Unlock 2 के 26वें दिन इलाज करवा रहे मरीजों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी

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गुजरात के अहमदाबाद में रविवार को कोविड-19 के 163 नए मामले आने के साथ ही जिले में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 25,692 तक पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि तीन और मरीजों की इस घातक बीमारी से मौत होने के बाद मृतक संख्या 1,575 हो गई है।

देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से पीड़ित 36,145 लोग ठीक हो चुके हैं। एक दिन में इस संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों की यह संख्या सर्वाधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि ठीक होने वाले लोगों की दर बढ़कर 63.92 फीसदी हो गई है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि कोविड-19 के कारण मरने वालों की दर भी गिरकर 2.31 फीसदी रह गई है। रविवार को देश में कोविड-19 के मामले 13,85,522 पर पहुंच गए तथा ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़कर 8,85,576 हो गई। मंत्रालय ने बताया कि अब ठीक होने वाले लोगों की संख्या इलाज करवा रहे मरीजों के मुकाबले 4,17,694 अधिक है। उसने बताया, ‘‘इलाज करवा रहे मरीजों की तुलना में ठीक हो चुके मरीजों की संख्या 1.89 गुना अधिक है।’’ देश में एक दिन के भीतर रिकॉर्ड 4,40,000 से अधिक जांच की गई, इसके साथ अब तक देश में कोविड-19 की 1.6 करोड़ से अधिक जांच हो चुकी है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पहली बार सरकारी प्रयोगशालाओं ने रिकॉर्ड 3,62,153 नमूनों की जांच की। निजी प्रयोगशालाओं ने भी एक दिन में 79,878 नमूनों की जांच की।’’ मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के कारण सबसे कम मृत्यु दर वाले देशों में भारत भी शामिल है।

महाराष्ट्र में 9,431 नये मामले सामने आये

महाराष्ट्र में रविवार को कोविड-19 के सर्वाधिक 9,431 नये मामले सामने आये, जिससे संक्रमण के मामले 3,75,799 तक पहुंच गये। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने कहा कि राज्य में वायरस ने 267 और लोगों की जान ले ली, जिससे राज्य में मृत्यु का आंकड़ा 13,656 तक पहुंच गया। विभाग ने एक बयान में कहा कि 6,044 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई, जिससे राज्य में बीमारी से ठीक हुए लोगों की संख्या 2,13,238 तक पहुंच गई। महाराष्ट्र में अब 1,48,601 मरीजों का इलाज चल रहा है। विभाग ने कहा कि अब तक कुल 18,86,296 लोगों की जांच की गई है। मुंबई महानगर और इसके उपनगरीय क्षेत्रों में रविवार को 1,101 नए मामले सामने आए, जिसमें यहां संक्रमितों की कुल संख्या 1,09,161 हो गई, जबकि 57 मौतों के साथ, मृत्यु का आंकड़ा 6,093 तक पहुंच गया।

ठीक होने की दर करीब 88 प्रतिशत पहुंची

दिल्ली में कोविड-19 मरीजों के ठीक होने की दर रविवार को लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या के मामले में राष्ट्रीय राजधानी अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में 10 वें स्थान पर आ गई है क्योंकि महानगर में संक्रमित मरीजों की संख्या ‘‘लगातार कम हो रही’’ है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 11,904 है, जबकि शनिवार को 12,657, शुक्रवार को 13,681, गुरुवार को 14,554 और बुधवार को 14,954 थी। विभाग ने रविवार को अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 87.95 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि शनिवार को यह 87.29 प्रतिशत थी। हालांकि, संक्रमण की पुष्टि की दर शनिवार के 5.56 प्रतिशत से बढ़कर 6.13 प्रतिशत हो गई। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 1,075 नये मामले सामने आये, जिससे महानगर में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,30,606 हो गये, जबकि बीमारी से 21 लोगों की मौत हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,827 हो गई। बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में, 1,807 मरीज या तो ठीक हुए हैं, या उन्हें छुट्टी दे दी गई या वे शहर से बाहर चले गए। मरीजों की संख्या वाली राज्यों की एक सूची साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘आज दिल्ली 10 वें स्थान पर आ गई है। लोग ठीक हो रहे हैं और सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है।’’ दिल्ली शनिवार को सूची में आठवें और कुछ दिन पहले दूसरे स्थान पर थी। गत 11 से 19 जुलाई तक लगातार 1,000 से 2,000 के बीच नए मामले सामने आ रहे थे। गत 19 जुलाई को 1,211 मामले सामने आए थे। गत 20 जुलाई को नए मामलों की संख्या घटकर 954 रह गई लेकिन अगले ही दिन यह बढ़कर 1,349 हो गयी। मंगलवार से, फिर से 1,000 से अधिक नए मामले सामने आने लगे। हालांकि, शनिवार को उपचाराधीन मरीजों की संख्या 11,904 रही, जो उसके पिछले दिन 12,657 थी। अब तक, लगभग 1,14,875 मरीज या तो ठीक हो चुके हैं,बाहर जा चुके हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 23 जून को अब तक के सर्वाधिक 3,947 नए मामले सामने आए थे। बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में अब तक कुल 9,46,777 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिसका मतलब है प्रति दस लाख आबादी में 49,830 जांच हुई हैं। इसमें कहा गया है कि पिछले 24 घंटों में 17,533 नमूनों की जांच की गई हैं, जिनमें 12,501 रैपिड एंटीजन जांच और 5032 आरटी-पीसीआर जांच शामिल हैं। बुलेटिन में कहा गया कि निजी और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध 15,475 बिस्तरों में से केवल 2,856 पर मरीज भर्ती हैं, जबकि 6,976 मरीज घर पर ही रहकर इलाज करा रहे हैं। बुलेटिन में यह भी कहा कि विभिन्न कोविड देखभाल केंद्रों में कुल 9,444 बिस्तरों में से 3,202 पर ही लोग हैं, जहां वे पृथक-वास में रह रहे हें, जिनमें वंदे भारत मिशन के तहत और अन्य उड़ानों से लौटे लोग भी शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में निरूद्ध क्षेत्रों की संख्या 714 हो गई है।

