वित्तीय धोखाधड़ी में दिख रही तेजी पुरानी घटनाओं के कारण है: शक्तिकांत दास

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 6, 2019   17:55
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वित्तीय धोखाधड़ी में दिख रही तेजी पुरानी घटनाओं के कारण है: शक्तिकांत दास
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दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक संपन्न होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यहां कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी में तेजी की रिपोर्ट हाल में आयी है। इसके कारण ऐसा मानना कि ये धोखाधड़ी भी हाल में हुई हैं, सही नहीं है।

मुंबई। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाल की रपटों में वित्तीय धोखाधड़ी में दिख रही तेजी वास्तव में पुरानी घटनाओं के कारण है। दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक संपन्न होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यहां कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी में तेजी की रिपोर्ट हाल में आयी है। इसके कारण ऐसा मानना कि ये धोखाधड़ी भी हाल में हुई हैं, सही नहीं है। 

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इस रिपोर्ट में धोखाधड़ी की जिन घटनाओं का जिक्र किया गया है, वे घटनाएं कई साल पहले हुई हैं। अत: यह मान लेना अनुचित है कि ये घटनाएं हाल में हुई हैं। उनके डिप्टी एम.के.जैन ने कहा, रिजर्व बैंक खुद भी धोखाधड़ी के बारे में आयी मालेगम समिति की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है और इस बाबत समुचित कदम उठाये जाएंगे। सूचना के अधिकार के तहत बैंकों की सालाना निरीक्षण रिपोर्ट का खुलासा करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बारे में पूछे जाने पर दास ने कहा कि रिजर्व बैंक इस आदेश का अनुपालन करेगा। उच्चतम न्यायालय ने रिजर्व बैंक को बैंकों की सालाना निरीक्षण रिपोर्ट का आरटीआई के तहत खुलासा करने को कहा है।

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उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के लिए धन जुटाने को जारी बांडों में अब खुदरा निवेशकों को भी मंजूरी मिल गयी है और इन बांडों में निवेश में जोखिम बिल्कुल नहीं हैं क्योंकि इनके पीछे सरकारी गारंटी होती है। यह पूछे जाने पर कि विकास बांड की ओर विदेशी निवेशकों का आकर्षण क्यों नहीं है तो डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा हो सकता है कि ऐसा अभी बाजार में इन बांडों को तत्काल भुनाने के अवसरों की कमी के कारण है। 







घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:53
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घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला
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नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है।

मुंबई। नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है। खरोला ने शनिवार को फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ इंडियन टूरिजम एंड हॉस्पिटैलिटी (फेथ) द्वारा आयोजित वेबिनार ‘विमानन और पर्यटन-आगे की राह’ को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान हवाई यात्रा परिवहन का सुरक्षित साधन होने की वजह से सबसे पसंदीदा विकल्प बन गई है।

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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को घरेलू उड़ानों से 2.50 लाख लोगों ने यात्रा की। महामारी से पहले प्रतिदिन घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या औसतन 3.70 से 3.75 लाख रहती थी। इस तरह घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि और कारोबारी गतिविधियां शुरू होने तथा कॉलेज आदि खुलने के बाद आगामी दो से तीन माह में यह 80-90 प्रतिशत या सामान्य स्तर पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी कारोबारी यात्रा को सामान्य होने में समय लगेगा।

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हालांकि, दोस्तों और संबंधियों से मिलने जाना यानी पीएफआर खंड की वजह से आगे विमानन क्षेत्र की मांग बढ़ेगी। अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होने के बारे में खरोला ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सिर्फ हमारे ऊपर नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष पर भी निर्भर करती हैं।’’ उन्होंने कहा कि घरेलू विमानन क्षेत्र पटरी पर लौट रहा है, अब पर्यटन उद्योग को फिर खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र की स्थिति सामान्य हो रही है। इससे पर्यटन उद्योग की स्थिति को भी सामान्य करने में मदद मिलेगी।







पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:45
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पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया
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कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे।

नयी दिल्ली। कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने जीएसटी के लागू होने से हुई राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए विकल्प-1 को स्वीकार करने की सूचना दी है। इस विकल्प को चुनने वाले राज्यों की संख्या 26 हो गई है। तीनों केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी) ने भी विकल्प-1 को चुना है।’’

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केंद्र ने पहले ही राज्यों की ओर से चार किस्तों में 24,000 करोड़ रुपये उधार लिए हैं और इसे 23 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर, दो नवंबर, नौ नवंबर और 23 नवंबर को दिया जा चुका है। उधारी के अगले चक्र से पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल को धनराशि मिलेगी। इस सप्ताह की शुरुआत में केरल और पश्चिम बंगाल ने भी जीएसटी की कमी को पूरा करने के लिए इस उधारी विकल्प को स्वीकार करने की सूचना केंद्र को दी थी।

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विकल्प-एक का चयन करने वाले राज्यों को जीएसटी के क्रियान्यन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर्ज लेने की विशेष सुविधा दी जाएगी। साथ ही इस विकल्प को स्वीकार करने पर राज्यों को आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत राज्य सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 0.50 प्रतिशत की अंतिम किस्त का कर्ज बिना किसी शर्त के लेने की अनुमति होगी। इस मिशन के तहत राज्य जीएसडीपी का कुल दो प्रतिशत उधार ले सकते हैं।







बढ़ते FDI से भारत के प्रति निवेशकों के भरोसे का पता चलता है: पीयूष गोयल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   17:27
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बढ़ते FDI से भारत के प्रति निवेशकों के भरोसे का पता चलता है: पीयूष गोयल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अनुकूल होते माहौल के प्रति वैश्विक निवेशकों के भरोसे का पता चलता है। एफडीआई जुलाई-सितंबर तिमाही में साल भर पहले के 14.06 अरब डॉलर से बढ़कर 28.1 अरब डॉलर हो गया है।

नयी दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में हो रही वृद्धि से भारत में अनुकूल होते माहौल के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी का पता चलता है। चालू वित्त वर्ष में जुलाई से सितंबर महीने के दौरान भारत में 28.1 अरब डॉलर का एफडीआई आया है। साल भर पहले की समान अवधि में यह निवेश 14.06 अरब डॉलर रहा था। गोयल ने एक ट्वीट किया, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के बाद भी सालाना आधार पर एफडीआई दोगुना हुआ है।

इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अनुकूल होते माहौल के प्रति वैश्विक निवेशकों के भरोसे का पता चलता है। एफडीआई जुलाई-सितंबर तिमाही में साल भर पहले के 14.06 अरब डॉलर से बढ़कर 28.1 अरब डॉलर हो गया है।’’ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में एफडीआई 15 प्रतिशत बढ़कर 30 अरब डॉलर पर पहुंच गया।