Unlock 1 के दौरान 27 दिनों में कोरोना के 3,18,418 नए मामले सामने आए

Unlock 1 के दौरान 27 दिनों में कोरोना के 3,18,418 नए मामले सामने आए

दिल्ली में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच व्यापक विश्लेषण के लिये शहर के कुछ इलाकों में शनिवार को सीरोलॉजिकल सर्वेक्षण शुरू किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सर्वेक्षण के तहत एंडीबॉडीज की मौजूदगी का पता लगाने के लिये 20,000 लोगों के खून के नमूनों की जांच की जाएगी।

पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 18,552 नए मामले आने के साथ ही देश में शनिवार तक कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या पांच लाख को पार कर चुकी है। गौरतलब है कि तेजी से और अधिक संख्या में हो रही जांच की पृष्ठभूमि में महज 39 दिन में देश में देश में कोविड-19 के चार लाख नए मामले सामने आए हैं। महज छह दिन में कोविड-19 के एक लाख नए मामले आने पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मरीजों के संक्रमण मुक्त होने की दर में भी कुछ वृद्धि हुई है और अब यह 58.13 प्रतिशत हो गयी है। आज लगातार चौथा दिन है जब देश में कोविड-19 के 15 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 18,552 नए मामले आने के साथ ही देश में अभी तक कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 5,08,953 हो गई है वहीं इस अवधि में 384 लोग की संक्रमण से मौत हुई है। मंत्रालय ने बताया कि देश में अभी तक 15,685 लोग इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से मरे हैं। दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में अमेरिका, ब्राजील और रूस के बाद भारत चौथे स्थान पर आता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अभी तक जारी आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के पहले एक लाख मामले 110 दिन में सामने आए थे जबकि बाकी के चार लाख मामले महज 39 दिन में सामने आए हैं और 27 मार्च को कोविड-19 मरीजों की संख्या देश में पांच लाख के पार पहुंच गयी है। देश में कोविड-19 का पहला मामला केरल में 30 जनवरी को सामने आया था। आंकड़ों से पता चलता है कि एक जून से 27 जून के बीच संक्रमण के 3,18,418 नए मामले सामने आए हैं। देश में 25 मार्च से लागू लॉकडाउन से चरणबद्ध तरीके से बाहर निकलने के प्रयास में सरकार ने एक जून से ‘अनलॉक-1’ शुरू किया। आंकड़ों के अनुसार, देश में फिलहाल 1,97,387 लोग उपचाराधीन हैं जबकि 2,95,880 लोग इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। यह रेखांकित करते हुए कि भारत में मरीजों के संक्रमण मुक्त होने की दर सुधर रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लॉकडाउन और सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कई कदमों तथा जनता के अपार सहयोग के कारण भारत अभी भी कई देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। लेकिन साथ ही उन्होंने चेताया कि लोग अभी भी सावधानी नहीं छोड़ सकते हैं और ना ही लापरवाही बरत सकते हैं। केरल के पथनमथिट्टा में जोसेफ मारथोमा मेट्रोपोलिटन के 90वें जयंती समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘वास्तव में, हमें अब और सावधानी बरतनी होगी। मास्क पहनना होगा, दो गज की दूरी का पालन करना होगा और भीड़ भरी जगहों से बचकर रहना सबसे महत्वपूर्ण है।’’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने को लेकर आज सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस महामारी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और इससे लड़ नहीं रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कोविड-19 देश के दूसरे हिस्सों में भी तेजी से फैल रहा है। भारत सरकार के पास इसके उन्मूलन की कोई योजना नहीं है।’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री चुप हैं। उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है और इस महामारी के खिलाफ लड़ने से इनकार कर रहे हैं।’’ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, 26 जून तक देश में 79,96,707 नमूनों की जांच हुई है और इनमें से 2,20,479 नमूनों की जांच शुक्रवार को ही हुई। महामारी की शुरुआत से अभी तक यह एक दिन में हुई सबसे ज्यादा जांच है। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि अब ज्यादा संख्या में हो रही कोविड-19 की जांच और अब जांच का शुल्क कम होना इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के सामने आने की सबसे बड़ी वजह है। शहर में फेंफड़ों के मशहूर सर्जन डॉक्टर अरविंद कुमार ने कहा कि संक्रमित लोगों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि की वजह ज्यादा संख्या में हो रही जांच है। सर गंगा राम अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर कुमार का कहना है कि लॉकडाउन हटने, लोगों के बड़ी संख्या में बाहर जाने और महामारी का डर नहीं होने से भी संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आठ राज्यों- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल में देश के उपचाराधीन कोविड-19 मरीजों का 85.5 प्रतिशत है, वहीं संक्रमण से हुई मौतों का 87 प्रतिशत भी इन्हीं राज्यों से है। मंत्रालय ने कहा कि उसने कोविड-19 पर मंत्री समूह को कोरोना वायरस के हालात और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों के बारे में बता दिया है। मंत्रालय ने कहा कि उसने बैठक में सूचित किया है कि जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, महामारी विदों और वरिष्ठ संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी वाली 15 टीमें राज्यों की मदद में जुटी हुई हैं। उसने बताया कि केन्द्र की एक टीम फिलहाल गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के दौरे पर है ताकि कोविड-19 प्रबंधन को और मजबूत बनाया जा सके। दिल्ली में कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए घर-घर जाकर किया जाने वाले सीरोलॉजी सर्वे शनिवार को शहर के कुछ हिस्सों में शुरू हुआ। राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के 80,188 मामले हैं और संक्रमण से शहर में अभी तक 2,558 लोग की मौत हुई है। वहीं देश में सबसे खराब स्थिति महाराष्ट्र की है जहां कुल मामले 1,52,765 हैं और संक्रमण से 7,106 लोग की मौत हुई है।