गुजरात में सर्वाधिक 1,110 मामले सामने आए

गुजरात में रविवार को कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 1,110 नये मामले आने के बाद राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या 55,822 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि 21 और मरीजों की इस घातक बीमारी से मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,326 हो गई है। संक्रमण से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या 40,365 हो गई जबकि 753 मरीजों को आज दिनभर में विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दी गई। राज्य में स्वस्थ होने वालों की दर अब 72.31 प्रतिशत हो गई है। राज्य में रविवार को 21,708 नमूनों की जांच की गई जिसके बाद अब तक कुल 6,42,370 लोगों की जांच की जा चुकी है।

ओडिशा में 1,376 नये मामले सामने आये

ओडिशा में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,376 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 25,000 से अधिक हो गई और 10 और लोगों की इस संक्रमण के कारण मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 140 हो गई। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब तक 25,389 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को पृथक केंद्रों में संक्रमण के 917 मामले सामने आए और स्थानीय स्तर पर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से 459 लोग संक्रमित हुए। ओडिशा का गंजाम जिला इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित है जहां इस महामारी के 484 नये मामले सामने आये है। इसके बाद खुर्दा (187), क्योंझर (103), पुरी (91), कटक (75) और गजपति (74) में रविवार को संक्रमण के मामले सामने आए। आक्रमण के नए मामले राज्य के सभी 30 जिलों में सामने आए हैं। जिन 10 संक्रमितों की मौत हुई है, उनमें से छह लोगों की मौत गंजाम में हुई। खुर्दा में दो और गजपति एवं सुंदरगढ़ में एक-एक व्यक्ति की जान गई। गंजाम में इस संक्रमण से अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है और जिले में अब तक संक्रमण के 8,678 मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में इस समय 9,286 संक्रमित लोगों का उपचार चल रहा है और 15,929 लोग स्वस्थ हो गए हैं।

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हरियाणा में कोविड-19 से तीन और लोगों की मौत

हरियाणा में कोविड-19 से तीन और लोगों की मौत होने के बाद रविवार को मृतक संख्या 392 हो गई है जबकि 794 मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 31,332 हो गए हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के नियमित बुलेटिन के मुताबिक पंचकूला जिले में कोविड-19 से पहली मौत हुई जबकि हिसार और कुरुक्षेत्र जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। बुलेटिन के मुताबिक जिन जिलों से नये मामले सामने आए हैं उनमें 219 मामले फरीदाबाद से, गुरुग्राम से 121, रेवाड़ी से 81, पानीपत से 47, करनाल से 44, रोहतक से 39, अंबाला से 32, कुरुक्षेत्र से 28, सोनीपत से 24, पंचकूला से 19 और यमुनानगर से 25 मामले हैं। हरियाणा में बीते हफ्ते कोरोना वायरस के काफी मामले सामने आए हैं जिनमें से ज्यादातर मामले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जिलों से हैं। 17 जुलाई को, हरियाणा में एक दिन में सर्वाधिक 795 मामले सामने आए थे जबकि 22 जुलाई को 724, 23 जुलाई को 789, 24 जुलाई को 780 और 25 जुलाई को 783 मामले सामने आए। राज्य में मरीजों के स्वस्थ होने की दर रविवार को 77.82 प्रतिशत थी जबकि संक्रमण के मामले 23 दिनों में दोगुना हो रहे हैं।

