस आने का ही मन न करे। टाइगर फॉल तक पहुंचने के लिए आपको सड़क से करीब डेढ़ किमी पैदल खड़ी ढलान पर उतरना होगा। सड़क पर ही आपको यहां आसपास के गांवों के बच्चे मिल जाएंगे जो आपका सामान ढोने के लिए तत्पर रहते हैं। 100-200 रुपये में वे आपको वापस सड़क तक पहुंचा जाते हैं।
 
ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए बेस्ट


चकराता अपने शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह नगर देहरादून 98 किलोमीटर दूर है। चकराता प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग में रुचि लेने वालों के लिए एकदम उपयुक्त स्थान है। यहाँ के सदाबहार शंकुवनों में दूर तक पैदल चलने का अपना ही मजा है।
 
बूढ़ेर
चकराता के पास ही बूढ़ेर है ये घास का बड़ा मैदान है। ये जगह ठंड के समय बर्फ से ढंक जाती है यहा आप ठंड के खेलों का भी आनंद उठा सकते है... यह मैदान देवदार के घने जंगलों से घिरा हुआ है जो एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक है।
 


चिरमिरी 
चिरमिरी चकराता मार्केट से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। यह क्षेत्र सूर्यास्त के नज़ारे का सबसे उत्तम दृश्य का अनुभव कराता है।
 
कैसे जाएं
दिल्ली और उत्तराखंड के कई मुख्य क्षेत्रों से चकराता तक के लिए कई बसों की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। आप अपनी गाड़ी से भी चकराता जा सकते हैं... अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो देहरादून रेलवे स्टेशन तक जा सकते हैं।
 
-रेनू तिवारी

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