IDBI Bank के Disinvestment की खबर से रॉकेट बना शेयर, निवेशकों की एक दिन में बंपर कमाई

IDBI Bank
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Ankit Jaiswal । Jun 17 2026 10:32PM

केंद्र सरकार और एलआईसी द्वारा आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी बेचने की रणनीतिक विनिवेश योजना आगे बढ़ रही है, जिससे निवेशकों में उत्साह है। बैंक के सुधरते वित्तीय प्रदर्शन और खराब ऋणों पर नियंत्रण ने इस सौदे के प्रति बाजार का भरोसा और मजबूत किया है, जो शेयरों में हालिया उछाल का एक प्रमुख कारण है।

हाल के दिनों में सरकारी विनिवेश कार्यक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है और इसी कड़ी में आईडीबीआई बैंक एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ने और वित्त वर्ष 2027 के दौरान सौदा पूरा होने की उम्मीदों ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। इसका असर बैंक के शेयरों पर भी साफ दिखाई दिया है।

आईडीबीआई बैंक के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी दर्ज की गई। बाजार में यह चर्चा तेज रही कि बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में इस पर महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिल सकती है। इसी उम्मीद के बीच निवेशकों ने बैंक के शेयरों में जमकर खरीदारी की।

मौजूद जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शेयर बाजार में आईडीबीआई बैंक के करीब 1.06 करोड़ से अधिक शेयर बड़े सौदों के जरिए खरीदे और बेचे गए। इन सौदों में शेयरों की कीमत 82 रुपये से 92 रुपये के बीच रही, जो पिछले बंद भाव की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त को दर्शाती है। हालांकि इन सौदों में खरीदार और विक्रेता कौन थे, इसकी जानकारी तत्काल सामने नहीं आ सकी है।

दिन के कारोबार के दौरान बैंक का शेयर 92.25 रुपये तक पहुंच गया, जो लगभग तीन महीने का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। कारोबार समाप्त होने तक शेयर 17.12 प्रतिशत की मजबूती के साथ 90.36 रुपये पर बंद हुआ। सत्र के दौरान यह 91.88 रुपये तक भी पहुंचा है।

गौरतलब है कि केवल शेयर कीमत ही नहीं, बल्कि कारोबार की मात्रा में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहर तक राष्ट्रीय शेयर बाजार में करीब 20.7 करोड़ शेयरों का कारोबार हो चुका था, जो सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि बैंक में बढ़ी हुई है।

बता दें कि केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम मिलकर आईडीबीआई बैंक में अपनी कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित सौदे के तहत केंद्र सरकार 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। इसके साथ बैंक का प्रबंधन नियंत्रण भी नए खरीदार को सौंपा जाएगा।

वर्तमान में केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम के पास बैंक की लगभग 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यही वजह है कि यह देश के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक विनिवेश कार्यक्रमों में शामिल माना जाता है।

हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी स्पष्ट किया था कि सरकार इस विनिवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं वित्त राज्य मंत्री द्वारा संसद में दिए गए जवाब के अनुसार, चयनित बोलीदाता फिलहाल बैंक से जुड़ी विस्तृत जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, सरकार बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आरक्षित मूल्य सहित कई पहलुओं की समीक्षा भी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि नए मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।

बैंक के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। गौरतलब है कि आईडीबीआई बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में खराब ऋणों की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया है और लगातार लाभ कमाने की स्थिति में वापसी की है। मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक ने 1,943.2 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। हालांकि यह पिछले वर्ष के 2,051.2 करोड़ रुपये की तुलना में थोड़ा कम रहा, लेकिन बैंक की ब्याज आय में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 3,851.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

बैंक की सुधरती वित्तीय स्थिति, विनिवेश प्रक्रिया में जारी प्रगति और बाजार में बढ़ते भरोसे को देखते हुए निवेशकों की नजर अब आने वाले महीनों में होने वाले अगले बड़े फैसलों पर टिकी हुई हैं।

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