पर्यटन के दौरान इन बातों का रखेंगे ध्यान तो सैर-सपाटे का मजा दोगुना हो जायेगा

  •  प्रीटी
  •  नवंबर 4, 2020   15:50
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पर्यटन के दौरान इन बातों का रखेंगे ध्यान तो सैर-सपाटे का मजा दोगुना हो जायेगा

सफर के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति से मेलजोल नहीं बढ़ाना चाहिए और यदि कोई आपसे मेलजोल बढ़ाना चाहे तो आप उसे ज्यादा करीब न आने दें, उसकी दी हुई चीज भी न खाएं, न ही उसे अपने परिवार या आप जहां जा रहे हैं, वहां पर कहां ठहर रहे हैं, इस बारे में कोई जानकारी दें।

सैरसपाटे के दौरान सुरक्षा का सवाल बहुत अहम होता है। खासतौर से यह उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब चारों ओर असुरक्षा, अनिश्चितता का माहौल व्याप्त हो और कभी भी, कहीं भी अराजकता जैसी स्थितयिां पैदा हो सकती हों। पर्यटन के लिए घर से निकलते ही कदम−कदम पर असुरक्षा की स्थितियां सामने आ सकती हैं लेकिन यदि सतर्कता तथा सावधानी बरती जाए तो किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सकता है और अपने सफर को सुखद बनाया जा सकता है।

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आपको सबसे पहला यह कार्य करना चाहिए कि आप जिस जगह घूमने जा रहे हों, वहां के बारे में पर्याप्त जानकारी एकत्र कर लें। कभी भी बैमोसम घूमने का कार्यक्रम न बनाएं। आपको जब भी जाना हो, उससे कम से कम एक माह पूर्व रेलवे या हवाई टिकट आरक्षित कर लें। प्रतीक्षा सूची के भरोसे न रहें। खासकर रेलवे सफर में यदि आपके पास प्रतीक्षा सूची का टिकट है तो आपकी यात्रा काफी दुखदायी हो जाएगी और सफर का मजा किरकिरा हो जाएगा।

महिलाओं को चाहिए कि हो सके तो अकेली जाने का कार्यक्रम न ही बनाएं। यदि घर परिवार से कोई चलने के लिए राजी न हो तो किसी निकट रिश्तेदार या फिर सहेली से भी संपर्क किया जा सकता है। अकेले भ्रमण के दौरान खतरा बना रहता है। आप जहां अकेली जा रही हैं, यदि वहां कानून−व्यवस्था की स्थिति लचर हुई तो इसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है।

आप जिस शहर में जा रहे हैं वहां पहले ही होटल में अपना कमरा आरक्षित करवा लें जिससे आपको न तो बाद में होटल की तलाश में भटकना पड़े और न ही दलालों की चिकचिक से न जूझना पड़े। ध्यान रखें कि यदि आप किसी अनजान स्थल पर पहुंच कर आटोरिक्शा या टैक्सी वाले से किसी अच्छे होटल में ले चलने के लिए कहेंगे तो वह आपकी अनभिज्ञता का गलत फायदा भी उठा सकता है।

यदि संभव हो तो अधिक कैश साथ न ले जाएं। सफर के दौरान क्रेडिट कार्ड या ट्रेवल कार्ड का प्रयोग करना उचित रहता है लेकिन इनको भी सावधानी से उपयोग किया जाना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि सफर के दौरान कोई आपकी जेब तराश दे और आपका क्रेडिट कार्ड चोरी हो जाए। सफर के दौरान महिलाओं का गहनों से लद कर जाना भी आपको मुश्किल में डाल सकता है। गहने से लदी महिलाओं पर चोरों की नजर पड़ जाती है और वह स्टेशन से ही आपके पीछे लग जाते हैं और गहने लूटने या झपटने का मौका तलाशते रहते हैं कभी−कभी तो यह लोग गहनों के लिए हिंसक वारदातें तक कर बैठते हैं।