केरल में कोविड-19 के 927 नये मरीज सामने आए

केरल में रविवार को कोविड-19 के 927 नये मरीज सामने आए, जिनमें 16 स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं। इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18,140 हो गई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने बताया कि सबसे अधिक 175 नये संक्रमित राजधानी तिरुवनंतपुरम में सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कासरगोड में 107, पथनमथिट्टा में 91, कोल्लम में 74 नये मामले आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्य में कोविड-19 से दो और लोगों की मौत हुई है। इन्हें मिलाकर अबतक केरल में इस महामारी से 61 लोगों की जान गई है। एक विज्ञप्ति में मंत्री ने बताया कि त्रिशूर और मालापुरम में एक-एक व्यक्ति की मौत संक्रमण की वजह से हुई और उनकी उम्र 71 साल थी एवं अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि संक्रमितों में 76 विदेश से आए हैं जबकि 91 संक्रमित दूसरे राज्यों से लौटे थे वहीं 733 लोग कोविड-19 मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए जबकि 67 लोगों के संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चला है। शैलजा ने बताया कि 9,655 मरीजों का इस समय इलाज चल रहा है जबकि 9,302 लोग ठीक हो चुके हैं। इनमें से 689 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद रविवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में 1.56 लाख लोगों को निगरानी में रखा गया है जिनमें से 1.47 लाख लोग गृह या संस्थागत पृथकवास में हैं जबकि 8,980 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें से 1,277 लोगों को रविवार को अस्पताल में भर्ती किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गत 24 घंटे में 20,626 नमूनों को जांच के लिए भेजा गया। अबतक 6.72 लाख नमूने जांच हेतु लिए गए हैं जिनमें से 7,492 के नतीजों को इंतजार है। राज्य में 494 स्थानों की पहचान संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित स्थल के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि राजधानी तिरुवनंतपुरम सबसे अधिक प्रभावित है जहां पर कुल 2,788 मरीजों को इलाज चल रहा है। इसके बाद एर्नाकुलम का स्थान है जहां पर 863 उपचाराधीन मरीज हैं।

कोविड-19 की जांच रिपोर्ट होनी अनिवार्य

नगालैंड में सभी विधायकों और विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों को कोविड-19 के लिए अनिवार्य रूप से जांच करानी होगी और राज्य विधानसभा के 30 जुलाई को आयोजित होने वाले एक-दिवसीय सत्र में शामिल होने के लिए रिपोर्ट साथ में लानी होगी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। विधानसभा आयुक्त और सचिव पीजे एंटनी द्वारा शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि विधानसभा अध्यक्ष शारिंगन लोंगकुमर ने फैसला किया है कि परिसर में आने वाले मंत्रियों, सलाहकारों, विधायकों और सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित सभी लोगों को कोविड-19 की जांच करानी होगी और रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। बयान में कहा गया है कि नागरिक सचिवालय से चर्चा के बाद विधानसभा सचिवालय ने सभी की जांच के लिए आवश्यक प्रबंध किये हैं। विधानसभा परिसर के आसपास भीड़ से बचने के लिए, अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया कि सदस्य केवल अपने चालकों और एक सुरक्षाकर्मी के साथ आ सकते हैं। विधानसभा सत्र को कवर करने वाले पत्रकारों को भी कोरोना वायरस की जांच करानी होगी और सत्र में शामिल होने के लिए रिपोर्ट साथ में लानी होगी।

आंध्र प्रदेश में 7,627 नए मामले सामने आए

आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,627 नए मामले सामने आने के बाद रविवार को संक्रमितों की कुल संख्या 96,298 हो गई। इसके अलावा बीते 24 घंटे में 56 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 1,041 तक पहुंच गई है। सरकारी बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे में 3,041 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है। इसके साथ ही राज्य में ठीक हो चुके लोगों की संख्या 46,301 हो गई है। राज्य में अब भी 48,956 लोग उपचाराधीन है।

