गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में बीएएमएस परीक्षा पेपर लीक मामले की होगी जांच, छात्र संगठनों ने लगाए आरोप

गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में बीएएमएस परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। छात्र संगठनों का दावा है कि परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रश्न प्रसारित किए गए थे। फिलहाल विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है।
जामनगर, 27 जुलाई गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय (जीएयू) ने 20 जुलाई को आयोजित बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बीच सोमवार को कहा कि छात्र संगठनों की ओर से शिकायत दिए जाने के बाद मामले की जांच के आदेश दिये गए हैं। ये आरोप बीएएमएस के तीसरे पेशेवर परीक्षा के शल्य तंत्र-एक विषय से जुड़े हैं। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और यूथ कांग्रेस ने दावा किया कि परीक्षा में पूछे गए 12 में से 11 सवाल वही थे, जो परीक्षा से पहले व्हाट्सऐप के जरिए प्रसारित किए गए थे।
एनएसयूआई की जूनागढ़ जिला इकाई के अध्यक्ष मयूर सावालिया ने एक बयान में दावा किया कि “बीएएमएस का पेपर लीक हुआ था” और परीक्षा को तत्काल रद्द करने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने भी विश्वविद्यालय के अधिकारियों के सामने ये आरोप उठाए थे।
गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय (जीएयू) के प्रभारी परीक्षा नियंत्रक एच. पी. जाला ने इस मामले पर कहा, “20 जुलाई को शल्य-एक विषय की परीक्षा थी। परीक्षा सुबह हुई थी और दोपहर 12:30 बजे समाप्त हुई। शाम को मुझे जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले कुछ ‘महत्वपूर्ण’ सवाल कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिए प्रसारित किए गए थे।” जाला ने पत्रकारों से कहा कि शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और कुलपति से चर्चा के बाद मामले की जांच की जाएगी।
जाला ने कहा, “सबसे पहले यह पता लगाना होगा कि आरोप सही हैं या गलत। कुलपति से चर्चा के बाद एक जांच समिति गठित की जाएगी। कुलपति फिलहाल बाहर हैं।
समिति की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा, जिसमें जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराना भी शामिल है।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे उल्लंघन किसी भी स्तर पर हुआ हो। जाला ने बताया, “20 से 25 संबद्ध कॉलेजों में परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। किसी अन्य प्रश्नपत्र को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।” कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर मीडिया में जारी एक खबर साझा की।
खबर में बताया गया था कि नीट विवाद के बाद गुजरात का एक प्रसिद्ध आयुर्वेद विश्वविद्यालय भी कथित प्रश्न पत्र लीक की आशंका को लेकर जांच के घेरे में आ गया है। रमेश ने आरोप लगाया कि गुजरात में 2014 से 2024 के बीच प्रश्न पत्र के 34 मामले सामने आए हैं। उन्होंने पोस्ट में कहा, “एक और दिन, एक और प्रश्न पत्र लीक।
इस बार गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर में। यह कोई अपवाद नहीं है। गुजरात में 2014 से 2024 के बीच प्रश्न पत्र लीक के 34 मामले सामने आए हैं।
भाजपा शासन में गुजरात भारत में प्रश्न पत्र लीक मामलों का केंद्र बन गया है।” रमेश ने कहा, “मोदी सरकार की फास्ट-ट्रैक अदालतें इस व्यवस्था से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हैं। यह केवल ध्यान भटकाने का तरीका है। हमें अपनी परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक व्यापक और ईमानदार चर्चा की जरूरत है।
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