सफर के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति से मेलजोल नहीं बढ़ाना चाहिए और यदि कोई आपसे मेलजोल बढ़ाना चाहे तो आप उसे ज्यादा करीब न आने दें, उसकी दी हुई चीज भी न खाएं, न ही उसे अपने परिवार या आप जहां जा रहे हैं, वहां पर कहां ठहर रहे हैं, इस बारे में कोई जानकारी दें।

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पर्यटन के दौरान हमेशा प्रयास करें कि जहां भी आप घूमने जा रहे हैं, वहां दिन में ही पहुंचा जाए ताकि रात्रि होने तक वापस अपने ठहरने के स्थान पर पहुंचा जा सके। क्योंकि उस जगह से अनजान होने के कारण आप यदि रात्रि में वहां भटक गए तो आपको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। होटल में रहते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। अपने कमरे के दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद करके सोएं और यदि आपके पास कोई कीमती सामान है तो उसे होटल के लॉकर में रखवा कर उसकी रसीद ले लें।

पर्यटन के लिए जाते समय पेटदर्द, सिरदर्द, बदहजमी, उल्टी जैसी तकलीफों की दवाईयों को अपने साथ रख लेना चाहिए क्योंकि पता नहीं कब क्या जरूरत पड़ जाए।

पर्यटन के लिए तो आपने सावधानी बरत ली अब आप घर से निकलने से पहले अपने निकटतम पुलिस स्टेशन में भी एक पत्र के माध्यम से सूचित करें कि आप फलां−फलां दिनों के लिए फलां जगह जा रहे हैं। हो सके तो अपने पड़ोसियों से भी अपने घर की देखरेख करते रहने के लिए कहें इससे सफर के दौरान आप अपने घर की तरफ से भी निश्चिंत रहेंगे तो आपके सफर का आनंद और बढ़ जाएगा।

-प्रीटी







गुवाहाटी को क्यों कहा जाता था प्राग्ज्योतिषपुर? जानिए घूमने के प्रसिद्ध स्थल

  •  जे. पी. शुक्ला
  •  फरवरी 16, 2021   17:42
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गुवाहाटी को क्यों कहा जाता था प्राग्ज्योतिषपुर? जानिए घूमने के प्रसिद्ध स्थल

गुवाहाटी भारतीय राज्य असम का सबसे बड़ा शहर है और पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा महानगर भी है। भारत में सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक, गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र के दक्षिण तट पर स्थित है। दिसपुर, राज्य की राजधानी, शहर के भीतर स्थित है।

गुवाहाटी को ऐतिहासिक रूप से प्रागज्योतिषपुर के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ है 'पूर्व की रोशनी'। शहर की एक ऐतिहासिक उत्पत्ति है, और यह इस तथ्य से निर्धारित किया जा सकता है कि महाभारत में राक्षस राजा नरकासुर की राजधानी के रूप में प्रागज्योतिषपुर का उल्लेख किया गया है। प्रागज्योतिषपुर, जिसे अब आधुनिक गुवाहाटी के भीतर का एक क्षेत्र माना जाता है, वर्मन राजवंश (350-650 A.D) के तहत मध्य युगीन कामरूप साम्राज्य का एक प्राचीन शहर और राजधानी था।

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कालिका पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी ने यहां नक्षत्रों का निर्माण किया था इसलिए इस शहर को प्राक् (प्राचीन या पूर्व) और ज्योतिष (नक्षत्र) कहा जाता था।

गुवाहाटी भारतीय राज्य असम का सबसे बड़ा शहर है और पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा महानगर भी है। भारत में सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक, गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र के दक्षिण तट पर स्थित है। दिसपुर, राज्य की राजधानी, शहर के भीतर स्थित है।

गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख शैक्षिक केंद्र है। सम्मानित संस्थानों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी (IIT), भारत में तकनीकी अध्ययन के क्षेत्र में समर्पित एक स्वायत्त संस्थान है। कॉटन यूनिवर्सिटी, तत्कालीन कॉटन कॉलेज विज्ञान और कला के क्षेत्र में एक बहुत पुरानी संस्था है।

पर्यटकों के आकर्षण

गुवाहाटी अपने कामाख्या मंदिर के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो रेलवे स्टेशन से 10 किमी की दूरी पर नीलाचल पहाड़ी के ऊपर स्थित है। दुनिया में शक्ति पूजा के तांत्रिक मंदिरों में सबसे पवित्र होने के लिए प्रसिद्ध, कामाख्या, 10 वीं शताब्दी में कोच राजा नर नारायण द्वारा बनवाया गया था। देवी को प्रसन्न करने के लिए पशु बलि देना यहाँ एक आम बात है। कामाख्या के ऊपर एक और छोटा सा मंदिर है, भुवनेश्वरी, जहाँ से शहर का विहंगम दृश्य देखा जा सकता है।

पूर्वी गुवाहाटी में एक और पहाड़ी है, नवग्रह मंदिर- "नौ ग्रहों का मंदिर", ज्योतिष और खगोल विज्ञान की एक प्राचीन जगह। शहर और इसके आसपास के क्षेत्र वन्यजीवों से समृद्ध हैं। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, जो अपने प्रसिद्ध एक सींग वाले भारतीय गैंडे के लिए जाना जाता है, यहाँ से 214 किमी दूर है।

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गुवाहाटी में घूमने की जगहें

- असम राज्य चिड़ियाघर और वनस्पति उद्यान

- नामेरी नेशनल पार्क

- उमानंद आइलैंड

- कामाख्या मंदिर

- असम स्टेट म्यूजियम

- गुवाहाटी प्लैनेटेरियम

- नेहरू पार्क

- पोबितोरा वन्यजीव अभ्यारण्य

- अफ्रेस्को ग्रैंड क्रूज

- अकोलंद 

- ड्रीमलैंड एम्यूजमेंट पार्क

- मदन कामदेव

कैसे पहुंचे?

यह शहर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है। गुवाहाटी तीन महत्वपूर्ण सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्ग 31, 37 और 40 का जंक्शन है। यह नदी से दो भागों में विभाजित है और उत्तरी गुवाहाटी लगभग एक अलग शहर है। कोई इसे सराय घाट पुल या नदी पर चलने वाले घाटों के माध्यम से देख सकता है। कोलकाता, गुवाहाटी का सबसे महत्वपूर्ण शहर लगभग 1182 किमी दूर है।

यहाँ लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो न केवल गुवाहाटी शहर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, बल्कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के कई अन्य शहरों को भी जोड़ता है।

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गुवाहाटी रेलवे स्टेशन उत्तर पूर्वी क्षेत्र का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है। देश भर से ट्रेनें गुवाहाटी तक पहुंचती हैं। राज्य के अन्य हिस्सों और पड़ोसी शहरों के लिए बसें और अन्य पर्यटक वाहन आसानी से उपलब्ध रहते हैं। कामाख्या नाम का एक और छोटा स्टेशन  भी है जो पूरी तरह कार्यात्मक है।

गुवाहाटी में एक अच्छी सड़क की व्यवस्था है, जो पड़ोसी राज्यों के सभी हिस्सों को जोड़ती है। गुवाहाटी से गुजरने वाली सड़कें मेघालय, मिज़ोरम और मणिपुर जैसे राज्यों के लिए जीवन-रेखा का काम करती हैं। बस और वाहन आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं।

जाने का सबसे अच्छा समय

गुवाहाटी एक सुंदर गंतव्य है और हर मौसम में इसका अलग आकर्षण होता है। लेकिन अक्टूबर से मार्च का समय असम में छुट्टी का आनंद लेने का सबसे अच्छा समय है।

