सुरक्षित ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए क्या करें और क्या न करें

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2020   12:58
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सुरक्षित ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए क्या करें और क्या न करें
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एक प्रसिद्ध ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से आपको सही कीमत पर उत्पादों को लाने में मदद मिलेगी। यह गलत वेबसाइटों को गलत तरीके से नेविगेट करने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोक सकता है जो आपकी महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी को चुरा सकता है या आपके डिवाइस को करप्ट कर सकता है।

कोरोना वायरस ने निश्चित रूप से व्यक्तियों, निगमों और समाजों के लिए समान रूप से व्यवधान पैदा किया है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, रणनीतिक अनलॉक अब चरणों में पेश किए जा रहे हैं। हालाँकि, इसने शुरू में लोगों की आवाजाही को प्रभावित किया और इसलिए हममें से अधिकांश ने आवश्यक वस्तुओं के ऑर्डर के लिए ऑनलाइन माध्यमों का सहारा लिया। यह व्यवहार राहत पेश किए जाने के बाद भी जारी रहा और अपने घर की सुरक्षा दीवारों से बाहर निकलने के बजाय, हम में से अधिकांश अब आवश्यक सामानों के अलावा फार्मेसी, दैनिक आवश्यक वस्तु, कपड़ें, फैशन और यहां तक की अवकाश के सामान या गतिविधियां ऑनलाइन ऑर्डर करना पसंद करते हैं।

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पिछले कुछ महीनों में, सब कुछ एक आश्चर्यजनक दर पर ऑनलाइन स्पेस की ओर पलायन हो रहा है और कई नए उपयोगकर्ताओं को डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में भी जोड़ा गया है, जिसमें स्थानीय व्यापारी भी शामिल हैं जो आक्रामक रूप से अपने व्यवसाय को ऑनलाइन ले जा रहे हैं। दिलचस्प है, संख्या केवल बढ़ रही है लेकिन इस डिजिटल ड्राइव के बारे में ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित मामले इतनी अच्छी बात नहीं हैं। धोखाधड़ी करने वाले अतिसक्रिय हो गए हैं, और धोखाधड़ी करने और हमें ठगने के लिए अभिनव एवं पारंपरिक साधनों का उपयोग कर रहे हैं।आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज भी लोगों को फर्जी ब्रांड या ई-कॉमर्स वेबसाइटों से फोन कॉल, एसएमएस, ई-मेल के जरिए महंगे इलेक्ट्रॉनिक आइटम, कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स या हाल में, शराब पर अविश्वसनीय छूट की पेशकश देकर ठगा जा रहा है।

इसके अलावा, चूँकि शिक्षा, कार्य बैठकों, मनोरंजन, डेटिंग ऐप, गेम आदि अब बड़े पैमाने पर मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप जैसे उपकरणों द्वारा उपयोग किया जा रहा है, इस बात की भी संभावना है कि हमारा स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। शायद बोर होने के कारण, लोग सोशल मीडिया पर अजनबियों के साथ दोस्ती कर रहे हैं और अंततः धोखा खा रहे हैं। मासूम या कमजोर उपयोगकर्ताओं को यह विश्वास हो जाता है कि विदेश में रहने वाला उनका नया दोस्त कूरियर के माध्यम से उपहार भेज रहा है या भारत में शिफ्ट हो रहा है और उन्हें अपनी सामग्री के खातिर सीमा शुल्क को क्लियर करने के लिए कुछ तत्काल वित्तीय मदद की आवश्यकता है।

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फ़िशिंग गतिविधियों के माध्यम से नए युग के धोखेबाज़ इस महामारी का लाभ उठा रहे हैं - उदाहरण के लिए, ग्राहकों को उनके नए खुले खाते, ई-वॉलेट, आदि की केवाईसी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए गुमराह किया जा रहा है और घर से काम करने वाले कर्मचारियों को मुफ्त वीडियो कॉन्फ्रेंस ऐप, स्क्रीन शेयरिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा चोरी के लिए लक्षित किया जा रहा है। हैकर्स और धोखेबाज एक प्रकार के मैलवेयर को तैनात करने में सक्षम हैं जो दूरस्थ रूप से सिस्टम को संभावित रूप से नष्ट या नियंत्रित कर सकते हैं। इनमें से ज्यादातर धोखाधड़ी निष्पादित होते हैं, क्यूँकि कई बार हम इसे समझ नहीं पाते।

ऑनलाइन काम करते समय या ट्रांज़ेक्शन करते समय ध्यान रखने योग्य कुछ सुरक्षा टिप्स नीचे दिए गए हैं:

