Air India का बड़ा दांव! 'No-Meal' टिकट से सस्ता होगा हवाई सफर, जानें कंपनी का पूरा Business Plan

हवाई यात्रा को और किफायती बनाने के उद्देश्य से, एयर इंडिया चुनिंदा घरेलू मार्गों पर भोजन रहित टिकट की एक नई श्रेणी शुरू करने की योजना बना रही है। इस पहल का परीक्षण यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर किया जाएगा, जिसका लक्ष्य बजट के प्रति सचेत यात्रियों को आकर्षित करना है।
हवाई यात्रा को अधिक किफायती बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया जा सकता है। देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया अपने यात्रियों के लिए एक नई टिकट श्रेणी शुरू करने पर विचार कर रही है, जिसके तहत यात्रा के दौरान भोजन नहीं लेने वाले यात्रियों को कम कीमत पर टिकट उपलब्ध कराया जा सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है तो शुरुआत में यह सुविधा केवल घरेलू उड़ानों के यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फिलहाल ऐसी किसी व्यवस्था पर विचार नहीं किया जा रहा है।
बता दें कि वर्तमान समय में एयर इंडिया घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराती है। हालांकि सभी यात्री यात्रा के दौरान भोजन का उपयोग नहीं करते हैं। कई यात्री छोटी अवधि की उड़ानों में भोजन लेने से बचते हैं या अपनी सुविधा के अनुसार पहले से भोजन कर यात्रा करते हैं। ऐसे यात्रियों को ध्यान में रखते हुए कंपनी यह नया विकल्प लाने पर विचार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यात्री टिकट बुक करते समय भोजन रहित विकल्प का चयन कर सकेंगे। इस श्रेणी के टिकट की कीमत सामान्य टिकट की तुलना में कम हो सकती है। इसका उद्देश्य उन यात्रियों को लाभ देना है जो केवल यात्रा करना चाहते हैं और भोजन सुविधा के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना चाहते हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में विमानन क्षेत्र में यात्रियों को अधिक विकल्प देने की प्रवृत्ति बढ़ी है। विभिन्न विमानन कंपनियां पहले से ही अतिरिक्त सामान, पसंदीदा सीट, प्राथमिकता चढ़ाई और अन्य सेवाओं के लिए अलग-अलग शुल्क आधारित विकल्प उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में भोजन रहित टिकट श्रेणी को भी इसी दिशा में एक नया प्रयोग माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार एयर इंडिया इस योजना की शुरुआत चुनिंदा छोटी दूरी वाले घरेलू मार्गों पर कर सकती है। कंपनी पहले सीमित स्तर पर इस सुविधा का परीक्षण करना चाहती है। इसके बाद यात्रियों की प्रतिक्रिया और मांग के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
यदि यात्रियों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है तो इस विकल्प का विस्तार अन्य घरेलू मार्गों पर भी किया जा सकता है। वहीं यदि अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो कंपनी इसकी उपलब्धता सीमित रखने का फैसला भी कर सकती है।
बता दें कि भारतीय विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियां यात्रियों को आकर्षित करने और उन्हें अधिक लचीले विकल्प देने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही हैं। कम लागत में यात्रा की मांग भी लगातार बढ़ रही है, विशेषकर उन यात्रियों के बीच जो नियमित रूप से हवाई यात्रा करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन रहित टिकट श्रेणी उन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो कम दूरी की उड़ानों में अतिरिक्त सेवाओं की आवश्यकता महसूस नहीं करते हैं। इससे यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार टिकट चुनने का मौका मिलेगा।
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। कंपनी की मंजूरी और परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नई व्यवस्था कब से लागू होगी और इससे यात्रियों को कितनी लागत बचत का लाभ मिल सकेगा। फिलहाल विमानन क्षेत्र में इस प्रस्ताव को एक महत्वपूर्ण और उपभोक्ता केंद्रित पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अन्य न्यूज़