उपचार प्रोटोकॉल में किया शामिल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सस्ते एवं व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन को शनिवार को कोविड-19 के मध्यम से लेकर गंभीर संक्रमित मरीजों के उपचार संबंधी प्रोटोकॉल में शामिल कर लिया है। मंत्रालय ने बताया कि अद्यतन किए गए ‘नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल’ में कोविड-19 के मध्यम से गंभीर स्तर के मामलों के प्रबंधन के लिए मिथाइलप्रेडनिसोलोन के विकल्प के तौर पर डेक्सामेथासोन के इस्तेमाल की सलाह को शामिल किया है। इस स्टेरॉयड का इस्तेमाल पहले ही सूजन कम करने वाले और प्रतिरक्षा क्षमता को कम करने जैसे इसके प्रभावों के कारण अनेक स्थितियों में किया जाता रहा है। यह बदलाव ताजा उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने एवं विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने संशोधित प्रोटेाकॉल सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इसकी उपलब्धता के लिहाज से जरूरी बंदोबस्त करने के लिए भेज दिये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 जून को कोविड-19 के इलाज के लिए आपातकाल में वायरस-रोधी दवा रेमडेसिविर, प्रतिरोधक क्षमता के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा टोसीलीजुमैब के इस्तेमाल और मध्यम स्तर के रोगियों को प्लाज्मा उपचार की अनुमति दे दी थी। उसने बीमारी की शुरुआत में मलेरिया रोधक दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का इस्तेमाल करने और गंभीर मामलों में इससे बचने की भी सलाह दी थी। इन दवाओं का इस्तेमाल ‘‘अनुसंधानात्मक पद्धति’’ के तहत संशोधित उपचार प्रोटोकॉल में शामिल है। मध्यम रूप से संक्रमित मरीजों को विशेषत: भर्ती किए जाने के 48 घंटे के भीतर या ऑक्सीजन की आवश्यकता बढ़ने पर उपचार के लिए तीन दिन तक 0.5 से 1 मिलीग्राम / किग्रा मिथाइलप्रेडनिसोलोन या 0.1 से 0.2 मिलीग्राम / किग्रा डेक्सामेथासोन दिए जाने पर विचार करने की सलाह दी है। प्रोटोकॉल में कहा गया है कि नैदानिक प्रतिक्रिया के अनुसार दवा के इस्तेमाल की अवधि की समीक्षा की जानी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत है और जिन्हें यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता है, उन्हें पांच से सात दिन तक दो खुराकों में बांट कर एक से दो मिलीग्राम / किग्रा/दिन मिथाइलप्रेडनिसोलोन या 0.2 से 0.4 मिलीग्राम / किग्रा प्रति दिन डेक्सामेथासोन देने पर विचार किया जाना चाहिए। भारत में यह संशोधित प्रोटोकॉल ऐसे समय में जारी किया गया है जब देश में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 18,552 नए मामले सामने के बाद शनिवार को संक्रमित लोगों की कुल संख्या पांच लाख से अधिक हो गई तथा 384 और लोगों की मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 15,685 हो गई है।

