भारत में 2000 साल पुराना है चाय पीने का इतिहास, आज जानिए कुछ बेहतरीन टी−गार्डन के बारे में

  •  मिताली जैन
  •  नवंबर 23, 2020   19:58
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भारत में 2000 साल पुराना है चाय पीने का इतिहास, आज जानिए कुछ बेहतरीन टी−गार्डन के बारे में

दार्जिलिंग दुनिया में सबसे बेहतरीन चाय बनाने के लिए जाना जाता है, जिसमें एक अनोखा स्वाद और सुगंध होता है। यह क्षेत्र हिमालय के पास स्थित है। दार्जिलिंग में वर्तमान में 87 चाय बागान हैं, जो करीबन 19,000 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले हैं।

भारत में चाय कई मायनों में महत्वपूर्ण है। दिन की शुरूआत से लेकर मेहमानों की आव−भगत इसी चाय के माध्यम से ही की जाती है। वैसे चाय को भारत में पिछले 2000 सालों से पिया जा रहा है। करीबन 2000 साल पहले बौद्ध भिक्षु चाय की पत्तियों को चबाते थे ताकि वे अपनी तपस्या को आसानी से कर पाएं। इसके बाद 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पहला चाय का बागान शुरू किया गया। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादकों में से एक है और इसकी 70 प्रतिशत से अधिक चाय भारत के भीतर ही पी जाती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको भारत के कुछ बेहतरीन टी−गार्डन के बारे में बता रहे हैं−

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दार्जिलिंग

दार्जिलिंग दुनिया में सबसे बेहतरीन चाय बनाने के लिए जाना जाता है, जिसमें एक अनोखा स्वाद और सुगंध होता है। यह क्षेत्र हिमालय के पास स्थित है। दार्जिलिंग में वर्तमान में 87 चाय बागान हैं, जो करीबन 19,000 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले हैं। इसमें लगभग 52,000 दैनिक श्रमिक वहाँ कार्यरत हैं। मार्च से नवंबर तक प्लकिंग सीजन के दौरान, अतिरिक्त 15,000 प्लकर प्लांटेशन में लगाए जाते हैं। 

असम 

जब भारत के चाय के बागानों की बात हो और असम का नाम ना लिया जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। असम का क्षेत्र दुनिया में चाय के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। यहां पर हर साल चाय के बागानों में सामूहिक रूप से 1.5 मिलियन पाउंड से अधिक चाय की पैदावार होती है। वास्तव में, असम और दक्षिणी चीन एकमात्र ऐसे स्थान हैं जहां देशी चाय के पौधे हैं। असम में, आप हूलॉक गिब्बन, रेड−हेडेड वल्चर, और एक सींग वाले राइनो जैसे जानवरों को भी देखेंगे। समुद्र से महज 45−60 मीटर की ऊंचाई पर चाय असम में उगाई जाती है।

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मुन्नार

मुन्नार में दुनिया के सबसे ऊंचे चाय के बागान मौजूद हैं, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। अगर आप मुन्नार जा रहे हैं तो यकीन मानिए यहां पर आपको चाय पीने के साथ−साथ चाय के बागानों में घूमकर एक अलग ही अनुभव प्राप्त होगा।

इसके अलावा आप तमिलनाडु के नीलगिरी हिल्स, पश्चिम बंगाल क्षेत्र में डूआर्स−तराई और हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा में भी आप कुछ बेहतरीन चाय के बागान देख सकते हैं।

मिताली जैन







शिवभक्त हैं तो भारत के इन मंदिरों के जरूर करें दर्शन

  •  मिताली जैन
  •  अक्टूबर 2, 2020   19:06
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शिवभक्त हैं तो भारत के इन मंदिरों के जरूर करें दर्शन

लिंगराज मंदिर ओडिशा में भुवनेश्वर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। कलिंग शैली की वास्तुकला का एक अद्भुत चमत्कार, लिंगराज का शानदार मंदिर भगवान हरिहर के समर्पण में बनाया गया है, जो भगवान शिव के एक अवतार के रूप में जाने जाते हैं।

भारत के हर राज्य में आपको कई मंदिर देखने को मिलेंगे। कश्मीर की उत्तरी घाटियों से लेकर तमिलनाडु के दक्षिणी तटों तक, आपको पूरे कस्बों और शहरों में कई मंदिर मिलेंगे। अगर यह कहा जाए कि यहां हर मोड़ पर एक मंदिर है, तो गलत नहीं होगा। भारत की आस्था व यहां के मंदिर दूर−दूर से श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच लाते हैं। वैसे तो हर मंदिर की अपनी एक अलग खासियत है, लेकिन भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जो पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित हैं। ऐसे में शिव भक्तों को इन मंदिरों के दर्शन जरूर करने चाहिए। तो चलिए आज हम आपको भारत में मौजूद कुछ शिव मंदिरों के बारे में बता रहे हैं−

