Kedarnath के 'रक्षक' हैं भैरव बाबा, इनके दर्शन के बिना अधूरी मानी जाती है तीर्थ यात्रा

 Kedarnath
AI Image

केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु अक्सर काल भैरव के दर्शन करना भूल जाते हैं, जिससे उनकी यात्रा अधूरी मानी जाती है; यह मंदिर मुख्य धाम से केवल 1 किमी दूर है जहाँ 20 मिनट की पैदल चढ़ाई करके पहुंचा जा सकता है।

हर एक शिवभक्त का सपना होता है कि एक दिन केदारनाथ धाम जरुर जाएं। अक्सर देखा जाता है कि लोग केदारनाथ बाबा के दर्शन तो कर लेते हैं, लेकिन काल भैरव के दर्शन करके नहीं आते हैं। माना जाता है कि इससे आपकी यात्रा अधूरी रह जाती है। 

करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ मंदिर आस्था का केंद्र है, लेकिन कई लोग आस-पास स्थित खास जगहों के बारे में कम ही जानते हैं। हर साल लाखों लोग देश-विदेश से केदारनाथ के दर्शन करने जाते हैं, लेकिन काल भैरव के दर्शन करना भूल ही जाते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि काल भैरव मंदिर कैसे जाएं और यह कहां पर स्थित है। 

केदारनाथ में काल भैरव मंदिर कहां पड़ता है?

जब हम केदारनाथ मंदिर जाते हैं, तो यह वहां से ज्यादा दूर नहीं हैं। केदारनाथ से करीब 1 किमी की दूरी पर स्थित है यह मंदिर। यहां पहुंचने के लिए कोई वाहन नहीं जाता है, इसलिए इस मंदिर में जाने के लिए पैदल ही यात्रा करनी पड़ती है। यहां पहुंचने के लिए आपको करीब 15 से 20 मिनट की चढ़ाई करनी पड़ेगी। रास्ता काफी छोटा है, लेकिन चढ़ाई के कारण यहां समय लग जाता है।

कब जाना अच्छा है?

इस बात का ध्यान रखें कि यहां जाने के लिए आपको केदारनाथ की तरह पालकी ले जाने की जरुरत नहीं है। वहीं, हेलीकॉप्टर भी तक यहां तक नहीं जाता, दूरी कम है, इसलिए आपको पैदल ही सफर करना होगा। आप यहां सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शन करके लौट आएं। वैसे यहां पर भीड़ कम होती है और सूर्यास्त के समय केदारनाथ घाटी का नजारा और सुंदर भी हो जाता है। ध्यान रखें कि, रात के समय यहां पर न जाएं, क्योंकि रास्ते में लाइट नहीं होने के कारण आपको परेशानी हो सकती है। दिन के समय में ही दर्शन करना अच्छा है।

श्रद्धालु कैसे दर्शन करने जाते हैं

 - भक्तजन पहले केदारनाथ जाते हैं और इसके बाद होटल या धर्मशाला में अपना सामान रख देते हैं।

 - केदारनाथ बाबा के दर्शन करने के बाद काल भैरव जाएं।

 - जितना हो सके समय रहते हुए नीचे आ जाए, क्योंकि होटल आपको नीचे ही मिलेगा।

 - वैसे काल भैरव के पास कोई भी होटल नहीं है, इसलिए आपको नीचे आना होगा।

यात्री इस बात का ध्यान रखें कि केदारनाथ यात्रा से पहले केदारनाथ मंदिर आता है, इसके बाद काल भैरव मंदिर आता है। केदारनाथ धाम के पीछे जा रहे रास्ते पर चढ़कर काल भैरव मंदिर पहुंचाना होता है। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़