देखभाल केन्द्र का दौरा किया

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली में 10 हजार बिस्तरों वाले नए कोविड देखभाल केन्द्र का दौरा कर प्रबंधों की समीक्षा की। दक्षिणी दिल्ली में बनाए गए इस विशाल केन्द्र के दौरे के दौरान शाह के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि शाह ने अपनी यात्रा के दौरान केन्द्र में चल रही तैयारियों की जायजा लिया। छतरपुर इलाके में राधा स्वामी सत्संग व्यास के परिसर में बनाए गए इस केन्द्र में दो हिस्से होंगे। एक हिस्से में ऐसे रोगियों का इलाज किया जाएगा जिनमें लक्षण नहीं दिखाई दिये हैं जबकि दूसरे हिस्से में कोविड स्वास्थ्य देखभाल केन्द्र होगा। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को केन्द्र के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वह एक नोडल एजेंसी के तौर पर कार्य करेगी। दिल्ली में अब तक लगभग 80 हजार लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 2,500 लोगों की मौत हो चुकी है।

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन के बीच भी सकारात्मक रहा ग्रामीण भारत, राष्ट्र निर्माण में देता रहा योगदान

महाराष्ट्र में 5,318 नये मामले सामने आये

महाराष्ट्र में कोविड-19 के 5,318 नये मामले सामने आये है। यह मामलों की एक दिन में सर्वाधिक संख्या है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस के मामलों की कुल संख्या 1,59,133 हो गई है। इस महामारी से 167 लोगों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या 7,273 हो गई है। इन 167 मौतों में से पिछले 48 घंटे में 86 लोगों की मौत हुई है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दिन में 4,430 लोगों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी गई जिससे ठीक हुए लोगों की संख्या 84,245 हो गई है। अब तक 8,96,874 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण के लिए जांच की गई है।

तमिलनाडु में 3,713 नये मामले सामने आए

तमिलनाडु में शनिवार को कोरोना वायरस के 3,713 नए मामले आए। राज्य में संक्रमितों की संख्या अब 78,335 हो गयी है जबकि 68 और मरीजों की मौत के साथ अब तक 1,025 लोग दम तोड़ चुके हैं। राज्य में लगातार तीसरे दिन कोरोना वायरस के 3500 से ज्यादा नये मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार शनिवार को कोविड-19 के 2,737 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी। अब तक 44,094 कोविड-19 मरीज संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य सरकार ने जांच भी बढ़ा दी है। शनिवार को अब तक के सर्वाधिक 34,805 नमूनों की जांच की गयी। राज्य में कुल मिलाकर 10,77,454 नमूनों की जांच की गयी है। बुलेटिन के अनुसार फिलहाल 33,213 लोगों को कोविड-19 का इलाज चल रहा है।

दिल्ली में 2,948 नये मामले सामने आये

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 2,948 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 80 हजार के पार पहुंच गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस महामारी के कारण 66 और लोगों की मौत हुई है। दिल्ली में 22 जून के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रतिदिन मामलों की संख्या तीन हजार से कम रही है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार दिल्ली में अब कोविड-19 के मरीजों की संख्या 80,188 हो गई है। इस बीमारी के कारण मृतकों की संख्या 2,558 पहुंच गई है। बुलेटिन के अनुसार इस महामारी से 49,301 लोग स्वस्थ हुए है जबकि अभी 28,329 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें कहा गया है कि कोविड-19 से संक्रमित 17,381 मरीज घरों में पृथक है। स्वस्थ होने की दर बढ़कर लगभग 61 प्रतिशत हो गई है।

हरियाणा में 543 नये मामले सामने आये

हरियाणा में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण से सात और लोगों की मौत हो गयी जबकि संक्रमण के 543 नये मामले सामने आये जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 13,427 हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के दैनिक बुलेटिन में कहा गया है कि गुड़गांव में दो मौत हुयी जबकि फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, झज्जर और रेवाड़ी जिलों में एक-एक मरीज की मौत हो गयी है। इसमें कहा गया है कि आज होने वाली मौत के साथ ही हरियाणा में कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 218 हो गयी है। बुलेटिन में कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के जो 543 नये मामले सामने आये हैं उनमें 191 फरीदाबाद के, 126 गुड़गांव के, 63सोनीपत के, 52 भिवानी के, 24 रोहतक के, 26 महेंद्रगढ़ के और 14-14 रेवाड़ी और पानीपत के नये मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राज्य में सर्वाधिक प्रभावित जिलों- गुड़गांव और फरीदाबाद में कोविड-19 के क्रमश: 83 और 71 मरीजों की मौत हो चुकी है। बुलेटिन के अनुसार गुड़गांव और फरीदाबाद जिलों में संक्रमितों की संख्या क्रमश: 5,070 और 3,325 हो गयी है। बुलेटिन के मुताबिक कारेाना वायरस के 8,472 मरीजों सफल इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है जबकि फिलहाल 4,737 लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है। राज्य में इस बीमारी से स्वस्थ होने की दर 63.10 फीसद है।