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लिंगराज मंदिर

लिंगराज मंदिर ओडिशा में भुवनेश्वर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। कलिंग शैली की वास्तुकला का एक अद्भुत चमत्कार, लिंगराज का शानदार मंदिर भगवान हरिहर के समर्पण में बनाया गया है, जो भगवान शिव के एक अवतार के रूप में जाने जाते हैं। भले ही यह मंदिर शुरू में सोमवंशी वंश के शासकों द्वारा स्थापित किया गया था, लेकिन बाद में इसे पुनर्निर्मित किया गया और गंगा वंश के शासकों द्वारा थोड़ा संशोधित किया गया। 

दक्षेश्वर महादेव मंदिर

दक्षेश्वर महादेव मंदिर वर्ष 1810 में दनकौर की रानी द्वारा स्थापित किया गया था। यह बालद्वार से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का नाम देवी सती के पिता के नाम पर रखा गया है। वर्ष 1962 में इसका जीर्णोद्धार भी किया गया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर इस आकर्षक मंदिर में एक महान उत्सव मनाया जाता है।

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अन्नामलाईयार मंदिर

अन्नामलाईयार मंदिर तिरुवनमलाई में स्थित है और तमिलनाडु में प्रसिद्ध शिव मंदिरों की सूची में सबसे ऊपर आता है। इस मंदिर की वास्तुकला हर किसी को बेहद आकर्षित करती है। यह तमिल क्षेत्र के कई शास्त्रों के लिए भी एक प्रेरणा है और अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि एक ही दिन में पांच अनुष्ठान होते हैं। इस मंदिर में जाने का सबसे अच्छा समय कार्तिगई दीपम त्योहार के समय का है।

भवनाथ महादेव मंदिर

गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित, यह मंदिर हिंदू धर्म के साथ−साथ जैन धर्म के लोगों के लिए मुख्य स्थानों में से एक है। इस मंदिर का एक मुख्य आकर्षण भवनाथ मेला है। यहां पर नागा साधुओं की उपस्थिति और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपको इस मेले के समय यहां रहना चाहिए।

मिताली जैन







भारत के इन ऐतिहासिक स्थलों की बात है निराली, जानिए आप भी

  •  मिताली जैन
  •  सितंबर 28, 2020   21:21
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भारत के इन ऐतिहासिक स्थलों की बात है निराली, जानिए आप भी

आगरा का ताजमहल किसी पहचान का मोहताज नहीं है। दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र है। उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित ताजमहल को देखने के लिए लोग दूर−दूर से आते हैं।

भारत का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है। यहां पर आपको भव्य महल से लेकर प्राचीन किले और राजसी संरचनाएं पूरी दुनिया के आकर्षण का केन्द्र है। भारत का अपना एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसकी झलक आज भी देखी जा सकती है। भारत के इतिहास को करीब से देखने और जानने के लिए लोग विदेशों से यहां आते हैं। तो चलिए आज हम आपको भारत के कुछ ऐतिहासिक स्थलों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको एक बार जरूर देखना चाहिए−

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ताजमहल, आगरा

आगरा का ताजमहल किसी पहचान का मोहताज नहीं है। दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र है। उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित ताजमहल को देखने के लिए लोग दूर−दूर से आते हैं। वैसे तो ताजमहल बनने के बाद बहुत से लोगों ने इसे बनाने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह से कोई भी कामयाब नहीं हो पाया। इस भव्य सफेद संगमरमर की सरंचना को 1632 में शाहजहां द्वारा अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया गया था। इस शानदार इमारत को बनने में करीबन 22 साल लग गए थे।

आगरा का किला

अगर आप मुग़ल काल के समृद्ध इतिहास की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आगरा के किले को देखें। यह भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थानों में से एक है जो पूरी तरह से लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। 1565 में अकबर द्वारा निर्मित, भारत के इस ऐतिहासिक पर्यटन स्थल में दो सजावटी द्वार हैंः अमर सिंह गेट और दिल्ली गेट। आप प्रवेश द्वार, दरबार, मार्ग, महल और मस्जिदों से भरे एक प्राचीन शहर को देखने के लिए केवल अमर सिंह गेट से प्रवेश कर सकते हैं। यह आगरा में घूमने के लिए सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है।

