Hibiscus Plant Care: बस 3 चीजें और गुड़हल फूलों से भर जाएगा, Kitchen Waste से बनायें 'Natural Booster'

गुड़हल के पौधे में बड़े और चमकदार फूलों के लिए पोषक तत्वों का विश्लेषण आवश्यक है। माली द्वारा सुझाए गए बोन मील, सूखी चाय पत्ती और राख का मिश्रण मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर पौधों को मजबूती प्रदान करता है। ऑर्गेनिक गार्डनिंग के इन सुझावों से कम रखरखाव में भी फूलों की पैदावार बढ़ाई जा सकती है।
क्या आपके घर में लगा हुआ गुड़हल के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं या उनका साइज काफी छोटा है। ऐसे में आपको परेशान होने की जरुरत नहीं। गौरतलब है कि गुड़हल का पौधा हर किसी के गार्डन की शान होता, लेकिन अक्सर सही पोषण न मिलने के कारण इसमें कलियां आनी बंद हो जाती हैं।
अगर आप भी अपने गुड़हल के पौधे को बड़े साइज के चमकदार लाल फूल से लदा हुआ बना सकते हैं, तो बस आप इन गार्डनिंग टिप्स को जरुर फॉलो करें।
कामकाजी लोगों के लिए बेस्ट है 'देसी गुड़हल'
यदि आप नौकरी करते हैं या आपके पास ज्यादा समय नहीं रहता है, तो आप अपने टेरेस गार्डन के लिए देसी गुड़हल का चयन कर सकते हैं। यह पौधा काफी रफ एंड टफ होता है। इसको ज्यादा केयर की जरुरत भी नहीं होती है। कम रखरखाव के बाद भी यह पौधा आपके बगीचे को खूबसूरत लाल फूलों से भरा रखता है।
3 चीजों का सीक्रेट 'ड्राय फर्टिलाइजर'
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स ने मुताबिक केले या प्याज के छिलकों को पानी में भिगोकर लिक्विड फर्टिलाइजर बनाया जा सकता है। हालांकि, व्यस्त लोगों के पास इसका समय नहीं होता है। ऐसे में अगर आप एक सूखा मिश्रण तैयार कर सकते हैं, जो पौधे को सारे जरुरी पोषक तत्व देगा। बस आपको ये 3 चीजें चाहिए।
-बोन मील
-चाय पत्ती (इस्तेमाल की हुई सूखी चायपत्ती या फ्रेश पाउडर)
-लकड़ी की राख: लगभग एक चम्मच
कैसे करें इसका इस्तेमाल
इस सूखे खाद मिश्रण का इस्तेमाल करना काफी आसान है। तीन सामग्रियों को अच्छी तरह से आप मिला लें। ध्यान रहे कि इस खाद को रोजाना पौधे में नहीं डालना है। हर 15-20 दिनों में एक बार गमले की मिट्टी में थोड़ा-सा छिड़क कर मिला सकते हैं। यह मिश्रण धीमी गति से काम करने वाला एक बेहतरीन ऑर्गिनक न्यूट्रिएंट है, जो जड़ों को मजबूत करती है।
दाल और चावल के पानी का हैक
गुड़हल को पानी देते समय कभी भी साधारण पानी का इस्तेमाल न करें, इसकी जगह आप रोजाना रसोई में दाल या चावल धोने के बाद सफेद-धुंधला पानी बचता है, उसे फेंकने के बजाय एक बाल्टी में इक्ट्ठा कर लें। जब भी पौधे को सींचना हो, इसी दाल-चावल वाले पानी का इस्तेमाल करें। वैसे यह पूरी तरह मुफ्त और स्टार्च व मिनरल्स से भरपूर लिक्विड फर्टिलाइजर है, जो फूलों के आकार को बड़ा करता है।
धूप की सही मात्रा है सबसे जरूरी नियम
खासतौर पर आप कितनी भी अच्छी खाद डाल लें, लेकिन बिना पर्याप्त धूप के गुड़हल में फूल नहीं खिलेंगे। इसलिए इस पौधे को अपनी छत या बालकनी के ऐसे कोने में रखें जहां इसे रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी और सीधी धूप मिल सके। इसे सही धूप और ऊपर बताए हुए फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से आपका देसी गुड़हल पूरे सीजन में फूलों से लदा रहेगा।
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