Share Market में Black Friday! IT Stocks में भारी बिकवाली से Sensex 600 अंक टूटा।

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Ankit Jaiswal । Jun 19 2026 8:57PM

शेयर बाजार में पांच कारोबारी सत्रों की तेजी पर ब्रेक लग गया, जहाँ सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक तकनीकी कंपनियों के कमजोर अनुमानों से प्रभावित आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण हुई, जिसे विशेषज्ञ एक आवश्यक सुधार मान रहे हैं।

पिछले कई दिनों से लगातार तेजी का माहौल देख रहे निवेशकों को शुक्रवार को बाजार में अलग तस्वीर देखने को मिली। पांच कारोबारी सत्रों तक लगातार बढ़त दर्ज करने के बाद घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर लौट आया। दिनभर के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार की दिशा तय की और प्रमुख इंडेक्स नुकसान के साथ बंद हुए।

भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। पिछले पांच सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया और निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। बाजार पर सबसे अधिक दबाव सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों से आया, जहां बड़े स्तर पर बिकवाली दर्ज की गई।

कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक टूट गया था। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद सेंसेक्स 607.08 अंकों यानी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,802.90 अंकों पर बंद हुआ।

वहीं राष्ट्रीय शेयर बाजार का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी दबाव में रहा। कारोबार के दौरान यह 23,950 अंकों के नीचे फिसल गया था। अंत में निफ्टी 154.90 अंकों यानी 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 अंकों पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि इससे पहले लगातार पांच कारोबारी सत्रों में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की थी। ऐसे में बाजार विशेषज्ञ इस गिरावट को आंशिक मुनाफावसूली और कुछ क्षेत्रों में कमजोर संकेतों का परिणाम मान रहे हैं।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 17 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे अधिक दबाव इन्फोसिस के शेयर पर देखने को मिला, जिसमें 6.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में रहे।

दूसरी ओर कुछ कंपनियों के शेयरों ने बाजार को आंशिक सहारा देने का प्रयास किया। इटरनल, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, ट्रेंट, एनटीपीसी और आईटीसी के शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली।

इस बीच देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भी दबाव में रहा। कारोबार के दौरान इसमें लगभग डेढ़ प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। शेयर 1,331 रुपये पर खुलने के बाद 1,305.50 रुपये तक फिसल गया।

बता दें कि रिलायंस समूह की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की प्रक्रिया भी आगे बढ़ गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन शेयरों का मूल्य निर्धारण बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

व्यापक बाजार की बात करें तो मध्यम आकार की कंपनियों और छोटी कंपनियों के सूचकांकों में भी कमजोरी देखने को मिली। मध्यम आकार की कंपनियों का सूचकांक 0.22 प्रतिशत और छोटी कंपनियों का सूचकांक 0.42 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।

क्षेत्रवार प्रदर्शन में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे अधिक दबाव में रहा। इसके अलावा रियल एस्टेट, वाहन तथा तेल एवं गैस क्षेत्र के सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दवा क्षेत्र के शेयरों में मजबूती देखने को मिली और यह दिन के बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, विदेशी संकेतों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के कमजोर अनुमानों का असर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों पर पड़ा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम से जुड़ी गतिविधियों पर बनी रहने की संभावना हैं।

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