इसे भी पढ़ें: 1949 से 2020: विस्तारवाद नीति के तहत चीन कुछ इस तरह से अपने भू-भाग बढ़ाता चला गया

एक ही पोर्टल पर नौकरियों का जानकारी

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि सरकारी और निजी नौकारियों की जानकारी मुहैया कराने के लिये एक पोर्टल बनाया गया है, जिससे कोरोना वायरस महामारी के बीच राज्य के आम लोगों को मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने कोविड-19 से उत्पन्न हालात से बाहर निकलने में उद्योगपतियों और आम लोगों की मदद के लिये शुक्रवार को कई कदमों की घोषणा की, यह पोर्टल उन्हीं कदमों का हिस्सा है। सावंत ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, 'निजी प्रतिष्ठानों, सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और शैक्षिक संस्थानों में नौकरियों की सूचना देने के लिये एक पोर्टल लॉन्च किया गया है।' उन्होंने कहा कि इससे राज्य के रोजगार कार्यालय में पंजीकृत लोगों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार 24 मार्च से 30 जून के तक का बिजली के बिलों के देरी से भुगतान पर लगने वाला उपकर माफ करेगी, बशर्ते 15 जुलाई तक बिजली बिल का भुगतान किया जाए। सावंत ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने एक्रेडिटेड सोसायटी से ऋण लिया है, उन्हें अप्रैल और जून के बीच की अवधि की ईएमआई के भुगतान पर तीन महीने की मोहलत दी गई है।

87 प्रतिशत मौत 8 राज्यों में

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश भर में कोविड-19 के 85.5 प्रतिशत इलाजरत मरीज और देश में महामारी से हुई कुल मौत में से 87 प्रतिशत महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु समेत आठ राज्यों से हैं। मंत्रालय ने कहा कि उसने शनिवार को कोविड-19 पर मंत्रियों के समूह को देश में महामारी की स्थिति और उससे निपटने के लिये स्वास्थ्य क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को तैयार करने के लिये किये जा रहे प्रयासों पर जानकारी दी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “यह उल्लेख किया गया कि फिलहाल आठ राज्य- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल- से कुल इलाजरत मरीजों का 85.5 प्रतिशत हिस्सा आ रहा है जबकि देश में महामारी से होने वाली 87 प्रतिशत मौत भी इन्हीं राज्यों में दर्ज की जा रही हैं।” भारत में शनिवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 18,552 मामले सामने आने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर पांच लाख के पार हो गई। देश में इस महामारी से अब तक 15,685 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि उसने मंत्रिसमूह को उसकी 17वीं बैठक के दौरान महामारी से ठीक होने वालों की दर और मृत्यु दर के साथ ही संक्रमण के मामलों के दोगुना होने की दर तथा विभिन्न राज्यों में जांच की संख्या बढ़ाए जाने के बारे में भी जानकारी दी। उसने मंत्रिसमूह को बताया कि जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, महामारी विशेषज्ञों और संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों वाले 15 केंद्रीय दलों को राज्यों की मदद के लिये तैनात किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि केंद्र का एक अन्य दल फिलहाल गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना का दौरा कर वहां कोविड-19 प्रबंधन के लिये किये जा रहे प्रयासों को मजबूती दे रहा है। मंत्रिसमूह को संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने और संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की बारे में जानकारी देने में ‘आईटीआईएचएएस’ और आरोग्य सेतु ऐप की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। बयान में कहा गया कि उसने मंत्रिसमूह को यह भी बताया कि राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को लगातार उन क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी जा रही है जिन पर ध्यान देना है। इसके अलावा रोकथाम के लिये किये जाने वाले उपायों, निगरानी, जांच क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल, बुजुर्गों और पहले से दूसरी बीमारी से ग्रस्त लोगों पर ध्यान देना तथा तकनीक का इस्तेमाल करते हुए संभावित हॉटस्पॉट को लेकर पहले से कैसे तैयारी करनी है इस बारे में भी मंत्रालय राज्यों के संपर्क में है। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों से मरीजों की निर्बाध भर्ती प्रक्रिया, प्रभावी नैदानिक प्रबंधन से मृत्युदर को कम करना, आधारभूत ढांचे को लेकर तैयारी, और गैर-कोविड स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, सुनिश्चित करने को कहा गया है। आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने जांच की रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सिरोलॉजिकल सर्वे और विभिन्न जांचों के माध्यम से रोजाना की जाने वाली जांच की क्षमता बढ़ाने के बारे में भी जानकारी दी। बयान में कहा गया कि बीते 24 घंटों में 2,20,479 नमूनों की जांच की गई और देश में अबतक 79,96,707 नमूनों की जांच की जा चुकी है। भार्गव ने मंत्रिसमूह को बताया कि भारत में अब कोविड-19 की जांच के लिये 1,026 प्रयोगशालाएं हैं। इनमें 741 सरकारी और 285 निजी क्षेत्र से हैं। मंत्रालय ने कहा कि मंत्रिसमूह को बताया गया कि 27 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक कोविड-संबंधी स्वास्थ्य आधारभूत ढांचों को बढ़ाया गया है और अब 1,039 समर्पित कोविड अस्पताल हैं, जिनमें 1,76,275 पृथक बिस्तर, 22,940 आईसीयू बिस्तर और 77,268 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं। बयान के मुताबिक इसके अलावा 2,398 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र हैं जिनमें 1,39,483 पृथक बिस्तर, 11,539 आईसीयू बिस्तर और 51,321 ऑक्सीजन सुविधायुक्त बिस्तर हैं।