क्या करें:

1. सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग की प्रॅक्टीस करें

एक प्रसिद्ध ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से आपको सही कीमत पर उत्पादों को लाने में मदद मिलेगी। यह गलत वेबसाइटों को गलत तरीके से नेविगेट करने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोक सकता है जो आपकी महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी को चुरा सकता है या आपके डिवाइस को करप्ट कर सकता है। वेब अड्रेस की एक समान स्पेलिंग के साथ नकली वेबसाइट बनाने की यह प्रथा एक बहुत ही सामान्य घोटाला है जिसे 'टाइपो-स्क्वाटिंग' या URL हैकिंग के रूप में जाना जाता है। अज्ञात पोर्टल्स द्वारा दी जाने वाली भारी छूट द्वारा फंसने या प्रलोभन से बचें।

2. फ़ायरवॉल और पेड एंटीवायरस का उपयोग करें

फायरवॉल रक्षा की पहली पंक्ति है क्योंकि वे आपके कंप्यूटर या नेटवर्क और इंटरनेट के बीच ट्रैफिक की निगरानी करते हैं। अधिकांश ऑपरेटिंग सिस्टम फ़ायरवॉल इनबिल्ट के साथ आते हैं, लेकिन आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप इसे एक्टिवेट करें। मुफ्त में उपलब्ध एंटीवायरस की तुलना में पेड एंटीवायरस की हमेशा सिफारिश की जाती है। एक प्राइवेट वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से अपने ऑफिस नेटवर्क से जुड़ने के लिए हमेशा एक वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का उपयोग करें।

3. अपने पासवर्ड को गुप्त रखें

धोखेबाजों के खिलाफ पासवर्ड सबसे महत्वपूर्ण रक्षा तंत्र हैं। आपको अपने सभी नेट-बैंकिंग पासवर्ड और ट्रांजैक्शनल पिन को अपने डिवाइस के नोटपैड या टेक्स्ट बॉक्स में सेव करने के अभ्यास से बचना चाहिए। मजबूत पासवर्ड विकसित करें जो संवेदनशील जानकारी को बनाए रखने में मदद करेगा। इनके अलावा, कॉल पर किसी अज्ञात व्यक्ति को ओटीपी, सीवीवी नंबर आदि साझा करने से भी बचना चाहिए, भले ही दूसरी लाइन पर से बात करने वाला व्यक्ति आपको यह विश्वास दिलाता हो कि वह उस बैंक से कॉल कर रहा हैं जहाँ आपका खाता है।

क्या न करें: 

4. अज्ञात ईमेल या मेसेज से फाइल डाउनलोड न करें

'अज्ञात व्यक्ति' से ईमेल या मेसेज चेक करते समय हमेशा सावधानी बरतें। किसी भी फाइल को डाउनलोड न करें। दुर्भावनापूर्ण ऑफ़र और डील के साथ आपको लुभाने वाले किसी भी क्लिक बैट्स या लिंक पर क्लिक न करें, क्योंकि वे फ़ॉनी वेबसाइटों से जुड़ सकते हैं जो व्यक्तिगत जानकारी निकालने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ईमेल को स्पैम के रूप में मार्क करने की सलाह दी जाती है जब एक बार आप इसे अप्रासंगिक या नाजायज पाते हैं।

5. वित्तीय लेनदेन के लिए सार्वजनिक कंप्यूटर / सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग न करें

सार्वजनिक नेटवर्क जैसे साइबर कैफे या सार्वजनिक वाई-फाई खुले नेटवर्क होते हैं, जो उन्हें हैकिंग के लिए अतिसंवेदनशील बनाता है। मुफ्त डेटा लुभावना हो सकता है लेकिन आपकी गोपनीयता की कीमत पर इसका उपयोग करना एक अच्छा विचार नहीं है।

6. अपना डेस्कटॉप स्क्रीन शेयर न करें

इसमें कोई संदेह नहीं है कि वेबिनार और ऑनलाइन मीटिंग के इस दौर में, कुछ उपकरण हमारे बचाव में आए हैं। हालाँकि, अपनी स्क्रीन को अनजान लोगों के साथ शेयर न करें और उन्हें अपने मीटिंग सेशन में कभी भी स्वीकार न करें जब तक कि आप उन पार्टियों की पहचान न कर लेते जिनके साथ आप बातचीत कर रहे हैं। याद रखें कि यदि शेयरिंग कंट्रोल सक्षम है तो स्कैमर आपके डिवाइस को स्कैन कर सकते हैं।अंत में, व्यक्ति को अपडेटेड डेटा सुरक्षा नीतियों, साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और आवश्यक तकनीकों के बराबर रहना चाहिए, ताकि वे इस विकसित हो रहे पारिस्थितिकी तंत्र के सेफर साइड पर रह सकें।  