कर्नाटक में एक दिन में सबसे अधिक 5,199 मामले

कर्नाटक में रविवार को एक दिन में सबसे अधिक 5,199 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 96,141 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस अवधि में 82 और लोगों की कोविड-19 की वजह से मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन के मुताबिक राज्य में 58,417 मरीज उपचाराधीन हैं जिनमें से 632 लोग गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती हैं। वहीं इस अवधि में 2,088 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद छुट्टी दी गई। इन्हें मिलाकर राज्य में अब तक 35,838 कोविड-19 मरीज ठीक हो चुके हैं। बुलेटिन के अनुसार सबसे अधिक 1,950 नये मामले बेंगलुरु शहर में आए हैं। वहीं बेल्लारी में 579, मैसुरु में 230, बेंगलुरु ग्रामीण में 213, दक्षिण कन्नड जिले में 199 मामले सामने आए हैं। कोविड-19 से मौतों के मामले में भी बेंगलुरु शहर शीर्ष पर बना हुआ है। यहां पर रविवार को कोरोना वायरस के संक्रमण से 29 और लोगों की मौत हुई जिन्हें मिलाकर अब तक शहर में 891 लोगों की जान इस महामारी में जा चुकी है। वहीं, दक्षिण कन्नड में सात, बेलगावी-कलबुर्गी-धारवाड़ जिले में छह-छह और मैसुरु-तुमकुरु में पांच-पांच लोगों की मौत कोविड-19 की वजह से दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिन लोगों की मौत कोविड-19 की वजह से हुई है उनमें से अधिकतर सांस लेने की समस्या से जूझ रहे थे। विभाग ने बताया कि राज्य में जिन 632 लोगों को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया है उनमें 353 बेंगलुरु, 37 धारवाड़, 29 कलबुर्गी के अस्पतालों में भर्ती हैं। विभाग ने बताया कि संक्रमितों के प्राथमिक संपर्क में आए 74,475 लोगों को और द्वितीयक संपर्क में आए 64,033 लोगों को निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि रविवार को कर्नाटक में 33,565 नमूनों की जांच की गई, जिन्हें मिलाकर राज्य में अब तक 11.76 लाख नमूनों की जांच हो चुकी है।

कर्नाटक के वन मंत्री संक्रमित

कर्नाटक के वन मंत्री आंनद सिंह के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। सिंह की कोविड-19 जांच रिपोर्ट शनिवार रात पॉजिटिव आई। नमूने शुक्रवार को लिये गये थे। हालांकि, उनके करीबी सहयोगियों ने बताया कि उनमें कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण नहीं हैं। उन्होंने बताया, 'उनकी (सिंह की) कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, लेकिन उनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं और वह पृथक-वास में हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले मंत्री के वाहन चालक के भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। इस महीने की शुरुआत में पर्यटन मंत्री सीटी रवि भी संक्रमित हो गये थे। कर्नाटक में शनिवार को कोविड-19 के 5,072 नए मामले सामने आए थे। इसके साथ, राज्य में कुल मामलों की संख्या बढ़ कर 90,942 पहुंच गई।

तमिलनाडु में कोविड-19 के 6986 नए मामले

तमिलनाडु में रविवार को संक्रमण के 6,986 नए मामले सामने आने के साथ ही कोविड-19 मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 2,13,723 हो गई जबकि 85 और मरीजों की मौत के साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,493 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन में कहा गया कि नए मरीजों में से सात विदेश से आए हैं जबकि 68 अन्य राज्यों से हैं। इसमें कहा गया कि चेन्नई में 1,155 मामले सामने आए जबकि तीन पड़ोसी जिलों चेंगलपेट में 501, कांचीपुरम में 363 और तिरुवल्लूर में 480 नए मरीज मिले। राज्य में सामने आए कुल मामलों में से अकेले चेन्नई में 94,695 मामले मिले हैं। बुलेटिन के मुताबिक महामारी से जान गंवाने वालों में तिरुवन्नामलाई में 37 दिन का एक बच्चा भी शामिल है जिसका वजन जन्म के समय ही कम था, इसके अलावा 15 वर्षीय एक लड़की और 28 साल के एक युवक की भी इस बीमारी से जान गई है। जान गंवाने वाले 75 लोग पहले से अन्य बीमारियों से ग्रस्त थे जबकि 10 को कोई बीमारी नहीं थी। राज्य में इस बीमारी से हुई कुल 3494 मौतों में से अकेले चेन्नई में 2011 लोगों की जान गई है। राज्य में रविवार को 64,129 नमूनों की जांच की गई जबकि अब तक कुल 23,51,463 नमूनों की जांच की जा चुकी है। राज्य में फिलहाल 116 कोविड जांच केंद्र काम कर रहे हैं। राज्य में आज ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से 5471 लोगों को छुट्टी दे दी गई जिसके बाद अब 53,703 लोगों का उपचार चल रहा है। अब तक राज्य में 1,56,526 मरीज इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर में कोविड-19 के 615 नये मामले

जम्मू-कश्मीर में रविवार को 615 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 17,920 हो गए हैं जबकि बीमारी से सात और मरीजों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 312 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत जम्मू में हुई और छह मौतें कश्मीर घाटी में हुईं। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में मृतक संख्या 312 हो गई है जिसमें से 289 लोगों की मौत घाटी में और 23 लोगों की मौत जम्मू क्षेत्र में हुई है। उन्होंने कहा कि 615 नये मामलों में से, 135 मामले जम्मू क्षेत्र से सामने आऐ हैं और 479 मामले घाटी के हैं। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में 7,680 लोगों का अब भी इलाज चल रहा है जबकि 9,928 मरीज संक्रमण से उबर चुके हैं। रविवार को सामने आए मामलों में 145 वे लोग भी शामिल हैं जो हाल में केंद्र शासित प्रदेश लौटे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मध्य कश्मीर में श्रीनगर जिले में सबसे अधिक 209 नये मामले सामने आए हैं। इसके बाद 88 मामले बडगाम से सामने आए हैं। वहीं, डोडा जिले के भद्रवाह नगर में 14 मामले सामने आने के बाद वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए पूर्ण लॉकडाउन को रविवार को भी जारी रखा गया। भद्रवाह के उपसंभागीय पुलिस अधिकारी, आदिल रिशु ने कहा कि नये मामलों की जांच और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए अगले आदेश तक प्रतिबंध जारी रहेंगे। डोडा में 30 नये मामले सामने आने के भद्रवाह में शुरुआत में 21 जुलाई को प्रतिबंध लगाए गए थे। यह तीसरी बार है जब लॉकडाउन बढ़ाया गया है।

