NCLT ने सीमाशुल्क विभाग कंपनी के सामान की नीलामी की अपील को किया खारिज

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राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कोलकाता पीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए एनसीएलएटी ने कहा कि जब एनसीएलटी ने रोक की अवधि का आदेश दे दिया है, तब सीमा शुल्क विभाग कंपनी के सामान की नीलामी का आदेश नहीं दे सकता, भले ही उनका कहना हो कि कंपनी का माल कई वर्षों से उनके अधिकार में पड़ा है।

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कारपोरेट दिवाला प्रक्रिया का सामना कर रही एक कंपनी के जब्त सामान को रोक की अवधि के दौरान नीलाम करने की सीमाशुल्क विभाग की अपील को खारिज कर दिया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कोलकाता पीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए एनसीएलएटी ने कहा कि जब एनसीएलटी ने रोक की अवधि का आदेश दे दिया है, तब सीमा शुल्क विभाग कंपनी के सामान की नीलामी का आदेश नहीं दे सकता, भले ही उनका कहना हो कि कंपनी का माल कई वर्षों से उनके अधिकार में पड़ा है।

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एनसीएलएटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति एस. जे. मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता में रोक की अवधि का प्रस्ताव है। ऐसे में किसी कंपनी की परिसंपत्तियों को अलग-थलग नहीं किया जा सकता, न हस्तांतरित किया जा सकता है और न ही किसी तीसरे पक्ष को बेचा जा सकता है।

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सीमाशुल्क विभाग ने कोलकाता एनसीएलटी के इस संबंध में दिए गए आदेश को एनसीएलएटी में चुनौती दी थी। इसके बाद एनसीएलएटी ने उसकी याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया। एनसीएलटी की कोलकाता पीठ ने पश्चिम बंगाल के सीमाशुल्क आयुक्त (निवारक) को आदेश दिया था कि वह आयात की गयी मशीनरी को राम सरूप इंडस्ट्रीज लिमिटेड को सौंप दे और अपने दावे को कंपनी के समाधान पेशेवर के समक्ष जमा कराए। राम सरूप इंडस्ट्रीज लोहे के तार, छड़ और सरिया का निर्माण करती है। 

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