Manoj Bajpayee की Film 'Governor' खोलेगी राज, बोले- देश को संकट से उबारने वालों को कोई नहीं जानता

Governor- Manoj Bajpayee
Instagram @bajpayee.manoj

अभिनेता मनोज वाजपेयी अपनी आगामी फिल्म 'गवर्नर' में 1991 के गंभीर आर्थिक संकट से देश को उबारने वाले अनजाने नायकों की कहानी बयां करेंगे, जिसमें वह तत्कालीन आरबीआई गवर्नर एस. वेंकटरमणन से प्रेरित किरदार निभा रहे हैं। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसी हस्तियों के उस योगदान को उजागर करेगी, जिसके बारे में आम जनता को जानकारी नहीं है।

अभिनेता मनोज वाजपेयी का कहना है कि उनकी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ में उन लोगों के योगदान के बारे में बताया जाएगा, जिन्होंने तीन दशक पहले देश को गंभीर आर्थिक संकट से उबारने में अहम भूमिका निभाई थी। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में 1990 के दशक की शुरुआत में भारत को झकझोर देने वाले आर्थिक संकट की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म में मनोज वाजपेयी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर की भूमिका निभा रहे हैं। उनका किरदार आरबीआई के पूर्व गवर्नर एस. वेंकटरमणन से प्रेरित है। फिल्म का निर्देशन चिन्मय मांडलेकर ने किया है, जबकि इसमें अदा शर्मा और मधु भी प्रमुख भूमिकाएं निभाती नजर आएंगी।

वाजपेयी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत करते हुए कहा कि 1991 के आर्थिक संकट के समय वह दिल्ली में रंगमंच कलाकार थे और अखबारों के जरिए घटनाक्रम पर नजर रखते थे। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से खबरों का शौकीन रहा हूं। इसलिए मुझे पूरी तरह पता है कि यह हुआ था। लेकिन बंद दरवाजों के पीछे क्या हुआ और वे कौन लोग थे जो भारत को उस संकट से बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार थे, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं थी। अभिनेता ने कहा कि वह उस समय एक संघर्षरत रंगमंच कलाकार के रूप मेंपूरी तरह कंगाली में जीवन बिता रहे थे।

वाजपेयी ने कहा, एक गरीब व्यक्ति की जिंदगी चलती रहती है, लेकिन यह स्पष्ट है कि जब रुपये का मूल्य घटता है तो उसका बोझ सभी को उठाना पड़ता है। उस समय भी स्थिति ऐसी ही थी।” अभिनेता ने राजनीतिक अस्थिरता के बीच वित्तीय संकट से निपटने में पूर्व आरबीआई गवर्नर एस. वेंकटरमणन, अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसी प्रमुख हस्तियों के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, इन लोगों के योगदान के बारे में कोई नहीं जानता। ऐसे में एक फिल्मकार या पटकथा लेखक की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं को सिनेमाई और नाटकीय रूप देकर लोगों तक पहुंचाया जाए। जब वाजपेयी से पूछा गया कि क्या फिल्म में किसी एक पक्ष का समर्थन किया गया है, तो अभिनेता ने कहा कि उन्होंने इसे यथासंभव प्रामाणिक बनाए रखने की कोशिश की है। निर्माता विपुल अमृतलाल शाह की इस फिल्म का सह-निर्माण आशिन ए. शाह ने किया है। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।

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