दिल्ली में कोविड-19 के 1,075 नये मामले

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को कोविड-19 के 1,075 नये मामले सामने आये, जिससे महानगर में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1.30 लाख से अधिक हो गये, जबकि इससे मरने वालों की संख्या 3,827 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बीमारी से 21 लोगों की मौत हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,827 हो गई है और संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,30,606 हो गई है। दिल्ली में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 87.95 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि संक्रमण की पुष्टि की दर शनिवार के 5.56 प्रतिशत से बढ़कर 6.13 प्रतिशत हो गई। बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में, 1,807 मरीज या तो ठीक हुए हैं, या उन्हें छुट्टी दे दी गई या वे शहर से बाहर चले गए। गत 11 से 19 जुलाई तक लगातार 1,000 से 2,000 के बीच नए मामले सामने आ रहे थे। गत 19 जुलाई को 1,211 मामले सामने आए थे। गत 20 जुलाई को नए मामलों की संख्या घटकर 954 रह गई लेकिन अगले ही दिन यह बढ़कर 1,349 हो गयी। मंगलवार से, फिर से 1,000 से अधिक नए मामले सामने आने लगे। हालांकि, शनिवार को उपचाराधीन मरीजों की संख्या 11,904 रही, जो उसके पिछले दिन 12,657 थी। अब तक, लगभग 1,14,875 मरीज या तो ठीक हो चुके हैं, पलायन कर चुके हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 23 जून को अब तक के सर्वाधिक 3,947 नए मामले सामने आए थे। बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में अब तक कुल 9,46,777 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिसका मतलब है प्रति दस लाख आबादी में 49,830 जांच हुई हैं। इसमें कहा गया है कि पिछले 24 घंटों में 17,533 नमूनों की जांच की गई हैं, जिनमें 12,501 रैपिड एंटीजन जांच और 5032 आरटी-पीसीआर जांच शामिल हैं। बुलेटिन में कहा गया कि निजी और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध 15,475 बिस्तरों में से केवल 2,856 पर मरीज भर्ती हैं, जबकि 6,976 मरीज घर पर ही रहकर इलाज करा रहे हैं। बुलेटिन में यह भी कहा कि विभिन्न कोविड देखभाल केंद्रों में कुल 9,444 बिस्तरों में से 3,202 पर ही लोग हैं, जहां वे पृथक-वास में रह रहे हें, जिनमें वंदे भारत मिशन के तहत और अन्य उड़ानों से लौटे लोग भी शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में निरूद्ध क्षेत्रों की संख्या 714 हो गई है।

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री, मंत्री एवं विधायकों की जांच करायी जायेगी

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नरायणसामी, उनकी कैबिनेट के सहयोगियों, विधानसभा अध्यक्ष तथा सभी विधायकों की कोविड—19 जांच करायी जायेगी। इससे पहले बजट सत्र में हिस्सा लेने वाले एक विधायक कोरोना संक्रमित पाये गये थे। विधानसभा सचिवालय के प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि सभी 32 विधायकों की जांच की जायेगी और यह जांच सोमवार एवं मंगलवार को विधानसभा परिसर तथा पास के स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में की जाएगी। यह इसलिये आवश्यक हो गया है क्योंकि विपक्षी एआईएनआरसी के विधायक एनएसजे जयबल शनिवार को कोराना संक्रमित पाये गये थे। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि एक कर्मचारी भी कारोना संक्रमित पाया गया है और उसे भी शनिवार को सरकारी मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रवक्ता ने बताया कि विधानसभा परिसर में स्थित विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों समेत सभी कार्यालयों को एहतियात के तौर पर मंगलवार तक बंद कर दिया गया है और उन्हें सेनिटाइज किया जायेगा। उन्होंने बताया कि संक्रमित विधायक के संपर्क में आने वाले मीडियाकर्मियों की भी कोरोना वायरस जांच की जायेगी।