जे. पी. शुक्ला







कम से कम खर्च में घूमने के लिए अपनाएं यह टिप्स, जेब पर नहीं पड़ेगा जोर

  •  मिताली जैन
  •  जनवरी 29, 2021   12:01
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कम से कम खर्च में घूमने के लिए अपनाएं यह टिप्स, जेब पर नहीं पड़ेगा जोर

हो सकता है कि आप भी पैसों के चक्कर में घूमने ना जा रहे हों। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिसे अपनाकर आप ट्रेवलिंग के दौरान पैसों की भी बचत कर सकते हैं।

घूमना आखिरकार किसे अच्छा नहीं लगता। हर दिन के तनाव और रूटीन से ब्रेक लेते हुए नई जगहों को एक्सप्लोर करने का अपना एक अलग ही आनंद है। लेकिन फिर भी मध्यम वर्गीय परिवार चाहकर भी घूमने नहीं जा पाते और उसकी वजह होती है बजट। चार−पांच महीने में अगर एक बार भी घूमने का प्लॉन बनाया जाए तो इससे पूरा बजट बिगड़ जाता है और सेविंग भी काफी हद तक खर्च हो जाती है। हो सकता है कि आप भी पैसों के चक्कर में घूमने ना जा रहे हों। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिसे अपनाकर आप ट्रेवलिंग के दौरान पैसों की भी बचत कर सकते हैं− 

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प्लान करें ट्रिप

जब आप किसी नई जगह पर घूमने का विचार कर रहे हैं और चाहते हैं कि उसमें आपके काफी सारे पैसे खर्च ना हो तो इसके लिए आपको अपनी टि्रप को प्लॉन करना चाहिए। आप जहां जा रहे हैं, इसके लोगों, संस्कृति, रीति−रिवाजों और भोजन आदि के बारे में थोड़ा−बहुत जानना आपको बहुत परेशानी से बचाएगा। इसके अलावा रिसर्च आपको उन महंगे शहरों के बारे में बताएगा जिनसे आप बचना चाहते हैं। रिसर्च के जरिए आप उस जगह की सस्ती जगहों व लोकल फूड के बारे में जान पाएंगे।

सोच−समझकर चुनें एयरलाइन

यदि आप अपनी यात्रा के लिए सही एयरलाइन नहीं चुनते हैं तो आपको फ्लाइंग पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ सकता है।एक बजट एयरलाइन आपको कुछ पैसे बचा सकती है, इसलिए ट्रेवल के लिए आप सोच−समझकर एयरलाइन बुक करें। साथ ही अलग−अलग समय पर फ्लाइंग के चार्जेस अलग होते हैं, इसलिए उस पर भी फोकस जरूर करें। 

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ऑफ−सीजन में यात्रा करें

यह एक ऐसी टि्रक है, जो ट्रेवल के दौरान आपके काफी सारे पैसे खर्च होने से बचा सकती है। पीक सीज़न के दौरान यात्रा करने से आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं, इसलिए पीक सीज़न की यात्रा से बचना समझदारी है। एयरलाइंस, होटल और फूड प्राइस आदि छुट्टियों के दौरान और क्रिसमस, ईस्टर, ईद और दिवाली जैसे अवसरों पर बढ़ जाती हैं। ऐसे में आप ऑफ सीजन में घूमने का प्लॉन करें। इससे आपके पैसे भी कम खर्च होंगे और भीड़ कम होने के कारण आप अच्छी तरह एंजॉय भी कर पाएंगे।

खाएं लोकल फूड

अगर आप बजट में घूमना चाहते हैं तो आपको अपने फूड पर भी फोकस करना चाहिए। ओवरप्राइज्ड कैफ़े और रेस्तरां में आपको बहुत सारे पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं जिन्हें आप स्थानीय स्थानों पर जाकर बचा सकते हैं जो ताजा भोजन परोसते हैं। इससे एक लाभ यह भी होगा कि आपको उस जगह के ऑथेटिंक फूड का स्वाद चखने का मौका मिलेगा।

