Dr Reddy’s की बड़ी तैयारी: मार्च से भारत में जेनेरिक ओज़ेम्पिक लॉन्च करने की योजना

भारत में डायबिटीज और मोटापे का इलाज जल्द ही सस्ता हो सकता है क्योंकि डॉ रेड्डीज मार्च में ओज़ेम्पिक का जेनेरिक संस्करण लॉन्च करेगी। पेटेंट खत्म होने के बाद कंपनी प्रतिस्पर्धी कीमत पर सेमाग्लूटाइड आधारित यह दवा बाजार में उतारेगी, जिससे मरीजों तक इसकी पहुंच बढ़ेगी।
हैदराबाद स्थित दवा कंपनी डॉ रेड्डी लैबोरेट्रीज मार्च महीने में लोकप्रिय डायबिटीज दवा ओज़ेम्पिक का जेनेरिक संस्करण लॉन्च करने की योजना बना रही है। बता दें कि यह कदम नोवो नॉर्डिस्क के पेटेंट की अवधि समाप्त होने के बाद उठाया जा रहा है।
कंपनी के ब्रांडेड मार्केट्स के सीईओ एम.वी. रमणा ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जेनेरिक ओज़ेम्पिक को प्रतिस्पर्धी कीमत पर बाजार में उतारा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम कीमत बाजार में मौजूद अन्य कंपनियों की रणनीति पर निर्भर करेगी।
गौरतलब है कि ओज़ेम्पिक टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सेमाग्लूटाइड आधारित दवा है, जिसकी वैश्विक बिक्री नोवो नॉर्डिस्क के लिए अरबों डॉलर का कारोबार रही है। लेकिन पेटेंट खत्म होने के साथ ही भारत समेत कई देशों में जेनेरिक दवाओं की बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, डॉ रेड्डी पहले साल में करीब 1.2 करोड़ पेन तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी खुद इस दवा का एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट भी बनाएगी और भारत में इसके मार्केटिंग के लिए अन्य साझेदारों के साथ मिलकर काम करेगी।
कंपनी के सीईओ एरेज़ इस्राइली ने बताया कि भारत में ओज़ेम्पिक का पेटेंट 21 मार्च को समाप्त हो रहा है, जिससे यह बाजार कंपनी की वैश्विक रणनीति में अहम बन जाता है। इसके अलावा तुर्की, ब्राज़ील और कनाडा को भी प्रमुख बाजारों के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ रेड्डी को भारत में जेनेरिक ओज़ेम्पिक के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से निर्माण और विपणन की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, वजन घटाने वाली दवा वेगोवी के अनब्रांडेड संस्करण के लिए अभी मार्केटिंग अप्रूवल का इंतजार है।
कनाडा में कंपनी ने नियामकीय आपत्तियों का जवाब नवंबर में दाखिल किया था और अब हेल्थ कनाडा से दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा है। नियामक के पास 180 दिन का समय होता है और कंपनी को मई तक जवाब मिलने की उम्मीद है। मंजूरी मिलते ही वहां लॉन्च के लिए कंपनी पूरी तरह तैयार है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेनेरिक सेमाग्लूटाइड की कीमतें आने वाले समय में काफी नीचे आ सकती हैं, जिससे डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे मरीजों के लिए इलाज पहले से कहीं ज्यादा सुलभ हो सकता है।
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