रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे की मांग, सुशांत केस की जांच कर रहा मेडिकल बोर्ड बदला जाए

  •  रेनू तिवारी
  •  सितंबर 26, 2020   16:44
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रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे की मांग, सुशांत केस की जांच कर रहा मेडिकल बोर्ड बदला जाए

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील विकास सिंह ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन किया और दावा किया कि एम्स के डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेता की मौत का कारण "200% गला घोंटना" था।

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील विकास सिंह ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन किया और दावा किया कि एम्स के डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेता की मौत का कारण "200% गला घोंटना" था। हालांकि, एम्स के डॉ. सुधीर गुप्ता ने इन दावों को "गलत" बताया। विकास सिंह के दावों का जवाब देते हुए, रिया चक्रवर्ती के वकील, सतीश मानशिंदे ने एक बयान जारी किया और मामले की जांच के लिए एक नए मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग की।

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अपने बयान में सतीश मानशिंदे ने कहा कि एजेंसियों पर दबाव डाला जा रहा है। बयान में लिखा है, एसएसआर मामले में डॉ. गुप्ता की अगुवाई वाली टीम में एम्स के एक डॉक्टर द्वारा 200% का गला घोंटने का खुलासा तस्वीरों के आधार पर किया गया है। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति है। जांच को निष्पक्ष और अनुमान से मुक्त रखने के लिए CBI को एक नया मेडिकल बोर्ड गठित करना चाहिए। बिहार चुनाव की पूर्व संध्या पर स्पष्ट कारणों के लिए पूर्व-निर्धारित परिणाम तक पहुंचने के लिए एजेंसियों पर दबाव डाला जा रहा है। हमने डीजी गुप्चेश्वर पांडे के वीआरएस को कुछ दिन पहले ही देखा लिया है। ऐसा नहीं होना चाहिए। 

सतीश मनसिंदे ने अपने बयान में बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का हवाला दिया, जिन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पूर्व आईपीएस अधिकारी राजनीति में शामिल हो रहे हैं और आगामी बिहार चुनावों में चुनाव लड़ेंगे।

सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस: आप सभी जानते हैं

शुक्रवार को, विकास सिंह ने कहा, सुशांत सिंह राजपूत की अत्महत्या में जब ये साफ हो गया है कि ये हत्या है तो सीबीआई अपना निर्णय देने में क्यों देरी कर रही है। सीबीआई द्वारा देरी से निराश है। विकास सिंह ने आगे कहा था कि  एम्स टीम का हिस्सा रहे डॉक्टर ने बहुत समय पहले बताया था कि। मेरे द्वारा भेजी गई तस्वीरों ने 200% का संकेत दिया कि यह गला घोंटने से मौत है न कि आत्महत्या।

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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, एम्स के डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. सुधीर गुप्ता ने इंडिया टुडे को बताया, "जांच अभी भी जारी है। वह जो कह रहे हैं वह सही नहीं है। हम केवल हत्या या आत्महत्या के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाल सकते। संयुक्ताक्षर चिह्न और अपराध के दृश्य को अधिक जांच की आवश्यकता है जो अभी भी चल रही है। फिलहाल अभी निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को अपने मुंबई के घर पर मृत पाए गए थे। मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मौत की वजह फांसी पर लटकना थी। डॉ. सुधीर गुप्ता की अगुवाई में एम्स के डॉक्टरों का पैनल उनकी जांच में सीबीआई की मदद कर रहा है। एम्स टीम अभिनेता की मौत के कारणों पर अपनी अंतिम राय देने के लिए सुशांत सिंह राजपूत की ऑटोप्सी रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट देख रही है।

सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीव नगर पुलिस स्टेशन में रिया चक्रवर्ती, उसके परिवार और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उसने आरोपी रिया पर आत्महत्या के लिए उकसाने और सुशांत के बैंक खाते से 15 करोड़ रुपये निकालने का आरोप लगाया। 

नोट: खबर का स्रोत 





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‘तांडव’ के खिलाफ शिकायत पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी: देशमुख

