प्यार की खातिर मोरक्को की लड़की ने छोड़ा अपना देश, गैर धर्म में शादी करने पर बोला लड़का-न खुद धर्म परिवर्तन करुंगा, न कराऊंगा

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फादवा और अविनाश की मोहब्बत की इस दास्तां में मजहब दीवार नहीं बन सका। अविनाश दो बार शादी का प्रस्ताव लेकर मोरक्को गया, लेकिन फादवा के पिता ने शादी से इनकार किया। लेकिन बाद में दोनों इस शादी के लिए अड़ गए तो फादवा के पिता ने अविनाश को हिंदू धर्म छोड़कर भारत से मोरक्को में बसने का ऑफर दिया।

किसी से मोहब्बत हो तो कोई भी बाधा बहुत देर तक आपका रास्ता नहीं रोक सकती। चाहे मजहब हो, मुल्क हो या फिर जुबान मोहब्बत इन चीजों को अनदेखा कर देती हैं। मोहब्बत के आगें दूरियां भी मायने नहीं रखती। हम ऐसा क्यों कह रहे हैं आपको बताते हैं, एक अफ्रीकी मूल्क के जिसका नाम है मोरक्को। यहां की एक मुस्लिम लड़की को अपने मुल्क से 8000 किलोमीटर दूर ग्वालियर के एक हिंदू लड़के से मोहब्बत हो गई। फिर क्या था लड़की ने मोहब्बत की खातिर अपना मुल्क छोड़ दिया। इतना ही नहीं लड़के ने भी लड़की के पिता को यकीन दिलाया कि वह उसका धर्म परिवर्तन नहीं कराएगा। दोनों अपने मजहब का पालन करते हुए पति पत्नी बने रहेंगे। इसके बाद मोरक्को की उस मुस्लिम लड़की ने और ग्वालियर के हिंदू लड़के ने बुधवार को एसडीएम कोर्ट में शादी रचा ली। कुछ दिन बाद दोनों हिंदू रीति रिवाज से भी शादी करेंगे रिसेप्शन भी देंगे।

मोरक्को की रहने वाली 24 वर्ष की फादवा लैमाली प्राइवेट कॉलेज में पढ़ई करती हैं। 3 साल पहले सोशल मीडिया पर वो ग्वालियर के 26 साल के अविनाश दोहरे से मिली। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती मोहब्बत में तब्दील हो गई, लेकिन मजहब को लेकर दोनों चिंतित हो गए। दोनों ने अपने अपने परिवार को अपने रिश्ते के बारे में बताया। पहले तो फादवा लैमाली का परिवार अपने बेटी के संबंधों के बारे में जानकर नाराज हुआ, लेकिन कहते हैं ना मोहब्बत अगर सच्ची हो तो पूरी कायनात उसे मिलाने में जुट जाती है। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ बेटी की जिद के आगे मां बाप ने हां कर दी। बाद में दोनों परिवार वाले राजी हो गए। इसके बाद फादवा ने शादी के लिए अपने देश मोरक्को से NOC मांगा।

फादवा और अविनाश की मोहब्बत की इस दास्तां में मजहब दीवार नहीं बन सका। अविनाश दो बार शादी का प्रस्ताव लेकर मोरक्को गया, लेकिन फादवा के पिता ने शादी से इनकार किया। लेकिन बाद में दोनों इस शादी के लिए अड़ गए तो फादवा के पिता ने अविनाश को हिंदू धर्म छोड़कर भारत से मोरक्को में बसने का ऑफर दिया। अविनाश ने इस पर फादवा के पिता से साफ साफ कह दिया कि न ही मैं अपना देश छोडूंगा और ना ही अपना धर्म परिवर्तन करुंगा। लेकिन मैं आपकी बेटी का भी धर्म परिवर्तन नहीं कराऊंगा। उसे भारत में अपने मजहब के रीति रिवाज निभाने की पूरी तरह आजादी होगी जैसे वह मोरक्को में अपने मजहब के रीति रिवाज निभाती आई है। अविनाश की बात सुनकर परिवार वालों को यकीन हो गया कि बेटी के लिए वह एक अच्छा जीवन साथी साबित होगा। फिर परिवार वाले मान गए।

मोरक्को से मिली इजाजत ग्वालियर में हुई शादी

फादवा ने हफ्ते भर पहले मोरक्को में आपने शादी के लिए NOC के लिए आवेदन किया था। जैसे ही कानूनी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी हुई वहां से इजाजत मिल गई। इसके बाद ग्वालियर की एसडीएम कोर्ट में शादी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। बुधवार को यह जोड़ा एसडीएम कोर्ट पहुंचा जहां एसडीएम एचबी शर्मा की मौजूदगी में दोनों ने ब्याह रचा लिया।

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