आयकर रिटर्न: अगर आपकी उम्र है 75 साल तो मिल सकती है यह छूट, सरकार ने किया यह जरूरी काम

finance ministry
प्रतिरूप फोटो
ऐसी वरिष्ठ नागरिकों को 1 अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न भरने की कोई जरूरत नहीं है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमों और घोषणा फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है।

आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है। हाल ही में सरकार ने बताया था कि 2020-21 वित्त वर्ष में तीन करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल हो चुके हैं। साथ ही सरकार ने करदाताओं से जल्दी अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए भी कहा है।  लेकिन आपकी उम्र 75 वर्ष या उससे ज्यादा है तो आपको आइटीआर भरने के पचड़े में पड़ने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा 75 या उससे अधिक वर्ष के आयु के लोगों के लिए 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की छूट के फॉर्म की घोषणा को अधिसूचित कर दिया गया है। यह फॉर्म वरिष्ठ नागरिकों को बैंक में जमा कराना होगा। आइटीआर में छूट उन्हीं नागरिकों को दी जाएगी जो पेंशन की आय और बैंक में जमा पैसे पर ब्याज ले रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: 3 करोड़ से ज्यादा आईटीआर हुए दाखिल, वित्त मंत्रालय ने दी यह जानकारी 

 ऐसी वरिष्ठ नागरिकों को 1 अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न भरने की कोई जरूरत नहीं है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमों और घोषणा फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है। वरिष्ठ नागरिकों को यह फॉर्म बैंक में जमा कराना होगा जो पेंशन और ब्याज आय पर कर काट कर उसे सरकार के पास जमा कराएंगे आयकर दाखिल करने की छूट उन्हीं मामलों में मिलेगी। जिनमें ब्याज की आय उसी बैंक से मिल रही है, जहां पर पेंशन जमा होती है।

इसे भी पढ़ें: वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अब तक तीन करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल: वित्त मंत्रालय 

 बजट में की गई थी घोषणा

आयकर कानून के तहत एक निर्धारित सीमा से अधिक की आय वाले सभी लोगों को आयकर रिटर्न भरना होता है। वरिष्ठ नागरिकों  या 60 साल से अधिक अत्यंत वरिष्ठ नागरिकों 80 साल से अधिक के लिए सीमा कुछ अधिक है। इन्हें कर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना  तो लगता है और साथ ही संबंधित व्यक्ति को  हाय स्रोत पर अधिक कटौती टीडीएस देना पड़ता है। इसे लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा था कि आजादी के 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर  सरकार 75 और उससे अधिक  उम्र के वरिष्ठ नागरिकों पर कर अनुपालन के बोझ को कम करेगी।

अन्य न्यूज़