इसे भी पढ़ें: चीन से चंदा लेकर कांग्रेस ने देश के साथ बड़ा विश्वासघात किया

ठाणे का दौरा किया

महाराष्ट्र के ठाणे में कोरोना वायरस संक्रमण के हालात का जायजा लेने के लिए एक केन्द्रीय दल शविवार को यहां पहुंचा और उसने स्थानीय अधिकारियों को मृत्युदर कम करने पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा। शुक्रवार की रात तक ठाणे जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के 27,479 मामले थे और ठाणे शहर, कल्याण-डोंबीवली और भिवंडी में संक्रमण की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। संक्रमण से 911 लोगों की मौत हो चुकी है। इस केन्द्रीय दल में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल, आवास एवं नागरिक मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुणाल कुमार सहित कई लोग शामिल थे। दल ने ठाणे निगम प्रमुख विपिन शर्मा की अगुवाई में स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात की। केन्द्रीय दल ने मुंब्रा में अमृतनगर और इंशानगर में निरुद्ध इलाकों का दौरा किया। साथ ही मौलाना आजाद स्टेडियम में बनाए गए कोविड-19 केन्द्र तथा बाल्कुम साकेत में कोविड अस्पताल का भी दौरा कर जायजा लिया। इस दौरान अग्रवाल ने कहा कि मृत्युदर को कम करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने जिले में जांच क्षमता को बढ़ाने के सुझाव दिए।

99 वर्षीय महिला ने कोविड-19 को मात दी

कर्नाटक में 99 वर्षीय महिला ने कोविड-19 को मात देकर अपने परिवार और चिकित्सा बिरादरी को उत्साहित कर दिया। बुजुर्ग महिला के ठीक होने से, इस जानलेवा रोग से जूझ रहे सभी लोगों के लिये उम्मीद की किरण जगी है। मार्सिलीन सलदान्हा अपने पोते के संपर्क में आने से कोरोना वायरस की चपेट में आ गई थीं। 18 जून को 99वें जन्मदिन पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला को उनके 70 वर्षीय बेटे विन्सेंट, बहू रीता और पोते विजय के साथ विक्टोरिया अस्पताल ले जाया गया था। नौ दिन बाद शुक्रवार को उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई और वह अपने पोते के साथ अस्पताल से बाहर आ गईं। सलदान्हा कर्नाटक में कोविड-19 को हराने वाली सबसे बुजुर्ग महिला बन गई हैं। महिला के बेटे विन्सेंट ने बताया, 'हम तीनों में खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण थे, लेकिन मेरी मां में लक्षण नहीं दिखाई दिये थे।' विक्टोरिया अस्पताल में ट्रॉमा देखभाल केन्द्र की नोडल अधिकारी डॉक्टर आसिमा बानो ने कहा कि महिला अस्पताल में इलाज कराने की इच्छुक नहीं थी। उन्होंने कहा, 'ट्रामा देखभाल केन्द्र के डॉक्टरों और नर्सों के नैतिक समर्थन से वह बहुत जल्दी ठीक हो गईं। वह जीवन में हमेशा सकारात्मक रहती हैं।'


