शेयर बाजार में बड़ा उछाल, सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा और निफ्टी 11,800 अंक के पार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 30, 2019   10:33
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शेयर बाजार में बड़ा उछाल, सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा और निफ्टी 11,800 अंक के पार

सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, एलएंडटी, इन्फोसिस, आईटीसी, वेदांता, एचडीएफसी बैंक, बजाज आटो, कोटक बैंक और सनफार्मा के शेयर दो प्रतिशत तक के लाभ में थे।

मुंबई। विदेशी कोषों के प्रवाह तथा इक्विटी निवेशकों के लिए कर रियायतों की उम्मीद के बीच बुधवार को शुरुआती कारोबार में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 250 अंक चढ़ गया। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में एक समय 40,000 अंक के स्तर को पार कर गया। हालांकि, बाद में इसका लाभ कुछ सिमट गया और यह 128.48 अंक की बढ़त के साथ 39,960.32 अंक पर कारोबार कर रहा था। 

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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी शुरुआती कारोबार में 35.85 अंक या 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,822.70 अंक पर चल रहा था। सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, एलएंडटी, इन्फोसिस, आईटीसी, वेदांता, एचडीएफसी बैंक, बजाज आटो, कोटक बैंक और सनफार्मा के शेयर दो प्रतिशत तक के लाभ में थे। वहीं दूसरी ओर टाटा मोटर्स, येस बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक और टीसीएस के शेयर तीन प्रतिशत तक के नुकसान में कारोबार कर रहे थे। 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




50,000 के स्तर को छूने के बाद बाजार में चल सकता है मुनाफावसूली का दौर, सभी की निगाहें बजट पर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   16:19
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50,000 के स्तर को छूने के बाद बाजार में चल सकता है मुनाफावसूली का दौर, सभी की निगाहें बजट पर

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मार्च में जबर्दस्त गिरावट के बाद बाजार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कई कारण हैं। दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने वैश्विक वित्तीय प्रणाली में काफी अधिक नकदी डाली है।

नयी दिल्ली। बीएसई सेंसेक्स ने पिछले सप्ताह पहली बार 50,000 अंक के ऐतिहासिक स्तर को पार किया। ऐसे में बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में बाजार में मुनाफावसूली का सिलसिला चल सकता है। विश्लेषकों ने कहा कि अब सभी की निगाहें वित्त वर्ष 2021-22 के बजट पर है। बजट से सेंसेक्स की आगे की यात्रा को दिशा मिलेगी। बीते साल कोरोना वायरस महामारी के बीच बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 24 मार्च को अपने एक साल के निचले स्तर 25,638.9 अंक पर आ गया। हालांकि, आगे साल के दौरान सेंसेक्स रिकॉर्ड स्तर तक चला गया। 

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कोटक सिक्योरिटीज के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं बुनियादी अनुसंधान प्रमुख रुस्मिक ओझा ने कहा, ‘‘इस कैलेंडर वर्ष की दूसरी छमाही में बाजार ‘एकीकरण’ के चरण में रहेगा। कैलेंडर वर्ष 2022 से बाजार की आगे बढ़ने की यात्रा फिर शुरू होगी।’’ सिर्फ दस माह में बाजार में बड़ा बदलाव है। भारी नुकसान के बाद यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। वह भी ऐसे समय, जबकि दुनिया स्वास्थ्य संकट से जूझ रही है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मार्च में जबर्दस्त गिरावट के बाद बाजार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कई कारण हैं। दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने वैश्विक वित्तीय प्रणाली में काफी अधिक नकदी डाली है। इसके अलावा हाल के महीनों में वैक्सीन की उम्मीद के बीच खुदरा निवेशकों की भागीदारी में जबर्दस्त उछाल आया है। निवेशकों की धारणा में सुधार के बीच बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और इस समय यह 194 लाख करोड़ रुपये है। बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 28 नवंबर, 2014 को 100 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के पार गया था। बीते साल यानी 2020 में निवेशकों की पूंजी 32.49 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है। 

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मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख इक्विटी रणनीतिकार हेमांग जानी ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार पिछले कुछ माह के दौरान लॉकडाउन के बाद तेज पुनरोद्धार की उम्मीद से काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा सकारात्मक वैश्विक रुख, विदेशी संस्थागत निवेशकों के सतत प्रवाह और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों से भी धारणा मजबूत बनी हुई है। ’’ उन्होंने कहा कि बजट को लेकर चल रही चर्चा से भी बाजार को मजबूती मिली है। बजट से दीर्घावधि की आर्थिक वृद्धि को दिशा मिल सकती है।





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कंपनियों ने खनन कानून के कुछ प्रावधानों को हटाने का किया विरोध, बोले- इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाएगा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   13:56
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कंपनियों ने खनन कानून के कुछ प्रावधानों को हटाने का किया विरोध, बोले- इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाएगा

