संगठनों को साइबर सुरक्षा में सेंध के बारे में छह घंटे के भीतर देनी होगी जानकारी: सीईआरटी-इन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 29, 2022   08:51
संगठनों को साइबर सुरक्षा में सेंध के बारे में छह घंटे के भीतर देनी होगी जानकारी: सीईआरटी-इन
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सीईआरटी-इन को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 70बी के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं पर जानकारी एकत्र करने, विश्लेषण करने और प्रसारित करने का अधिकार है। एजेंसी ने कहा कि साइबर घटनाओं से निपटने और विभिन्न पक्षों से बातचीत के दौरान कुछ कमी की पहचान की गयी है।

नयी दिल्ली| साइबर सुरक्षा के लिये काम करने वाली कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (सीईआरटी-इन) ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं, सोशल मीडिया मंचों समेत सभी सरकारी और निजी एजेंसियों से साइबर सुरक्षा में किसी भी प्रकार के सेंध के बारे में सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर इसकी जानकारी देने को कहा है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन आने वाली सीईआरटी-इन ने एक परिपत्र में सभी सेवाप्रदाताओं, मध्यस्थों, डेटा केंद्रों, कंपनियों और सरकारी संगठनों को अपनी सभी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रणालियों से संबंधित रिकॉर्ड (लॉग) को अनिवार्य रूप से बनाये रखने के लिये कहा गया है।

इसे 180 दिनों के लिये सुरक्षित और भारतीय अधिकार क्षेत्र में बनाये रखना होगा। किसी भी प्रकार की घटना के बारे में सूचना सीईआरटी को दी जानी चाहिए। या जब भी कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम का निर्देश हो, रिकॉर्ड उसे उपलब्ध कराने की जरूरत होगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्विटर पर लिखा है कि इस कदम से साइबर अपराध से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी कंपनियों और उपक्रमों से साइबर सुरक्षा में सेंध के बारे में जानकारी अनिवार्य रूप से सीईआरटी को देने को कहा।

सीईआरटी-इन को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 70बी के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं पर जानकारी एकत्र करने, विश्लेषण करने और प्रसारित करने का अधिकार है। एजेंसी ने कहा कि साइबर घटनाओं से निपटने और विभिन्न पक्षों से बातचीत के दौरान कुछ कमी की पहचान की गयी है।

यह साइबर सुरक्षा मामलों के विश्लेषण में बाधा उत्पन्न करते हैं। उसने कहा कि कमियों को दूर करने के लिये सीईआरटी-इन ने सूचना सुरक्षा गतिविधियों, प्रक्रिया, रोकथाम और सूचना देने से संबंधित निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश 60 दिन बाद प्रभावी होंगे।





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