घरेलू कोयले की आपूर्ति आनुपातिक रूप से ही होगी: बिजली मंत्रालय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 27, 2022   11:45
घरेलू कोयले की आपूर्ति आनुपातिक रूप से ही होगी: बिजली मंत्रालय

मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी कर घरेलू कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कुछ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सबसे पहले, बिजली संयंत्रों को आवंटित निजी कोयला खानों में उत्पादन को मंत्रालय द्वारा अनुमत सीमा तक अधिकतम किया जा सकता है।

नयी दिल्ली|  बिजली मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि किसी भी कमी को पूरा करने के लिए आनुपातिक आधार के अलावा किसी अन्य आधाार पर कोयले की आपूर्ति करना संभव नहीं होगा।

बिजली मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह देश में कोयले की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी कर रहा है और उसने कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) और निजी कोयला खदानों से प्राप्त घरेलू कोयले के आधार पर पर्याप्त कोयले की आपूर्ति और कोयला स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।

मंत्रालय ने कहा है कि राज्य की उत्पादक कंपनियों, आईपीपी (स्वतंत्र बिजली उत्पादक) और केंद्रीय उत्पादक कंपनियों के परामर्श से मंत्रालय में लिए गए निर्णय के अनुसार, सभी उत्पादक कंपनियों को सीआईएल / एससीसीएल से प्राप्त घरेलू कोयले की आपूर्ति समानुपातिक स्तर पर की जायेगी तथा किसी प्रकार की कमी को पूरा करने के लिए इस आनुपातिक आधार के अलावा किसी अन्य आधार पर अधिक कोयले की आपूर्ति करना संभव नहीं होगा।

मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी कर घरेलू कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कुछ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सबसे पहले, बिजली संयंत्रों को आवंटित निजी कोयला खानों में उत्पादन को मंत्रालय द्वारा अनुमत सीमा तक अधिकतम किया जा सकता है।

दूसरे, यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे बिजली संयंत्रों को कम संख्या में रेक उपलब्ध कराए जाएंगे जहां रेक से कोयले की शीघ्र उतराई में ढिलाई हो। उपलब्ध रेलवे रेकों का अधिकतम उपयोग करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

अत: राज्य सरकार के स्तर पर इस पहलू की निगरानी की जाए और दिए गए मानदंडों के भीतर कोयले की उतराई सुनिश्चित की जाए। तीसरा, कई उत्पादन कंपनियों का (कोयला कंपनियों के लिए) कई सौ करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है।

इतनी बड़ी अतिदेय राशि कोयला कंपनियों की आपूर्ति जारी रखने की क्षमता को प्रभावित करती है। इसलिए कोयला कंपनियों के बिलों का भुगतान समय से किया जाना चाहिए ताकि ऐसी उत्पादक कंपनियों को कोयले की आपूर्ति प्रभावित न हो।





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