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 20, 2021   17:35
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‘तांडव’ के खिलाफ शिकायत पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी: देशमुख

अमेजन प्राइम वीडियो की श्रृंखला ‘‘तांडव’’ पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगाये गये है और इसके खिलाफ कुछ राज्यों में कई प्राथमिकी दर्ज हुई है।

मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस को विवादास्पद वेब श्रृंखला ‘‘तांडव’’ के बारे में एक शिकायत मिली है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को यह जानकारी दी। देशमुख ने यहां पत्रकारों से बातचीत में मांग की कि केन्द्र सरकार को ‘ओवर द टॉप (ओटीटी) मंचों पर सामग्री को विनियमित करने के लिए एक कानून लाना चाहिए। अमेजन प्राइम वीडियो की श्रृंखला ‘‘तांडव’’ पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगाये गये है और इसके खिलाफ कुछ राज्यों में कई प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसके निर्माताओं ने मंगलवार को विवादास्पद वेब श्रृंखला में बदलावों को लागू करने पर सहमति जताई थी।

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देशमुख ने कहा, ‘‘हमें शिकायत मिली है। हम प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करेंगे और औपचारिक रूप से कार्रवाई करेंगे।’’ उन्होंने यह नहीं बताया कि शिकायत किसने दर्ज कराई है। देशमुख ने कहा कि केन्द्र को ओटीटी मंचों पर सामग्री को विनियमित करने के लिए एक कानून लाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां उपलब्ध किसी सामग्री के कारण ‘‘जाति आधारित भेदभाव या सांप्रदायिक विभाजन’’ नहीं हो सके।

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उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस के जवान जांच के लिए राज्यों के बाहर भी जायेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (उत्तर प्रदेश पुलिस) हमें सूचित किया था कि वहां एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और वे यहां जांच के लिए आएंगे।’’ उत्तर प्रदेश में ‘‘तांडव’’ के निर्माताओं और कलाकारों के खिलाफ लखनऊ, ग्रेटर नोएडा और शाहजहांपुर में तीन प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।





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शिव का अपमान नहीं सह सकते, 'तांडव' के मेकर्स को जेल तो जाना पड़ेगा!

  •  रेनू तिवारी
  •  जनवरी 20, 2021   15:35
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शिव का अपमान नहीं सह सकते, 'तांडव' के मेकर्स को जेल तो जाना पड़ेगा!

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान की वेब सीरीज तांडव के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। वेब सीरीज में दिखाए गये कुछ विवादित सीन को लेकर वेब सीरीज को बैन करने की मांग हो रही है।

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान की वेब सीरीज तांडव के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। वेब सीरीज में दिखाए गये कुछ विवादित सीन को लेकर वेब सीरीज को बैन करने की मांग हो रही है। कई राज्यों में वेब सीरीज तांडव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले की जांच करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के 4 सदस्य मुंबई भी पहुंच चुके हैं। लगातार बढ़ते विवाद के बाद तांडव के निर्देशक अली अब्बस जफर ने पूरी टीम की तरफ से माफी भी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नोट जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि अगर गैर-इरादतन किसी की हमने भावनाओं को आहत किया है तो हम बिना शर्त माफी मांगते हैं।

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तांडव की टीम के माफीनामे के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुंबई सहित कई राज्यों में तांडव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। लोगों का मानना है कि कब तक बॉलीवुड में ऐसा चलता रहेगा। बॉलीवुड के कुछ लोगों ने हिंदू धर्म को टारगेट कर रखा है हमेशा ही कुछ न कुछ गलत हमारे देवी-देवताओं के बारे में दिखाया जाता है और फिर एक माफीनाम जारी करके बात खत्म कर दी जाती है। कुछ समय बाद फिर से वहीं चीजें दोहराई जाती है। लोगों की मांग है कि तांडव पर सख्त कार्यवाही हो ताकी आगे से ऐसी चीजें न हो। इसी मांग को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। 