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हुमायूं का मकबरा

भारतीय और फारसी वास्तुकला का एक सुंदर संश्लेषण, हुमायूँ का मकबरा भारत में सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। हुमायूँ की पत्नी हमीदा बानू बेगम ने 15 वीं शताब्दी में अपने पति के लिए इस मकबरे का निर्माण शुरू किया। धनुषाकार एल्कॉवर्स, सुंदर गुंबद, विस्तृत गलियारे और कियोस्क− सभी इस स्मारक को भारतीय वास्तुकला की भव्यता बनाते हैं। मुख्य मकबरे के दक्षिण−पश्चिम की ओर एक नाई का मकबरा भी है। यह दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां आपको निश्चित रूप से जाना चाहिए।

हवा महल, जयपुर

हवा महल की संरचना आज भी हर किसी को अंचभित करती है। यह अपनी 953 खिड़कियों के साथ मधुमक्खी के छत्ते की तरह दिखता है। इसे महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने बनाया था, जो भगवान कृष्ण के एक प्रमुख भक्त थे। यह जयपुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। इस महल को दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के रूप में जाना जाता है, जिसकी कोई नींव नहीं है। महल घुमावदार है लेकिन फिर भी इसकी पिरामिड आकार के कारण मजबूती से खड़ा है। यह माना जाता था कि यह इमारत इसलिए बनाई गई थी ताकि शाही महिलाएं बाहर देख सकें, क्योंकि उस समय परदा प्रथा थी। 

मिताली जैन







आनंद की अनुभूति के साथ दिल और दिमाग़ को सूकून देती है यात्रा

  •  जेपी शुक्ला
  •  जून 22, 2020   17:12
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आनंद की अनुभूति के साथ दिल और दिमाग़ को सूकून देती है यात्रा

वास्तव में यात्रा का अभिप्राय और प्रयोजन भिन्न भिन्न होते हैं। किसी को प्रकृति की छटा और खूबसूरती आकर्षित करती है तो किसी को धार्मिक स्थल की पावन भूमि। और सच कहूँ तो बच्चों को तो सबसे अधिक आनंद मिलता है।

यात्रा का आनंद और उस आनंद की अनुभूति वाकई में दिल को कितना आनंदित कर देती है। चाहे कोई पर्यटन स्थल हो, कोई धार्मिक स्थल हो या किसी समारोह में सम्मिलित होने का अवसर- इन सबका आनंद कमोवेश एक जैसा ही होता है। कई दिनों पहले से इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। वास्तव में यात्रा का अभिप्राय और प्रयोजन भिन्न भिन्न होते हैं। किसी को प्रकृति की छटा और खूबसूरती आकर्षित करती है तो किसी को धार्मिक स्थल की पावन भूमि। और सच कहूँ तो बच्चों को तो सबसे अधिक आनंद मिलता है। हमारी यात्रा आरंभ तो बाद में होती है लेकिन गंतव्य का दृश्य और उसकी कल्पना हमारे मन मस्तिष्क पर पहले ही अंकित हो जाती है और तभी तो हमारी यात्रा और कार्यक्रम सफल होंगे। वैसे स्टीफ़न कूवे ने सच में बहुत ही ख़ूबसूरत लिखा है “Begin with the end in mind”।

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नैसर्गिक सुख 

पहाड़ों पर जमीं बर्फ की परत हो, झूमते लहराते देवदार के वृक्ष हों, कल-कल बहते झरनों का मादक संगीत हो या फिर चोटियों को चूमते नटखट बादलों का झुण्ड हो- क्या आपने कभी सोचा है की मन कितना पुलकित हो उठता है, मात्र कल्पना से ही। शाम की सुरमयी बेला हो, सूरज की लालिमा में पूरी कायनात ओतप्रोत हो और पक्षियों के कलरव से पूरा वातावरण संगीतमय हो- ऐसे में भला कौन होगा जो मंत्रमुग्ध और आह्लादित नहीं हो जायेगा। हम कुछ पलों के लिए भूल जाते हैं कि हमारा रोज़मर्रा का जीवन कितना बोझिल और भागदौड़ वाला था। और सच मानिये तो हमारी यात्रा का प्रयोजन भी यही होता है कि हम अपने दैनिक जीवन की आपाधापी से थोड़ा मुक्त हो जाएं और कहीं स्वछन्द और उन्मुक्त होकर जीवन के कुछ पल का भरपूर आनंद लें। दूर हो जाएं कुछ दिन के लिए उन समस्त अवांछनीय भय और चिंता के पलों से। और सही भी है- हम सभी लोग अपने लैपटॉप या कंप्यूटर को तो रिफ्रेश करते रहते है। उसे भी तो कुछ पल चाहिए जब उसे थोड़ा आराम मिले। ठीक इसी प्रकार हमें अपने मस्तिष्क, शरीर और मन को  समय समय पर रिफ्रेश करते रहना चाहिए, इससे हमारा न सिर्फ बौद्धिक और शारीरिक विकास होगा बल्कि हमें एक नयी ऊर्जा और स्फूर्ति मिलती रहेगी। और मनवांछित स्थल और खूबसूरत पर्यटन जगह का भ्रमण करना इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।

