West Asia संकट के बावजूद Akasa Air की ऊंची उड़ान, 30% कैपेसिटी बढ़ाने का Mega Plan

Akasa Air
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Ankit Jaiswal । Jun 23 2026 10:39PM

अकासा एयर ने वैश्विक अनिश्चितताओं को दरकिनार करते हुए चालू वित्त वर्ष में 30% क्षमता विस्तार का लक्ष्य रखा है, जो उसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। कंपनी 39 बोइंग विमानों के बेड़े के साथ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फोकस कर रही है और अगले 4-5 वर्षों में 30-40% वार्षिक वृद्धि की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अकासा एयर ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। एयरलाइन का कहना है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद उसके विस्तार कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना है।

अकासा एयर के मुख्य वित्तीय अधिकारी अंकुर गोयल ने कहा कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति पहले की तरह मजबूत बनी हुई है और विस्तार योजनाओं पर दोबारा विचार करने की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन वित्तीय रूप से पर्याप्त रूप से मजबूत है और मौजूदा परिस्थितियों का सामना करने के लिए उसके पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।

बता दें कि अकासा एयर ने वर्ष 2022 में परिचालन शुरू किया था और बहुत कम समय में भारतीय विमानन क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एयरलाइन के बेड़े में इस समय 39 बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल हैं। इनमें से लगभग 25 प्रतिशत क्षमता अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर तैनात की गई है।

कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अकासा एयर की परिचालन आय में 37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं उपलब्ध सीट किलोमीटर यानी क्षमता के पैमाने पर भी कंपनी ने 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब विमानन उद्योग को बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर वैश्विक विमानन उद्योग पर भी देखा गया है। कई एयरलाइनों को ईंधन की बढ़ती कीमतों और कुछ हवाई मार्गों में बदलाव के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा है। कुछ कंपनियों ने अस्थायी रूप से उड़ानों की संख्या में कटौती भी की है। हालांकि अकासा एयर का कहना है कि उसकी विकास योजनाएं पूरी तरह पटरी पर हैं।

अंकुर गोयल ने यह भी बताया कि कंपनी अगले चार से पांच वर्षों के दौरान हर साल 30 से 40 प्रतिशत क्षमता वृद्धि का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत में हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में विमानन क्षेत्र में बड़े अवसर उपलब्ध होंगे।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अकासा एयर वर्तमान में देश के 27 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ रही है। कंपनी लगातार नए मार्गों और नए विमानों को अपने नेटवर्क में शामिल करने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एयरलाइन अपनी मौजूदा वृद्धि दर बनाए रखने में सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय विमानन बाजार की प्रमुख कंपनियों में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकती हैं।

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