फिमी के महासचिव आर के शर्मा ने कहा कि मोटे अनुमान के अनुसार शुरुआती चरण में यदि प्रत्येक खान में 100 कर्मचारियों को लिया जाए, तो इन 500 खानों से 50,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खनन क्षेत्र में प्रत्यक्ष से अप्रत्क्ष रोजगार का अनुपात 1:10 का है।

नयी दिल्ली। खनन कंपनियों ने खनन कानून के कुछ प्रावधानों को हटाने का विरोध करते हुए कहा है कि इससे देश के खनिज क्षेत्र को लेकर निवेशकों का भरोसा डगमगाएगा और मामले अदालतों में पहुंचेंगे। सरकार ने 500 ब्लॉकों की नीलामी का रास्ता साफ करने के लिए इन प्रावधानों को हटाया है। खनन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनलर इंडस्ट्रीज (फिमी) के महासचिव आर के शर्मा ने कहा, ‘‘यदि खनन कानून की धारा 10ए(2)(बी) को हटाया नहीं जाता, तो इन 500 खानों से अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होते।’’ 

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शर्मा ने कहा कि मोटे अनुमान के अनुसार शुरुआती चरण में यदि प्रत्येक खान में 100 कर्मचारियों को लिया जाए, तो इन 500 खानों से 50,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खनन क्षेत्र में प्रत्यक्ष से अप्रत्क्ष रोजगार का अनुपात 1:10 का है। ऐसे में 50,000 प्रत्यक्ष के साथ पांच लाख अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धारा 10ए(2)(बी) के तहत खनिज ब्लाकों के लिए टोही परमिट (आरपी) या संभाव्य लाइसेंस (पीएल) जारी किए जाते हैं लेकिन खनन पट्टा नहीं दिया जाता। शर्मा ने कहा कि धारा 10ए(2)(बी) को हटाने से घरेलू के साथ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भी देश की खनिज नीति में निरंतरता को लेकर गलत संकेत जाएगा। फिमी ने कहा कि यह दावा किया गया है कि धारा 10ए(2)(बी) को हटाना एक बड़ा सुधार है और इससे 500 से अधिक खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे। 

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सरकार ने 2015 में खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) कानून, 1957 को संशोधित करते समय यह धारा लागू की थी और टोही परमिट /संभाव्य लाइसेंस धारकों के योगदान को सराहा था। फिमी ने कहा कि यह धारा रियायतियों को भंडार के खनन का अधिकार देती और उनके हितों का संरक्षण करती है। शर्मा ने कहा, ‘‘सरकार द्वारा धारा 10ए(2)(बी) को हटाने और इन ब्लॉकों को नीलामी के लिए पेश करना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है। इससे घरेलू खनन क्षेत्र की वृद्धि को झटका लगेगा और साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित होगी।’’ सरकार कंपनियों को तीन तरह की खनिज रियायतें...टोही परमिट, संभाव्य लाइसेंस और खनन पट्टा जारी करती है।





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टिक टॉक, PUBG समेत चीन के अन्य ऐप पर पाबंदी जारी रखेगी भारत सरकार, सभी को भेजा गया नोटिस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   12:29
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टिक टॉक, PUBG समेत चीन के अन्य ऐप पर पाबंदी जारी रखेगी भारत सरकार, सभी को भेजा गया नोटिस

टिक टॉक के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम नोटिस का मूल्यांकन कर रहे हैं और उचित रूप में इसका जवाब देंगे। भारत सरकार के द्वारा 29 जून 2020 को जारी निर्देशों का पालन करने में टिकटॉक पहली कंपनियों में से एक थी।

नयी दिल्ली। टिक टॉक समेत चीन के अन्य ऐप पर लगी पाबंदी जारी रहेगी। सरकार ने सभी ऐप को इस बारे में नोटिस भेजा है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने प्रतिबंधित ऐप के जवाबों की समीक्षा करने के बाद नोटिस भेजा है। टिक टॉक ने संपर्क किये जाने पर सरकार से नोटिस मिलने की पुष्टि की। 

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टिक टॉक के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हम नोटिस का मूल्यांकन कर रहे हैं और उचित रूप में इसका जवाब देंगे। भारत सरकार के द्वारा 29 जून 2020 को जारी निर्देशों का पालन करने में टिकटॉक पहली कंपनियों में से एक थी। हम लगातार स्थानीय कानूनों व नियमों का पालन करने का प्रयास करते हैं और सरकार की किसी भी चिंता का समाधान करने के लिये अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास करते हैं। हमारे सभी उपयोक्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’ सरकार ने सबसे पहले जून में चीन के 59 ऐप पर और फिर सितंबर में 118 अन्य ऐप पर रोक लगा दी थी। इनमें टिक टॉक और पबजी जैसे लोकप्रिय ऐप शामिल हैं।





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