मध्य प्रदेश में 167 नए मामले

मध्य प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 167 नए मामले सामने आए। इस तरह प्रदेश में कोविड-19 से अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की संख्या 12,965 तक पहुंच गयी है। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से चार और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 550 हो गयी है। मध्य प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से इंदौर में चार मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 218 मौत इन्दौर में हुई है। उज्जैन में 69, भोपाल में 94, बुरहानपुर में 23, खंडवा में 17, खरगोन में 14, सागर में 20, जबलपुर में 14, देवास में 10, मंदसौर में नौ और नीमच में सात लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 52 जिलों में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले पाये गये हैं। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 1,081 निषिद्ध क्षेत्र हैं।

जम्मू-कश्मीर में मरने वाले लोगों की संख्या 93

जम्मू-कश्मीर कोविड-19 से दो और लोगों की मौत हो जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में इस महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या शनिवार को बढ़ कर 93 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिले में 45 वर्षीय एक महिला की शनिवार को एसकेआईएमएस अस्पताल में मौत हो गई। उच्च रक्तचाप और अन्य रोगों के साथ उसे बृहस्पतिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उसकी कोविड-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर कश्मीर जिले के सोपोर इलाके की 70 वर्षीय एक महिला की शुक्रवार देर रात एसएमएचएस अस्पताल में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि महिला को बृहस्पतिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे फेफड़ों का रोग तथा निमोनिया था। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को महिला का नमूना लिया गया और इसमें वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गईं। इन दो मौतों के साथ ही जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या 93 हो गई है।

पश्चिम बंगाल में 13 और लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण से 13 और लोगों की मौत होने से शनिवार को मृतक संख्या बढ़कर 629 हो गई और संक्रमण के 521 नए मामले सामने आने से कुल मामले बढ़कर 16,711 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि जिन 13लोगों की मौत हुई हैं उनमें से 12 लोग अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। राज्य में अब भी 5,293 लोग संक्रमित हैं और 254 लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इसमें कहा गया कि पिछले 24घंटे में 9,548 नमूनों की जांच की गई।

ओडिशा में कोविड-19 के 170 नए मामले

ओडिशा में शनिवार को कोरोना वायरस के 170 नए मामले सामने आए जिसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 6,350 तक पहुंच गई। नए मामलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक जवान भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि गंजाम जिले में कोरोना वायरस संक्रमित 68 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य में कोविड-19 से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके मुताबिक, पीड़ित मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी अन्य बीमारियों से भी ग्रसित था। एक अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के कारण अब तक गंजाम जिले में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह, खुर्दा में चार, कटक में तीन, बरगढ़ और पुरी में एक-एक मौत का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि इस मौत के अलावा नौ अन्य कोविड-19 मरीजों की भी मौत हुई लेकिन उनकी मौत अन्य बीामरियों के कारण हुई। उन्होंने कहा कि 170 नए मामलों में से 143 मरीज पृथक-वास केंद्रों में सामने आए, जहां राज्य में बाहर से लौटकर आए लोगों को प्राथमिक जांच के लिए रखा गया है। वहीं, 27 अन्य स्थानीय लोगों से संबंधित हैं। गंजाम जिला प्रशासन ने कहा कि जिले में सामने आए 58 नए मामलों में से 18 मामले अग्रिम पंक्ति में कार्यरत डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस और प्रशासन के कर्मचारियों से संबंधित हैं। वहीं, संक्रमित पाया गया एनडीआरएफ का जवान हाल ही में पश्चिम बंगाल में आए अम्फान चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण कार्य से लौटा था।