घर पर पृथकवास सुविधा शुरू

उत्तर प्रदेश के जनपद गौतम बुद्ध नगर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए घर पर पृथकवास की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके तहत जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने रविवार को एकीकृत नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ एक कॉल सेंटर की शुरुआत की है। इसके माध्यम से ‘होम आइसोलेशन’ घर पर पृथकवास के मरीजों से लगातार संपर्क किया जाएगा तथा उनसे बातचीत करके डॉक्टरों से परामर्श लेकर उन्हें स्वास्थ्य संबंधित तथा दवा आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि जनपद में शासन के निर्देशों के अनुपालन में अब कोरोना वायरस मरीजों को घर पर पृथकवास की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। घर पर पृथकवास के सभी मरीजों का यथासमय इलाज एवं उनके स्वास्थ्य की जानकारी जिला प्रशासन एवं चिकित्सकों को रहे और उनके इलाज पर लगातार निगरानी रखी जा सके इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आज जिला प्रशासन की ओर से एकीकृत नियंत्रण कक्ष के साथ ही एक कॉल सेंटर का शुभारंभ किया गया है। कॉल सेंटर का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में कोविड-19 से संक्रमित एवं घर पर पृथकवास में मरीजों से बात की तथा उनका हालचाल जाना। जिलाधिकारी ने ऐसे मरीजों को मिलने वाले इलाज के संबंध में गहनता से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर के माध्यम से घर पर पृथकवास के मरीजों से उनके इलाज एवं व्यवस्थाओं के संबंध में निरन्तर रूप से जानकारी प्राप्त की जाएगी। उक्त जानकारी के आधार पर मरीजों को कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज एवं अन्य सुविधाएं जिला प्रशासन यथासमय सुनिश्चित करेगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

रक्षाबंधन मनाने का तरीका बदला

कोरोना वायरस ने इस साल सभी त्यौहारों का स्वाद फीका कर दिया है। इसी कड़ी में रक्षाबंधन भी जुड़ गया है। पाबंदियों के इस दौर में बहनें दूसरे शहरों में रहने वाले अपने भाइयों को डाक और ई-वाणिज्य कंपनियों के जरिए राखियां भेज रही हैं। दिल्ली निवासी निधि रावत को मीठा बेहद पसंद है और मुंबई में रहने वाले उनके भाई हर साल रक्षाबंधन पर 'बॉन्बे हल्वा' लेकर आते थे, लेकिन इस बार वह नहीं आएंगे। पम्मी सैनी ने अहमदाबाद में रहने वाले अपने भाई और भतीजे को राखी तथा एक पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि पाबंदियों ने यह एहसास कराया कि वह अपने भाई से कितना प्यार करती हैं। रावत और सैनी की तरह ही कई महिलाएं कोरोना वायरस के कारण लागू यात्रा प्रतिबंध की वजह से अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पाएंगी। कुछ महिलाओं ने तो हस्त निर्मित या मास्क के आकार की राखियां डाक या ई-वाणिज्य कंपनियों के जरिए भेजी हैं। रावत ने कहा, "वह मेरा छोटा भाई है और वह जानता है कि मुझे मीठा कितना पसंद है। वह हर बार मेरे लिए बॉम्बे हल्वा लेकर आता था।" दिल्ली निवासी बैंकर ने कहा, "वह रोज अपने भाई से वीडियो कॉल पर बात करती हैं, लेकिन वह इस बात से दुखी हैं कि वह तीन अगस्त को रक्षा बंधन पर उन्हें गले नहीं लगा सकेंगी।" वह दो बार डाकघर गई थी, मगर लंबी कतार देखकर लौट आईं, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोग डाक के जरिए राखियां भेजना चाहते हैं। रावत ने बताया, ''इसलिए, मैंने ई-वाणिज्य वेबसाइट के जरिए राखी भेजने का फैसला किया। मेरे पास इसके जरिए तोहफा भी भेजने का विकल्प था।" बचपन में ही अपने पिता को खो देने वाली सैनी ने कहा कि उनका भाई उनसे आठ साल बढ़ा है और बचपन से ही उनका ध्यान रखता है। दिल्ली में रहने वाली अध्यापिका ने कहा, ''जब उन्हें अहमदाबाद में नौकरी मिल गई तो वह दिल्ली से चले गए। वह दिसंबर में पिछली बार आए थे। महामारी के कारण लगे लॉकडाउन ने यह एहसास कराया है कि मैं उनसे कितना प्यार करती हूं।" निशा यादव का भाई पिछले 10 साल से रोहतक में रह रहा है और वह हर साल त्यौहार पर उसके लिए तोहफा जरूर लाता था। यादव ने कहा, ''मैंने डाक के जरिए उन्हें हाथ से बनी राखी भेजी है। मैं जानती हूं कि वह इसे पसंद करेंगे।" मयूर विहार में रहने वाली रश्मि गुप्ता को इल्म है कि उनका भाई कोयंबटूर से दिल्ली नहीं आ सकेगा। इसलिए उन्होंने मास्क के आकार की राखी बनाई और 10 दिन पहले स्पीड पोस्ट के जरिए भेज दी ताकि यह समय पर उन्हें मिल जाए। इस बार के रक्षाबंधन पर भाई भी मायूस हैं। विकास त्रिपाठी ने कहा कि महामारी के कारण इलाहाबाद में रहने वाली बहन के यहां जाना मुमकिन नहीं है। मीडियाकर्मी ने कहा, ''बहन का परिवार वायरस से प्रभावित है और पृथक-वास में है। इसलिए मैं उन्हें वीडियो कॉल पर ही शुभकामनाएं दूंगा।" नोएडा के रोहित मिश्रा ने कहा कि उनकी बहन ने उन्हें स्पीड पोस्ट के जरिए राखी भेजी है।

बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र रविवार को राजभवन में राज्य के मुख्य सचिव राजीव स्वरूप और पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र यादव से मिले। स्वरूप और यादव ने मिश्र को कांग्रेस द्वारा सोमवार को किए जा रहे प्रदर्शन के बारे में बताया। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने मिश्र को राजभवन की सुरक्षा के लिए की गई पुख्ता प्रबंध व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। मिश्र ने प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जाहिर की। राज्यपाल ने कहा कि एक जुलाई से आज तक कोरोना वायरस महामारी के प्रदेश में मामले तीन गुना हो गये हैं। राज्यपाल ने निर्देश दिये कि प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए गंभीरता से प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी पर प्रदेश में नियंत्रण करने के लिए नई रणनीति बनाने पर विचार करना होगा। कांग्रेस ने ‘संविधान और लोकतंत्र को बचाने’ के लिये देशभर में सोमवार को राजभवनों के सामने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। राजस्थान सरकार ने विधानसभा सत्र 31 जुलाई से बुलाने के लिये राज्यपाल के पास संशोधित प्रस्ताव भेजा है।

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योगी ने इलाज के प्रयासों की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान वाराणसी मण्डल के जनपदों में कोविड-19 महामारी के संक्रमण से बचाव के साथ ही कोविड-19 मरीजों के इलाज हेतु किये जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सेंट्रल हाल सभागार में कहा कि वाराणसी मंडल में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई का अच्छा कार्य हुआ है, इसे और अच्छा करना हैं। उन्होंने कहा कि बीएचयू व जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करके पूर्वांचल सहित अन्य प्रदेशों बिहार आदि को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा सकती है। बीएचयू एल-3 लेवल के बिस्तरों की संख्या में विस्तार करने के साथ ही गैर कोविड-19 ओपीडी संचालित करे। वरिष्ठ डॉक्टर भी कोविड-19 मरीजों को देखें। मुख्यमंत्री ने आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने पर बल दिया और कहा कि बीएचयू को राज्य सरकार से जो सहयोग चाहिए, वह मिलेगा। योगी आदित्यनाथ ने संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करके तत्काल उन्हें अस्पताल या पृथक केंद्र आदि में भर्ती करके चिकित्सा सुविधा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंडल के सभी जनपदों में एल-1 व एल-2 अस्पताल विकसित हो जिनमें ऑक्सीजन व वेंटीलेटर की समुचित व्यवस्था रहे। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि कोविड-19 अस्पतालों में एक सामूहिक स्थान चयन करके वहां टीवी लगवाएं, ताकि मरीज समाचार दि देख सकें। मुख्यमंत्री ने संक्रमितों के सम्पर्क में आये लोगों का पता लगाने के लिए घर घर सर्वेक्षण पर विशेष जोर देते हुए इसे सफलता से चलाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेलों में संक्रमण नहीं फैली इसके लिए अस्थाई जेल बनाएं। जहां पहले नए कैदी को कुछ समय रखा जाए। पुलिसकर्मियों को संक्रमण से बचाव की कार्यवाही हो। छुट्टी से वापस आने वालों का जांच हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की गरीब कल्याण योजना में नवंबर तक निशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था है। पात्रों को खाद्यान्न मुहैया हो सके, इसके पर्यवेक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की तैनाती की जाय। आत्मनिर्भर भारत में प्रवासी व निवासी दोनों को कार्य मिले। मनरेगा में प्रदेश में रिकॉर्ड कार्य हुआ है। योगी ने कहा कि प्रदेश में 40 लाख प्रवासी आये। बैठक में वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर एवं चंदौली के जिलाधिकारियों ने ‘पावर प्रजेंटेशन’ के माध्यम से अपने जिलों में कोविड-19 वैश्विक महामारी के संक्रमण से बचाव तथा मरीजों के बेहतर इलाज के बाबत की गई व्यवस्थाओं एवं कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। वाराणसी में 892 कोविड-19 हेल्प डेस्क स्थापित किये गए हैं।