 

-निरंजन उपाध्ये, जनरल मैनेजर - फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट, वर्ल्डलाइन इंडिया 







कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फार्मकार्ट कारोबार विस्तार के लिये जुटायेगी 90 करोड़ रुपये

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:57
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कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फार्मकार्ट कारोबार विस्तार के लिये जुटायेगी 90 करोड़ रुपये
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मध्य प्रदेश स्थित कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनी फार्मकार्ट की योजना देशभर में कारोबार का विस्तार करने के लिये वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

मुंबई। मध्य प्रदेश स्थित कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनी फार्मकार्ट की योजना देशभर में कारोबार का विस्तार करने के लिये वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। कंपनी के संस्थापक अतुल पाटीदार ने पीटीआई-से कहा, ‘‘अभी हम मध्य प्रदेश में 1,240 स्थानों पर परिचालन कर रहे हैं।

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हमने शुरुआत में इस उपक्रम में 15 करोड़ रुपये निवेश किया। अब हम वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘मन की बात’ के एक एपिसोड में किसानों को डिजिटल तरीके से जोड़ने के प्रयासों के लिये पाटीदार की सराहना की थी।







घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:53
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घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला
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नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है।

मुंबई। नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है। खरोला ने शनिवार को फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ इंडियन टूरिजम एंड हॉस्पिटैलिटी (फेथ) द्वारा आयोजित वेबिनार ‘विमानन और पर्यटन-आगे की राह’ को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान हवाई यात्रा परिवहन का सुरक्षित साधन होने की वजह से सबसे पसंदीदा विकल्प बन गई है।

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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को घरेलू उड़ानों से 2.50 लाख लोगों ने यात्रा की। महामारी से पहले प्रतिदिन घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या औसतन 3.70 से 3.75 लाख रहती थी। इस तरह घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि और कारोबारी गतिविधियां शुरू होने तथा कॉलेज आदि खुलने के बाद आगामी दो से तीन माह में यह 80-90 प्रतिशत या सामान्य स्तर पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी कारोबारी यात्रा को सामान्य होने में समय लगेगा।

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हालांकि, दोस्तों और संबंधियों से मिलने जाना यानी पीएफआर खंड की वजह से आगे विमानन क्षेत्र की मांग बढ़ेगी। अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होने के बारे में खरोला ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सिर्फ हमारे ऊपर नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष पर भी निर्भर करती हैं।’’ उन्होंने कहा कि घरेलू विमानन क्षेत्र पटरी पर लौट रहा है, अब पर्यटन उद्योग को फिर खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र की स्थिति सामान्य हो रही है। इससे पर्यटन उद्योग की स्थिति को भी सामान्य करने में मदद मिलेगी।







पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:45
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पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया
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कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे।

नयी दिल्ली। कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने जीएसटी के लागू होने से हुई राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए विकल्प-1 को स्वीकार करने की सूचना दी है। इस विकल्प को चुनने वाले राज्यों की संख्या 26 हो गई है। तीनों केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी) ने भी विकल्प-1 को चुना है।’’

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केंद्र ने पहले ही राज्यों की ओर से चार किस्तों में 24,000 करोड़ रुपये उधार लिए हैं और इसे 23 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर, दो नवंबर, नौ नवंबर और 23 नवंबर को दिया जा चुका है। उधारी के अगले चक्र से पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल को धनराशि मिलेगी। इस सप्ताह की शुरुआत में केरल और पश्चिम बंगाल ने भी जीएसटी की कमी को पूरा करने के लिए इस उधारी विकल्प को स्वीकार करने की सूचना केंद्र को दी थी।

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विकल्प-एक का चयन करने वाले राज्यों को जीएसटी के क्रियान्यन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर्ज लेने की विशेष सुविधा दी जाएगी। साथ ही इस विकल्प को स्वीकार करने पर राज्यों को आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत राज्य सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 0.50 प्रतिशत की अंतिम किस्त का कर्ज बिना किसी शर्त के लेने की अनुमति होगी। इस मिशन के तहत राज्य जीएसडीपी का कुल दो प्रतिशत उधार ले सकते हैं।