रील के विलेन से रियल हीरो बनें सोनू सूद, सरकार सहित चारों तरफ लोग बस कर रहें हैं तारीफ

रील के विलेन से रियल हीरो बनें सोनू सूद, सरकार सहित चारों तरफ लोग बस कर रहें हैं तारीफ

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने किसी की आलोचना नहीं की बस लोगों की मदद की वो भी बिना ढिंढोरा पीटे। सोनू सून रोज 45 हजार से ज्यादा गरीबों के लिए खाने का इंतजाम करते हैं और प्रवासी मजदूरों के लिए उन्होंने 10 बसें चलवायी और उन्हें उनके घर भेजा।

सोनू सूद एक भारतीय फिल्म अभिनेता, मॉडल और निर्माता हैं, जो मुख्य रूप से हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और पंजाबी फिल्मों में अभिनय करते हैं। सोनू सूद आजकल सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। हर कोई उनकी तारीफ कर रहा हैं। देशभर में जब लॉकडाउन हो गया तो सबसे ज्यादा मुसीबत उन लोगों के लिए हुई जो डैली वर्कर्स थे। दिहाड़ी पर काम करके अपनी जिंदगी चलाने वालों के लिए मानों लॉकडाउन भूख का सैलाब लेकर आ गया हो। काम बंद हो जाने के करण पैसे नहीं थे ऐसे में सभी अपने गांव की ओर चल दिए। सब रेल, बस , हर तरह के वाहन बंद होने के कारण प्रवासी मजदूर अपने घर की तरफ पैदल ही चल पड़े। प्रवासी मजदूरों की इस हालत के कारण सरकार की चारों तरफ से अलोचना हो रही थी। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने किसी की आलोचना नहीं की बस लोगों की मदद की वो भी बिना ढिंढोरा पीटे। सोनू सून रोज 45 हजार से ज्यादा गरीबों के लिए खाने का इंतजाम करते हैं और प्रवासी मजदूरों के लिए उन्होंने 10 बसें चलवायी और उन्हें उनके घर भेजा।

रील विलेन से रियल हीरो बनें सोनू सूद

बड़े पर्दे पर सोनू सूद ने ज्यादातर विलेन का किरदार निभाया है। विलेन के किरदार के लिए उन्हें तमाम अवॉर्ड भी मिले हैं। 2009 में, सोनू सूद ने तेलुगु ब्लॉकबस्टर फिल्म अरुंधति  में  निभाए गये अरने खलनायक के किरदार के लिए आंध्र प्रदेश राज्य नंदी पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त किया। 2010 में, उन्होंने एक नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए अप्सरा पुरस्कार और बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर दबंग  में विलेन की भूनिका के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए IIFA अवार्ड प्राप्त किया। 2012 में, सोनू सूद को तामिल फिल्म जुलायी में नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के  SIIMA पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें युवा (2004), अथाडू (2005), आशिक बनाया आपने (2005), जोधा अकबर (2008), दबंग (2010), डुकुडु (2011), शूटआउट एट वडाला (2013) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में भूमिकाओं के लिए जाना जाता है।

 

कैमरे पर दुख जाहिर नहीं किया बस गरीबों के लिए काम किया 

बड़े पर्दे पर विलेन के किरदार के लिए मशहूर सोनू सूद रियल लाइफ से हीरो निकले हैं। सोनू सूद द्वारा किए जा रहे गरीबों के लिए काम को लेकर चौतरफा तारीफ हो रही हैं। सोनू सूद ने गरीबों की हालत पर कैमरे के आगे केवल दुख जारिर नहीं किया बल्कि आगे बढ़कर उनके लिए काम किया हैं। हाल ही में सोनू सूद से सोशल मीडिया पर कुछ प्रवासियों ने मदद मांगी जिसका जवाब उन्होंने बड़े ही प्रेम से दिया और उनका नंबर मांगा, कहां कि आप ईद अपने परिवार के साथ मनाएंगे। घर पहुंच कर उस परिवार ने सोनू सूद का शुक्रिया किया। 

 

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने की सोनू सूद की तारीफ

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को घर लौटने में मदद करने के लिए अभिनेता सोनू सूद की रविवार को प्रशंसा की। गौरतलब है कि अभिनेता ने विभिन्न राज्य सरकारों से विशेष अनुमति हासिल करने के बाद प्रवासी मजदूरों के लिए कई बसों की व्यवस्था की। सूद ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने एक प्रवासी मजदूर से अपना नंबर साझा करने के लिए कहा ताकि वह उसे घर पहुंचाने के लिए मदद कर सकें। इस ट्वीट को टैग करते हुए ईरानी ने कहा, ‘‘मेरा सौभाग्य है कि दो दशक से अधिक समय से मैं आपको एक पेशेवर सहकर्मी के तौर पर जानती हूं और एक अभिनेता के तौर पर आपको उभरते हुए देखा है लेकिन इस मुश्किल दौर में आपने जो दयालुता दिखायी है उससे मुझे गर्व महसूस हुआ। मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करने के लिए आपका शुक्रिया।






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