रेस्तरां भी कोरोना काल में खुद को बदल रहे

बीसवीं सदी की महान साहित्यकार वर्जीनिया वुल्फ ने किसी अन्य समय और संदर्भ में कहा था, ''कोई तब तक सोच नहीं सकता, प्रेम नहीं कर सकता, सो नहीं सकता जबतक कि वह ठीक से खाना नहीं खाता।’’ दशकों बाद जब कोविड-19 का प्रसार जारी है ये शब्द उन लोगों के लिए प्रासंगिक हो गए है जो सामान्य हालात होने पर कम से कम रेस्तरां में जाकर बढ़िया खाने की उम्मीद कर रहे हैं। गत महीनों में भारत के शहरी कुलीन वर्ग में बाहर जाकर खाने की परिपाटी में कमी आई है, लेकिन एक बार फिर यह स्थिति लौटने की उम्मीद है क्योंकि करीब चार महीने के बाद रेस्तरां उद्योग लोगों का फिर से स्वागत करने की तैयारी कर रहा हैं। कोरोना वायरस की महामारी के चलते खाद्य एवं पेय उद्योग खुद को परिवर्तित कर रहा है ताकि समय के साथ सामंजस्य बिठाया जा सके। धीमी ही गति से सही वह धीरे-धीरे इस संकट से खुद को बाहर निकाल रहे हैं, कई रेस्तरां ने ऑनलाइन ऑर्डर पर खाना पहुंचाने की शुरुआत की है और कई डिजिटल उपायों से स्वयं को पुर्नस्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। सामाजिक दूरी, खुली रसोईघर, नियमित तौर पर सैनिटाइजेशन, रेस्तरां कर्मियों से न्यूनतम संपर्क और डिजिटल मेन्यु कुछ उपाय हैं जो ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए अपनाए जा रहे हैं। मार्च महीने में कोविड-19 की वजह से लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद से ही घर में बैठकर उब चुकी शोभा मिश्रा उन लोगों में हैं जो अपनी पसंदीदा कॉफी और कुकीज की तलाश में घर से बाहर कुछ समय बिताने के लिए निकल रही हैं। मीडिया पेशेवर मिश्रा दक्षिण दिल्ली के अपने नियमित ठिकाने ब्लू टोकाई में जाने पर स्वच्छता और सामजिक दूरी का अतिरिक्त ख्याल रखती हैं। सामाजिक दूरी के नये नियम के बीच कैफे की टेबल पर क्यूआर कोड उनका ध्यान विशेष तौर पर आकर्षित करता है। उन्होंने कहा, ''यह राहत है कि कैफे में भीड़ नहीं है। इसके अलावा टेबल पर रखे क्यूआर कोड को फोन से स्कैन करते ही पूरा मेन्यु (व्यंजन सूची) सामने आ जाता है।’’ गुरुग्राम में मानव संसाधन प्रबंधक के तौर पर काम करने वाली अंकिता वर्मा ने बताया कि बाहर खाना खाने से अधिक बाहर जाकर खाने के अनुभव की कमी महसूस कर रही हैं। ब्लू टोकाई द्वारा डिजिटल मेन्यु का विचार अपना है लेकिन नये प्रौद्योगिकी समाधान मुहैया कराने वाले जैसे माई मैन्यु और फास्टर भी अपने ग्राहकों को बता रहे हैं कि कैसे बिना संपर्क किए क्यूआर कोड से खाने का ऑर्डर किया जा सकता है और भारतीय सेवा बाजार में उनकी मांग बढ़ रही है। रेस्तरां मालिक मान रहे हैं कि ये बदलाव ही मौजूदा परिस्थितियों में कारोबार को जारी रखने का तरीका है। रेस्तरां के प्रत्येक टेबल पर मौजूद कंप्यूटर आधारित कोड से ग्राहक अपने स्मार्टफोन के जरिये मेन्यु देख सकता है और अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे खाना ऑर्डर करता सकता है, यहां तक कि खाना खाने के बाद बिल का भुगतान कर बिना किसी के संपर्क में आए बाहर आ सकता है। माई मेन्यु इंडिया के प्रमुख नीरन तिवारी ने ई्मेल के जरिये की गई बातचीत में कहा, ''रेस्तरां पहले ही इस बदलाव को अपनाना शुरू कर चुके हैं क्योंकि वे अपने कारोबार को जारी रखना चाहते हैं। वहीं, ग्राहक बाहर निकलने और सुरक्षित तरीके से खाना खाने के इच्छुक हैं। हमें न केवल पंच सितारा से ऑर्डर आ रहे हैं बल्कि मध्यम दर्जे के रेस्तरां भी संपर्क कर रहे हैं क्योंकि यह उनके यहां आने वाले ग्राहकों में भरोसा जगाएगा।’’

-नीरज कुमार दुबे

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