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अगर हम भारत की बात करें तो यहां पर 10 ऐसे खूबसूरत हिल स्टेशंस हैं जहां पर हम परिवार के साथ जाकर कुदरत की खूबसूरती का लुत्फ़ उठा सकते हैं और पूर्णतया तरोताज़ा हो सकते हैं: 

1. गुलमर्ग, जम्मू एंड कश्मीर

2. नैनीताल, उत्तराखंड

3. मनाली, हिमाचल प्रदेश

4. मसूरी, उत्तराखंड

5. दार्जीलिंग, पश्चिम बंगाल

6. शिलांग, मेघालय

7. बिनसर, उत्तराखंड

8. गंगटोक, सिक्किम

9. कोडाइकनाल, तमिलनाडु

10.तवांग, अरुणाचल प्रदेश

इसके अतिरिक्त और भी कई सारे रमणीक दर्शनीय स्थल हैं, जिनकी खूबसूरती को कैद किया जा सकता है, जो निःसंदेह आपके दिल और दिमाग पर अमिट और अविस्मरणीय छाप छोड़ देंगी। बशर्ते आप प्रकृति प्रेमी हैं।

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और जो प्रकृति प्रेमी नहीं हैं, हालांकि ऐसे बहुत कम लोग ही होंगे, और जिनका झुकाव धार्मिक स्थल और अध्यात्म की तरफ जाता है या फिर जो वास्तु और कला प्रेमी हैं, वो अपनी मनचाही जगह जाकर अपने आपको तरोताज़ा यानी रेफ्रेश कर सकते हैं। भारत वर्ष में ऐसे बहुत सारे धार्मिक स्थल और अद्भुत कलाकृतियों से सुसज्जित मंदिर और पुरातत्व धरोहर हैं जिनके दर्शन करने दुनिया भर से श्रद्धालु  आते हैं और मनवांछित फल प्राप्त करते हैं। कुछ प्रमुख स्थल इस प्रकार हैं:

1. लालकिला, नई दिल्ली 

2. ताजमहल, आगरा

3. पावन नगरी बनारस

4. हरमिंदर साहेब स्वर्ण मंदिर, अमृतसर

5. स्वर्ण नगरी, जैसलमेर

6. गेटवे ऑफ़ इंडिया, मुंबई

7. मक्का मस्जिद, हैदराबाद

8. आमेर फोर्ट, जयपुर

9. गोवा के बीचेज़ 

10. पेरियार नेशनल पार्क एंड वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, मदुरई 

11. आगरा फोर्ट, आगरा

12. एल्लोरा केव्स, औरंगाबाद

13. मेहरानगढ़ फोर्ट, जोधपुर

14. मैसूर पैलेस

15. महाबोधि मंदिर, बोधगया 

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इसके अलावा भी भारत में अनेक ऐसे धार्मिक स्थल, मंदिर और सांस्कृतिक धरोहर हैं जहां पर जाया जा सकता है और दर्शन किया जा सकता है। इससे न केवल हमारा ज्ञानार्जन होता है अपितु हमें अपनी संस्कृति, सभ्यता और प्राचीन कला कृतियों की जानकारी मिलती है।

अंततः, यात्रा चाहे छोटी हो या लम्बी, हमें कुछ पलों के लिए वो सुख और शांति ज़रूर प्रदान कर देती है जो हम सबको आज के व्यस्त जीवन में नितांत आवश्यक है। ज़रुरत है हमें खुद को समय-समय पर रिफ्रेश करते रहने की। आइये चंद कदम उस दिशा की तरफ बढ़ाते हैं।

- जेपी शुक्ला







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