HDFC Bank के चेयरमैन Rajeev Kumar ने निवेशकों को दिया भरोसा, Transparency और बेहतर Governance के साथ बढ़ेगा बैंक

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Ankit Jaiswal । Aug 5 2026 10:44PM

एचडीएफसी बैंक की वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष राजीव कुमार ने शासन व्यवस्था और पारदर्शिता पर जोर देते हुए निवेशकों के भरोसे को बहाल करने का प्रयास किया है। विलय के बाद जमा और ब्याज आय पर आए संरचनात्मक दबाव को अस्थाई बताते हुए बैंक ने आगामी तिमाहियों में सुधार की उम्मीद जताई है। एचडीएफसी बैंक शेयर मूल्य, बैंकिंग गवर्नेंस और जमा वृद्धि जैसे प्रमुख कारकों पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।

एचडीएफसी बैंक ने अपनी वार्षिक आम बैठक के दौरान निवेशकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि बैंक की बुनियादी व्यवस्था मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में उसके प्रमुख वित्तीय संकेतकों में सुधार देखने को मिलेगा। बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि संस्था की कार्यप्रणाली पारदर्शी है और बैंक भविष्य में भी उच्च स्तर की शासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, राजीव कुमार ने बुधवार को आयोजित बैंक की 32वीं वार्षिक आम बैठक में पहली बार अध्यक्ष के रूप में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बैंक के शेयरधारकों, ग्राहकों और अन्य हितधारकों ने जिस भरोसे के साथ संस्था का साथ दिया है, उसे बनाए रखना बैंक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उनके अनुसार बैंक की कार्यसंस्कृति और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली मजबूत है तथा इसे आगे और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

बता दें कि राजीव कुमार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बैंक हाल के महीनों में अपनी शासन व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। इससे पहले बैंक के पूर्व अंशकालिक अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत नैतिक मूल्यों और संस्था के कुछ दृष्टिकोणों के बीच मतभेद को बताया था।

गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के बाद बैंक की ओर से स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई थी। जून में आई जांच रिपोर्ट में नैतिकता और शासन व्यवस्था से जुड़े आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद बैंक ने अपनी आंतरिक व्यवस्था को लेकर भरोसा दोहराया था।

राजीव कुमार ने भविष्य में निदेशक मंडल में होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि बैंक ऐसे लोगों को जिम्मेदारी देगा जो योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता के उच्च मानकों पर खरे उतरते हों। उनके अनुसार उत्कृष्ट नेतृत्व मिलना आसान नहीं होता, लेकिन बैंक इसी आधार पर नए निदेशकों का चयन करेगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर भी चर्चा चल रही है। हालांकि वार्षिक आम बैठक के शुरुआती संबोधन में राजीव कुमार ने इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं की।

बैठक के दौरान उन्होंने बैंक के वित्तीय प्रदर्शन पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी लिमिटेड के एचडीएफसी बैंक में विलय के बाद बैंक की बैलेंस शीट में कुछ संरचनात्मक बदलाव हुए हैं। इसी कारण चालू और बचत खातों में जमा की हिस्सेदारी तथा शुद्ध ब्याज आय पर कुछ दबाव देखने को मिला है। हालांकि उनका कहना है कि यह अस्थायी स्थिति है और आने वाली कुछ तिमाहियों में इन दोनों संकेतकों में सुधार होने की पूरी संभावना है।

बता दें कि बैंक लगातार अपनी जमा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। राजीव कुमार ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक की कुल जमा में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे बैंकिंग क्षेत्र में यह वृद्धि 11.5 प्रतिशत रही। वहीं बैंक द्वारा दिए गए ऋण में भी 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि बैंक अब उपभोक्ता खर्च से जुड़े क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दे रहा है। साथ ही नए ग्राहकों को जोड़ने और जमा आधार को मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है। बैंक को उम्मीद है कि इन प्रयासों का सकारात्मक असर आने वाली तिमाहियों में दिखाई देगा और वित्तीय प्रदर्शन पहले की तुलना में और बेहतर होगा। राजीव कुमार ने विश्वास जताया कि मजबूत आंतरिक व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और दीर्घकालिक रणनीति के दम पर बैंक आगे भी अपने ग्राहकों और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में सफल रहेगा।

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