महामारी का दूसरा दौर शुरू होने का खतरा

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने शनिवार को आगाह किया कि कोरोना वायरस महामारी अभी खत्म होने से काफी दूर है और स्थानीय स्तर पर इसके प्रकोप के चलते महामारी का दूसरा दौर शुरु होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 18 हजार से अधिक नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या पांच लाख से अधिक हो गई है और वह संक्रमितों के मामले में अमेरिका, ब्राजील और रूस के बाद चौथे स्थान पर आ गया है। इसके अलावा मिस्र और ब्रिटेन ने कहा कि है कि वह वायरस से संबंधित पाबंदियों में ढील देंगे जबकि चीन और दक्षिण कोरिया की राजधानियों में छोटे स्तर पर संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। मर्केल ने अपने साप्ताहिक वीडियो पॉडकास्ट में कहा कि अगले सप्ताह जब जर्मनी यूरोपीय संघ की अध्यक्षता संभालेगा तो यूरोप की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना उनका प्राथमिक लक्ष्य होगा। जर्मनी के अधिकारियों ने कसाई खाने के करीब 1,300 कर्मचारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद बीते सप्ताह लगभग 5 लाख की आबादी वाले पश्चिमी क्षेत्र में लॉकडाउन लगाए। इसका मकसद इस इलाके में महामारी के प्रकोप से बचना है। जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय की तालिका के अनुसार जर्मनी में अब तक 1,95,000 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, इनमें से 9 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। 1,77,000 से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं। मर्केल ने कहा, 'वायरस से उत्पन्न खतरा अब भी गंभीर है। जर्मनी ने काफी पहले इस संकट पर काबू पा लिया था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सुरक्षित हैं। खतरा अभी टला नहीं है।' वहीं जॉन हॉपकिंस के अनुसार अमेरिका में शुक्रवार को संक्रमण के एक दिन में सबसे अधिक 45,300 मामले सामने आए। पिछले दिन 40 हजार से अधिक मामले सामने आए थे। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार अमेरिका में बीते दो सप्ताह के मुकाबले अब हर दिन औसतन 60 प्रतिशत अधिक मामले सामने आ रहे हैं। जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय की तालिका के अनुसार अमेरिका में करीब 25 लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से लगभग 1,25,000 लोग दम तोड़ चुके हैं। इस बीच, ब्रिटेन में विदेश से लौटे लोगों के लिये 14 दिन के अनिवार्य पृथक वास के नियम को खत्म किये जाने की संभावना है। केवल 'रेड' जोन से आने वाले लोगों को ही पृथक किया जाएगा। जिन देशों से आने वाले लोगों को पृथक वास में रहना होगा, उनकी सूची अगले सप्ताह प्रकाशित किये जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि स्पेन, यूनान और फ्रांस को इस सूची से बाहर रखा जाएगा। वहीं, मिस्र ने संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि के बावजूद कोरोना वायरस से निपटने के लिये लगाई गईं कई पाबंदियों को शनिवार को हटा लिया। इसके साथ ही तीन महीने से भी अधिक समय बाद कैफे, क्लब, जिम और थियेटर खुलने का रास्ता साफ हो गया। अन्य देशों की सरकारें अब भी काफी सतर्कता बरत रही हैं। भारत में गुवाहाटी में सोमवार से दो सप्ताह का लॉकडाउन शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा राज्य के शेष हिस्से में रात्रि कर्फ्यू और सप्ताहांत में लॉकडाउन लागू रहेगा। भारत में बीते 24 घंटे के दौरान संक्रमण के 18,552 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 508,953 हो गई है। इनमें से अब तक कुल 15,685 लोग दम तोड़ चुके हैं।

इसे भी पढ़ें: जिनका उत्पादन भारत में हो सकता है उन वस्तुओं का चीन से आयात रुकना ही चाहिए

ब्रिटेन की पुलिस भीड़ पर और सख्ती करेगी

पिछले 30 वर्षों में लिवरपूल फुटबॉल क्लब के पहले लीग खिताब के जश्न में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से अव्यवस्था पैदा हो गई, जिसके बाद ब्रिटिश शहर लिवरपूल में पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए और अधिक शक्तियां दी गई हैं। लिवरपुल की खिताबी जीत का जश्न मनाने के लिए उसके प्रशंसक जगह-जगह इकट्ठा हो रहे हैं, जिससे कोविड-19 महामारी के फैलने का खतरा और बढ़ गया है, इसलिए पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए और अधिक सख्ती बरतने का फैसला किया है। भारी जश्न के बीच, लिवर बिल्डिंग के एक हिस्से में आग लग गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित की गईं तस्वीरों में भीड़ आतिशबाजी करते दिख रही हैं और इसी के कारण इमारत की बालकनी में आग लगी। चार दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर रवाना किया गया और आग बुझाई गई, लेकिन नुकसान का सटीक पता नहीं चल पाया है। लिवरपूल के मेयर जोए एंडरसन ने ट्विटर पर कहा कि वह उन तस्वीरों को देख काफी चिंतित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसको समझता हूं कि एलएफसी प्रशंसक जीत का जश्न मनाना चाहते हैं, लेकिन कृपया, अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए घर जाएं और घर पर ही जश्न मनाएं।’’ लगातार तीसरी रात लंदन में भी भारी भीड़ जमा हुई। पुलिस कमांडर बास जाविद ने बीबीसी को बताया कि पुलिस लोगों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें घर जाने के लिए समझाने की कोशिश कर रही है।

