ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के दो भूखंडों का आवंटन किया रद्द

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ANI
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी के निर्देश पर लंबे अर्से से बकाया रकम का भुगतान न करने और परियोजना को पूरा न करने वाले आवंटियों के खिलाफ प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के सेक्टर पाई स्थित दो भूखंडों के आवंटन रद्द कर दिया हैं। दोनों भूखंडों पर करीब 281 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि जमा नही करने और दोनों परियोजनाओं को पूरा नही करने पर प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी के निर्देश पर लंबे अर्से से बकाया रकम का भुगतान न करने और परियोजना को पूरा न करने वाले आवंटियों के खिलाफ प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राधिकरण ने बुधवार को पार्श्वनाथ डेवलपर्स की दो परियोजनाओं के जमीन आवंटन निरस्त कर दिये। प्राधिकरण के बिल्डर विभाग की तरफ से पार्श्वनाथ डेवलपर्स को 2006 में भूखंड संख्या 11, सेक्टर पाई में 25 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। लीज प्लान के अनुसार 2007 में 1,00,095 वर्ग मीटर भूखंड की लीज डीड भी हो गई। डेवलपर ने कुल प्रीमियम 33.54 करोड़ रुपये में से 2007 तक 7.14 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।

शेष धनराशि का भुगतान 13 किस्तों में 2013 तक करना था। इस परियोजना को भी 2013 में ही पूरा करना था, लेकिन डेवलपर ने न तो परियोजना को पूरा किया और न ही प्राधिकरण की बकाया धनराशि जमा की। बकाया भुगतान एवं परियोजना को पूरा करने का हवाला देते हुए डेवलपर को 2016 में बंधक अनुमति भी दी गई, लेकिन डेवलपर ने न तो परियोजना पूरी की और न ही प्राधिकरण का बकाया भुगतान जमा किया। प्राधिकरण की तरफ से 2011, 2012, 2013, 2019, 2020 में कई बार डिफॉल्टर व आवंटन रद्द करने का नोटिस भी जारी किया गया।

परियोजना को पूरा करने के लिए अधिकतम 15 वर्ष की समयावधि भी पीछे छूट चुकी है। इस अवधि में प्रीमियम धनराशि के अलावा अतिरिक्त प्रतिकर व कार्यपूर्ति विलंब शुल्क आदि मद में डेवलपर पर बकाया रकम भी बढ़कर करीब 211 करोड़ रुपये हो गई। इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पार्श्वनाथ डेवलपर के भूखंड संख्या 11, सेक्टर पाई का आवंटन रद्द कर दिया है। करीब 1.56 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी जब्त कर ली है। प्राधिकरण ने कहा है कि अगर बिल्डर की प्राधिकरण पर कोई देयता बनती है तो उसे वापस करेगा।

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