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तांडव के विरोध के बीच सियासत भी तेज है।  मुंबई के घाटकोपर से भाजपा विधायक राम कदम मेकर्स को जेल भेजने की मांग कर रहे हैं। वह मुंबई के घाटकोपर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाने गये थे। जहां मुंबई पुलिस ने उनकी एफआइआर दर्ज नहीं कि जिसके बाद राम कदम ने पुलिस स्टेशन के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी। राम कदम के साथ उनके कुछ कार्यकर्ता भी शामिल थे। 

अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया डुटे की खबर के अनुसार मंगलवार को राम कदम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर घाटकोपर पुलिस थाने के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। राम कदन ने ये भी आरोप लगाया की मुंबई पुलिस तांडव के मेकर्स के खिलाफ इस लिए कर्यवाही नहीं कर रही है क्योंकि महाराष्ट्र सरकार का उस पर दबाव है। वहीं दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। 

शो पर शुरू हुए विवाद के केंद्र में एक दृश्य है जिसमें कॉलेज छात्र शिवा का किरदार अदा कर रहे मोहम्मद जीशान अय्यूब को एक नाटक में भगवान महादेव का चित्रण करते हुए दिखाया गया है। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने रविवार को इस विषय पर अमेजन प्राइम वीडियो से स्पष्टीकरण मांगा था। मंत्रालय में एक सूत्र ने कहा था, ‘‘मंत्रालय ने शिकायतों पर संज्ञान लिया है और अमेजन प्राइम वीडियो से स्पष्टीकरण देने को कहा है।’’ 

मुंबई उत्तर-पूर्व से भाजपा सांसद मनोज कोटक, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग तथा राज्य विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा समेत कुछ नेताओं ने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर से वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शल-भमणि त्रिपाठी ने कहा कि ‘तांडव’ के निर्माताओं को धार्मिक भावनाएं आहत करने की कीमत चुकानी होगी। इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने, ग्रेटर नोयडा, भोपाल में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के चार सदस्य मामले में विस्तृत जांच के लिए मुंबई रवाना हो चुके हैं। त्रिपाठी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस एक कार में मुंबई के लिए रवाना हो गयी है। प्राथमिकी में कठोर धाराएं हैं। तैयार रहो, धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए कीमत अदा करनी होगी।







'तांडव' की टीम की माफी के बाद भी नहीं थम रहा विवाद, कई शहरों में वेब सीरीज के खिलाफ FIR दर्ज

  •  रेनू तिवारी
  •  जनवरी 19, 2021   17:41
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'तांडव' की टीम की माफी के बाद भी नहीं थम रहा विवाद, कई शहरों में वेब सीरीज के खिलाफ FIR दर्ज

लॉकडाउन के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म मनोरंजन के क्षेत्र में तीसरे पर्दे के तौर पर उभरा है। इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों या वेब सीरीजों का सेंसर नहीं किया जाता, यानी कि ओटीटी के लिए किसी तरह का कोई सेंसर बोर्ड नहीं है जिसके कारण ओटीटी के काफी कंटेंट विवादों में घिरे रहते हैं।

लॉकडाउन के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म मनोरंजन के क्षेत्र में तीसरे पर्दे के तौर पर उभरा है। इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों या वेब सीरीजों का सेंसर नहीं किया जाता, यानी कि ओटीटी के लिए किसी तरह का कोई सेंसर बोर्ड नहीं है जिसके कारण ओटीटी के काफी कंटेंट विवादों में घिरे रहते हैं। पिछले साल अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन हाउस में बनीं वेब सीरीज पाताल लोक अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। जिसमें पालतू कुतिया का नाम सावित्री रखा गया था जिसे लेकर काफी विवाद हो गया था। अब सैफ अली खान की हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'तांडव' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ हिंदू संगठनों ने सैफ अली खान की फिल्म 'ताडंव' पर पूजनीय देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। लगातार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विवादित कंटेंट आने के बाद आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अलर्ट हो गया है। वह जल्द ही ओटीटी के लिए नयी गाइडलाइंस जारी करेगा।  