इटली में 30 और लोगों की मौत

इटली में कोरोना वायरस संक्रमण से शुक्रवार को 30 और लोगों की मौत होने के बाद इस महमारी से देश में मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 34,708 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को हुई 30 मौतों में 16 मौतें लोम्बार्डी में हुई हैं, जहां अब भी प्रतिदिन सर्वाधिक संख्या में नये मामलों का सामने आना जारी है। मंत्रालय के मुताबिक बृहस्पतिवार से देश में संक्रमण के 259 नये मामले सामने आए हैं और इसके साथ कुल मामले बढ़ कर 2,39,961 हो गये। कुल मृतक संख्या 34,708 है। इस बीच, इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंते ने कहा कि देश में 14 सितंबर से छात्र कक्षाओं में उपस्थित हो सकेंगे।

कारोबार फिर शुरू किया

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने कहा है कि अप्रैल से उसके मंच पर 90 प्रतिशत से अधिक विक्रेताओं ने कारोबार फिर शुरू कर दिया है। इसके साथ ही फ्लिपकार्ट ने कहा कि अप्रैल-जून, 2020 के दौरान उसके मंच से जुड़ने वाले नए विक्रेताओं की संख्या में करीब 125 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। ई-कॉमर्स कंपनी ने शनिवार को बयान में कहा कि कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव के चलते देशभर की कंपनियां अपने परिचालन के तरीके पर नए सिरे से विचार कर रही हैं। इसके अलावा वे कामकाज के नए तरीकों की पहचान कर रही हैं। अब देशभर में स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) ने यह ई-कॉमर्स के सही मूल्य को पहचान लिया है कि इसके जरिये वे लाखों उपभोक्ताओं से जुड़े रह सकते हैं। बयान में कहा गया है कि अप्रैल, 2020 से फ्लिपकार्ट के 90 प्रतिशत के विक्रेताओं ने मंच पर अपना कारोबार फिर शुरू कर दिया है। फ्लिपकार्ट के विक्रेता राष्ट्रीय स्तर पर मंच की पहुंच का लाभ उठा पा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें मार्केट प्लेस कारोबार के लिए एक दक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह से पक्षपात रहित कामकाज उपलब्ध हो रहा है। फ्लिपकार्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और तमिलनाडु के एमएसएमई ने अपने कारोबार को ऑनलाइन करने में सबसे अधिक रुचि दिखाई है। फ्लिपकार्ट ने कोविड-19 के मद्देनज़र एक हैल्‍थ इंश्‍योरेंस प्‍लान पेश किया है जिसमें उनके परिजनों तथा कर्मचारियों के लिए विशेष रियायती दर पर 50,000 से 3,00,000 रुपये प्रति व्‍यक्ति की विशेष दरों पर हैल्‍थ कवरेज दी जाती है। विक्रेता समुदाय की कामकाजी पूंजी की समस्या के समाधान के लिए फ्लिपकार्ट के ग्रोथ कैपिटल प्रोग्राम के जरिए ऋण पर विशेष पेशकश की गयी है और प्‍लेटफार्म से जुड़े विक्रेताओं को 48 घंटों के भीतर लोन उपलब्‍ध कराया जाता है। विज्ञप्ति के अनुसार लॉकडाउन के पहले चरण के दौरान, फ्लिपकार्ट के सैलर प्रोटेक्‍शन फंड (एसपीएफ) के तहत्, ऑनलाइन विक्रेताओं को कारोबार में हुए अनुचित नुकसान की क्षतिपूर्ति के तौर पर एक निश्चित राशि पर दावा करने की सुविधा दी गई है। कंपनी ने कहा है कि वह ‘फ्लिपकार्ट समर्थ’ पहल के तहत देशभर में 500,000 से अधिक कारीगरों, बुनकरों तथा सूक्ष्‍म उद्यमियों के लिए आजीविका में सहयोग दे रही है।

-नीरज कुमार दुबे