- मिताली जैन







करना है पॉकेट फ्रेंडली हैप्पी हनीमून तो घूमें इन जगहों पर

  •  मिताली जैन
  •  जनवरी 27, 2021   11:17
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करना है पॉकेट फ्रेंडली हैप्पी हनीमून तो घूमें इन जगहों पर

केरल एक बेहद ही खूबसूरत राज्य है और न्यू कपल्स के लिए इसे एक बेहतरीन घूमने की जगह माना जाता है। यहां की नेचुरल ब्यूटी हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। केरल को भगवान का अपना देश माना जाता है, जिस कारण हर व्यक्ति केरल के मंदिरों को देखना चाहता है।

शादी के बाद हनीमून किसी भी नवविवाहित जोड़े के लिए एक यादगार वक्त होता है। हनीमून ट्रिप को लेकर कपल्स के मन में कई तरह की एक्साइटमेंट होती है। लेकिन बहुत से कपल्स सिर्फ इसलिए हनीमून पर नहीं जा पाते, क्योंकि वह उनकी पॉकेट से बाहर होता है। हो सकता है कि आपकी भी जल्द शादी होने वाली है और आप कम बजट में हैप्पी हनीमून ट्रिप प्लॉन करना चाहते हैं तो ऐसे में आप इन जगहों पर जा सकते हैं−

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हिमाचल प्रदेश

दिल्ली से 400 किलोमीटर की दूरी पर हिमाचल प्रदेश एक बेहद ही खूबसूरत जगह है, जहां पर आप कम बजट में अपने पार्टनर के साथ घूमने जा सकते हैं। यह आध्यात्मिक गुरु, दलाई लामा का घर है और इसमें कई जगह हैं, जैसे कि भागसू फॉल्स, शिव कैफ़े आदि जगहों पर जा सकते हैं और ट्रेकिंग और अन्य एडवेंचर्स एक्टिविटीज कर सकते हैं। यहां पर आपको व्यक्ति प्रति दिन 300 रूपए में ठहरने की जगह मिल सकती है। 

केरल

केरल एक बेहद ही खूबसूरत राज्य है और न्यू कपल्स के लिए इसे एक बेहतरीन घूमने की जगह माना जाता है। यहां की नेचुरल ब्यूटी हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। केरल को भगवान का अपना देश माना जाता है, जिस कारण हर व्यक्ति केरल के मंदिरों को देखना चाहता है। यहां बहुत सिद्ध मंदिर हैं। कुछ मंदिरों में पद्मनाभस्वामी मंदिर, गुरुवायुर मंदिर, वडक्कुन्नत मंदिर, अनंतपुरा झील मंदिर, थिरुमन्धाकुन्नु मंदिर, पडियानूर देवी मंदिर आदि प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह पद्मनाभस्वामी मंदिर है जो यहाँ बहुत प्रसिद्ध है।

उदयपुर

राजस्थान राज्य में कई बेहतरीन घूमने की जगहे हैं, लेकिन आप कम बजट में राजस्थान में हनीमून पर जाना चाहते हैं तो ऐसे में आपको उदयपुर जाना चाहिए। यह अपेक्षाकृत काफी सस्ता है। आप यहां पर सिटी पैलेस से लेकर पिंचोला झील आदि कई खूबसूरत जगहों का लुत्फ उठा सकते हैं।

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आगरा

आगरा के ताजमहल को दुनिया के सात अजूबों में शामिल किया गया है। यह बेमिसाल प्यार की निशानी है। ऐसे में आपके लिए आगरा से बेहतर घूमने की जगह कौन सी होगी। यहां घूमने में आपको 5000 रूपए से भी कम का खर्च आएगा। आगरा में आप ताजमहल के अलावा आगरा का किला, फतेहपुर सिकरी आदि घूम सकते हैं। वैसे अगर आप आगरा जा रहे हैं तो वहां का फेमस पेठा खाना ना भूलें। 

- मिताली जैन







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