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तांडव के निर्माताओं  ने मांगी माफी

अमेजन प्राइम वीडियो पर प्रसारित ‘तांडव’ वेब सीरीज के एक दृश्य को लेकर शुरू हुए विवाद के मामले में इसके निर्माताओं ने सोमवार को कहा कि अगर गैर-इरादतन तरीके से इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे बिना शर्त माफी मांगते हैं। इस सीरीज में हिंदू देवताओं के चित्रण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वेब सीरीज के निर्देशक अली अब्बास जफर ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया और पूरी टीम की तरफ से मांफी मांगी। ट्वीट के कैप्शन में उन्होंने लिखा- ‘हमारी ओर से गंभीरता के साथ माफी’ इस बयान को ‘तांडव’ के कास्ट और क्रू की ओर से आधिकारिक बयान बताया गया। इसमें कहा गया कि ‘तांडव’ की टीम सीरीज पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं पर करीब से नजर रख रही है। 

अली अब्बास जफर ने जारी किया बयान 

उन्होंने एक नोट जारी किया जिसमें उन्होंने लिखा- ‘‘आज एक चर्चा के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हमें बताया कि उन्हें वेब सीरीज के विभिन्न पहलुओं को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें और अर्जियां मिली हैं जो इसकी सामग्री द्वारा लोगों की भावनाओं को आहत करने संबंधी गंभीर चिंताओं और आशंकाओं के बारे में हैं।’’ 

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नोट में आगे कहा गया कि ‘‘तांडव काल्पनिक कहानी पर आधारित है और किसी भी गतिविधि, व्यक्ति या घटना से इसकी समानता होना विशुद्ध संयोग है। इसके निर्माताओं और कलाकारों का किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, धर्म की भावनाओं या धार्मिक आस्थाओं को आहत करने या किसी संस्था, राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति (जीवित या मृत) का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। तांडव की पूरी यूनिट, लोगों द्वारा जताई गयी चिंताओं पर संज्ञान लेती है और यदि इससे गैर-इरादतन तरीके से किसी व्यक्ति की भावनाओं को चोट पहुंची है तो हम बिना शर्त माफी मांगते हैं।

क्यों हुआ विवाद

शो पर शुरू हुए विवाद के केंद्र में एक दृश्य है जिसमें कॉलेज छात्र शिवा का किरदार अदा कर रहे मोहम्मद जीशान अय्यूब को एक नाटक में भगवान महादेव का चित्रण करते हुए दिखाया गया है। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने रविवार को इस विषय पर अमेजन प्राइम वीडियो से स्पष्टीकरण मांगा था। मंत्रालय में एक सूत्र ने कहा था, ‘‘मंत्रालय ने शिकायतों पर संज्ञान लिया है और अमेजन प्राइम वीडियो से स्पष्टीकरण देने को कहा है।’’ 

तांडव पर हो रही है सियासत

मुंबई उत्तर-पूर्व से भाजपा सांसद मनोज कोटक, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग तथा राज्य विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा समेत कुछ नेताओं ने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर से वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शल-भमणि त्रिपाठी ने कहा कि ‘तांडव’ के निर्माताओं को धार्मिक भावनाएं आहत करने की कीमत चुकानी होगी। इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने, ग्रेटर नोयडा, भोपाल में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के चार सदस्य मामले में विस्तृत जांच के लिए मुंबई रवाना हो चुके हैं। त्रिपाठी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस एक कार में मुंबई के लिए रवाना हो गयी है। प्राथमिकी में कठोर धाराएं हैं। तैयार रहो, धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए कीमत अदा करनी होगी।

ओटीटी प्लेटफार्म्स लगाम लगाने की जरुरत

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस वेब सीरीज की विषय वस्तु पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हमारी आस्था पर चोट और हमारे देवी-देवताओं का अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है। ओटीटी प्लेटफार्म्स पर परोसी जा रही अश्लीलता हमारे किशोरों के लिये ठीक नहीं है इसलिये इन मंचों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार इस पर स्वत: संज्ञान ले रही है।’’







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