Vimal Elaichi Ad Controversy | शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने FDA नोटिस का दिया जवाब, दो एक्टर्स की सुनवाई पूरी

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रेनू तिवारी । Sep 30 2026 12:27PM

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने मुंबई में ANI से बात करते हुए बताया कि तीनों एक्टर्स के जवाब मिल चुके हैं। इनमें से दो एक्टर्स ने अपनी व्यक्तिगत सुनवाई (Personal Hearing) की मांग की थी, जो हाल ही में पूरी हो चुकी है और अब अथॉरिटी इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कदम बढ़ा रही है।

पान मसाला ब्रांड 'विमल इलायची' के सरोगेट विज्ञापन (Surrogate Advertising) मामले में बॉलीवुड के तीन बड़े सुपरस्टार्शा-हरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' (Show-Cause Notice) के जवाब में तीनों अभिनेताओं ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने मुंबई में ANI से बात करते हुए बताया कि तीनों एक्टर्स के जवाब मिल चुके हैं। इनमें से दो एक्टर्स ने अपनी व्यक्तिगत सुनवाई (Personal Hearing) की मांग की थी, जो हाल ही में पूरी हो चुकी है और अब अथॉरिटी इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कदम बढ़ा रही है।

यह घटनाक्रम महाराष्ट्र FDA द्वारा तीन बॉलीवुड एक्टर्स को पान मसाला विज्ञापन में दिखने के लिए 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notices) जारी करने के कुछ हफ़्ते बाद हुआ है। संस्था का आरोप है कि यह कैंपेन विमल पान मसाला के लिए सरोगेट एडवरटाइजिंग (अप्रत्यक्ष विज्ञापन) है, जो महाराष्ट्र में प्रतिबंधित उत्पाद है।

नोटिस में खान, देवगन और श्रॉफ से ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर उनकी भूमिकाओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया और पूछा गया कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। FDA ने उनके एंडोर्समेंट से जुड़े दस्तावेज़ भी मांगे थे, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट, कैंपेन ब्रीफ, पेमेंट की जानकारी और उचित सावधानी (due diligence) बरतने के सबूत शामिल थे।

FDA ने 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' की धारा 24 का हवाला दिया, जो गुमराह करने वाले और भ्रामक खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है। इसने धारा 53 का भी ज़िक्र किया है, जिसके तहत गुमराह करने वाले खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल किसी भी व्यक्ति पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अथॉरिटी का कहना है कि ऐसे कैंपेन को एंडोर्स करने वाले सेलिब्रिटी निर्माता या विज्ञापनदाता की ओर इशारा करके खुद को ज़िम्मेदारी से अलग नहीं कर सकते। मुंडे ने पहले कहा था कि विज्ञापन नियम किसी उत्पाद का प्रचार करने वाले व्यक्ति या संस्था पर ज़िम्मेदारी डालते हैं, जिसमें उचित सावधानी बरतने का कर्तव्य भी शामिल है।

FDA के नोटिस में क्या कहा गया

FDA के नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापन की जांच करने पर, "प्रथम दृष्टया" (prima facie) यह विमल ब्रांड को बढ़ावा देता हुआ प्रतीत होता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। अथॉरिटी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा जारी प्रतिबंध आदेश के तहत महाराष्ट्र में पान मसाला प्रतिबंधित है। नोटिस में एक्टर्स को 15 दिन का समय दिया गया था कि वे लिखित स्पष्टीकरण और सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स जमा करें। FDA ने उन्हें कैंपेन में हिस्सा लेना बंद करने और अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स से विज्ञापन से जुड़ा प्रमोशनल कंटेंट हटाने का भी निर्देश दिया।

FDA ने इस कार्रवाई को सरोगेट एडवरटाइजिंग की जांच का हिस्सा बताया है। संस्था यह जांच कर रही है कि क्या इलायची जैसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल विज्ञापन में इसलिए किया जा रहा है ताकि पान मसाला ब्रांड से जुड़ाव बना रहे, जिसका राज्य में कानूनी रूप से प्रचार नहीं किया जा सकता।

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पान मसाला और गुटखा के खिलाफ FDA की कार्रवाई

तीन एक्टर्स के खिलाफ यह कार्रवाई महाराष्ट्र FDA द्वारा तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के खिलाफ की जा रही बड़ी कार्रवाई के बीच हुई है। महाराष्ट्र ने राज्य में ऐसे प्रोडक्ट्स के निर्माण, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर रोक लगा दी है।

FDA प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू और निकोटीन वाले पान मसाला का कारोबार करने वाले संगठित नेटवर्क से जुड़े मामलों में पुलिस के साथ भी तालमेल बिठा रही है, जिसमें योग्य मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लागू करना भी शामिल है।

मुंधे ने बार-बार कहा है कि यह कार्रवाई किसी खास सेलिब्रिटी को टारगेट करने के बारे में नहीं है, बल्कि प्रोडक्ट्स का प्रचार करने वालों पर विज्ञापन और खाद्य-सुरक्षा नियमों को लागू करने के बारे में है। उन्होंने पहले भी कहा था कि सेलिब्रिटी होने का मतलब यह नहीं है कि प्रचार करने वाले कानूनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं।

विमल के प्रचार का इतिहास

अजय देवगन कई सालों से विमल के कैंपेन से जुड़े रहे हैं। शाहरुख खान इस कैंपेन से जुड़े, जबकि अक्षय कुमार के हटने के बाद टाइगर श्रॉफ इसके प्रचार का हिस्सा बने।

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कुमार को 2022 में ब्रांड से जुड़ने के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा था और बाद में उन्होंने माफी मांगी, प्रचार से हटने की घोषणा की और कहा कि वे अपनी प्रचार फीस किसी नेक काम के लिए दान कर देंगे।

देवगन ने पहले विमल के साथ अपने जुड़ाव का बचाव करते हुए 2022 के एक इंटरव्यू में कहा था कि वे पान मसाला के बजाय इलायची का प्रचार कर रहे थे। शाहरुख खान ने भी पहले सेलिब्रिटी प्रचार से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए तर्क दिया था कि हानिकारक माने जाने वाले प्रोडक्ट्स के निर्माण या बिक्री को रोका जाना चाहिए, न कि पूरी जिम्मेदारी एक्टर्स पर डाली जानी चाहिए।

आगे क्या होगा?

तीनों एक्टर्स से जवाब मिलने और उनमें से दो द्वारा मांगी गई सुनवाई पूरी होने के बाद, महाराष्ट्र FDA कार्रवाई के अगले चरण की ओर बढ़ रही है। इस संस्था ने अभी तक खान, देवगन और श्रॉफ के ख़िलाफ़ चल रही कार्यवाही का अंतिम नतीजा घोषित नहीं किया है। मौजूदा कार्रवाई FDA के उस आरोप से जुड़ी है जिसमें कहा गया है कि 'विमल इलायची' कैंपेन, प्रतिबंधित पान मसाला प्रोडक्ट का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन है।

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