ब्रॉडबैंड बाजार में तहलका मचाने की तैयारी में एलन मस्क, लाइसेंस के लिए जल्द अप्लाई कर सकती है Starlink

ब्रॉडबैंड बाजार में तहलका मचाने की तैयारी में एलन मस्क, लाइसेंस के लिए जल्द अप्लाई कर सकती है Starlink

स्टारलिंक भारत में ब्रॉडबैंड और अन्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक वाणिज्यिक लाइसेंस के लिए अगले साल की शुरुआत में आवेदन करेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टारलिंक के लाइसेंस के लिए 31 जनवरी 2021 से अप्लाई किया जा सकता है।

भारत में मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के इंटरनेट सर्विस को टक्कर देने के लिए दुनिया के सबसे अमीर रईस एलन मस्क अपनी कंपनी के जरिये भारत के ब्रॉडबैंज के बाजार में तहलका मचाने की तैयारी में हैं। स्टारलिंक के कंट्री हेड संजय भार्गव ने बीते दिनों कहा कि स्टारलिंक भारत में ब्रॉडबैंड और अन्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक वाणिज्यिक लाइसेंस के लिए अगले साल की शुरुआत में आवेदन करेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टारलिंक के लाइसेंस के लिए 31 जनवरी 2021 से अप्लाई किया जा सकता है। ऐसे में कंपनी अप्रैल 2022 तक कॉमर्शियल सर्विस को भारत में रोलआउट कर सकती है।स्टारलिंक निस्संदेह अन्य दूरसंचार कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा, लेकिन मुख्य लड़ाई अंबानी से होगी। माना जा रहा है कि मस्क की कंपनी रिलायंस जियो को कड़ी चुनौती दे सकती है।

भारत में अब करीब 65 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं जो औसतन 12 GB डेटा प्रतिमाह इस्तेमाल करते हैं। जियो ने सस्ती कीमतों पर डेटा और सेवाएं प्रदान करके बाजार के आकार को बढ़ाया है। अब स्टारलिंक के आने से एक बार फिर बाजार में तहलका मच सकता है। स्टारलिंक का लक्ष्य दिसंबर 2022 तक 200,000 डिवाइस स्थापित करना है। इनमें से 80 फीसदी ग्रामीण इलाकों में हैं। एक बार इंटरनेट सेवा गांव में पहुंचा दी जाती है, जो जनता के एक बड़े वर्ग के लिए ग्राहकों के रूप में उपलब्ध होगी, तो यह निस्संदेह अन्य दूरसंचार कंपनियों पर दबाव बढ़ाएगा।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले मस्क ने टेस्ला के साथ ही अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक  को भारत में शुरू करने की घोषणा की थी। यहां तक की स्टारलिंक ने तो ग्राहकों से सब्सक्रिप्शन शुल्क भी लेना शुरू कर दिया था। लेकिन अब भारत सरकार ने स्टारलिंक सेवा से लोगों को दूर रहने के लिए कह दिया है। सरकार ने कहा है कि एलन मस्क की स्टारलिंक इंटरनेट सेवाओं को भारत में उपग्रह-आधारित इंटरनेट सेवाओं की पेशकश करने के लिए लाइसेंस प्राप्त नहीं है। भारत सरकार की तरफ से अपने नागरिकों को उन सेवाओं की सदस्यता नहीं लेने की सलाह दी है जो देश में आवश्यक लाइसेंस के बिना कंपनी द्वारा विज्ञापित की जा रही हैं।