'हर थाली में बिहारी तरकारी' के लिए बुनियादी ढांचे और विपणन में तेजी लाने के निर्देश

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 'हर थाली में बिहारी तरकारी' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वेजफेड की परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण और विपणन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कहा है ताकि सब्जी उत्पादक किसानों को लाभ मिल सके। इसके अलावा सरकारी योजनाओं और संस्थानों में वेजफेड के माध्यम से ही सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
पटना, 27 जुलाई बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, भूमि हस्तांतरण और विपणन व्यवस्था में तेजी लाई जाए, ताकि सब्जी उत्पादक किसानों को अधिक लाभ मिल सके। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेजफेड की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य राज्य में त्रि-स्तरीय सहकारी संरचना को सुदृढ़ बनाना, सब्जी उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा करना तथा वेजफेड की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।
सहकारिता विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में बताया गया कि वेजफेड राज्य स्तर पर एक शीर्ष संस्था, नौ क्षेत्रीय सब्जी संघों तथा 534 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (पीवीसीएस) के नेटवर्क के माध्यम से कार्य कर रहा है। वर्तमान में राज्य के 1.18 लाख से अधिक किसान इससे जुड़े हुए हैं। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कुल 114 स्वीकृत परियोजनाओं में से 107 के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
इनमें 93 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 14 परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। तिरहुत (मोतिहारी), मिथिला (दरभंगा) और मगध (गया) क्षेत्रीय सब्जी संघों के लिए भूमि उपलब्ध है, जबकि हरित सब्जी संघ (पटना) के लिए अभी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। मुख्य सचिव ने जिन जिलों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों, प्याज भंडारण केंद्रों, बिक्री केंद्रों और शीत भंडार गृह के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां के जिला पदाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि चिन्हित कर उसका शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने मुंगेर, बक्सर, वैशाली, अररिया, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज और कैमूर सहित उन जिलों में, जहां अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति नहीं है, निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए तत्काल अभियंताओं की तैनाती करने का भी निर्देश दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य की सब्जी सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए मिड-डे मील योजना, सरकारी छात्रावासों, जेल तथा जीविका द्वारा संचालित कैंटीन में वेजफेड के माध्यम से ही सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर बुनियादी ढांचा विकास में तेजी लाई जाए।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, अभियंताओं के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा मापी पुस्तिका में समय पर प्रविष्टि दर्ज कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही, जिला पदाधिकारियों को इन कार्यों की पाक्षिक अथवा मासिक समीक्षा करने को कहा गया।
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