NCLT ने जेट एयरवेज की दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की याचिका को किया स्वीकार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 21 2019 12:15PM
NCLT ने जेट एयरवेज की दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की याचिका को किया स्वीकार
Image Source: Google

भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में कुल 26 बैंकों के एक समूह ने इस संबंध में याचिका दायर की है। इसके चलते कई दिनों तक रिकॉर्ड निचले स्तर पर बने रहने के बाद कंपनी के शेयर मूल्य में 150 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।

मुंबई। जेट एयरवेज बृहस्पतिवार को देश की पहली ऐसी घरेलू विमानन कंपनी बन गयी जिसके खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता प्रक्रिया शुरू करने की याचिका को स्वीकार कर लिया। भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में कुल 26 बैंकों के एक समूह ने इस संबंध में याचिका दायर की है। इसके चलते कई दिनों तक रिकॉर्ड निचले स्तर पर बने रहने के बाद कंपनी के शेयर मूल्य में 150 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। अपनी याचिका में स्टेट बैंक ने कंपनी पर 967 करोड़ रुपये का दावा किया है। बैंक ने बताया कि उसने कंपनी को 505 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी के रूप में और 462 करोड़ रुपये ओवरड्राफ्ट सुविधा दी थी। कंपनी पर 25 अन्य बैंकों का 8,500 करोड़ रुपये बकाया है। साथ ही कंपनी पर 23,000 कर्मचारियों और सैकड़ों वेंडरों का भी 13,000 करोड़ रुपये बकाया है।

 
इस बीच भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बैंकों के जेट एयरवेज के खिलाफ एनसीएलटी में जाने के निर्णय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह बंद हो चुकी विमानन कंपनी के समाधान के लिए उनकी ‘आखिरी कोशिश’ है। एनसीएलटी ने इस संबंध में ग्रांट थॉर्टंन के आशीष छौछरिया को समाधान पेशेवर नियुक्त किया है। जेट एयरवेज 17 अप्रैल से अपना परिचालन बंद कर चुकी है।


न्यायाधिकरण की वी. पी. सिंह और रविकुमार दुरईसामी की पीठ ने समाधान पेशेवर को निर्देश दिया कि वह इस प्रक्रिया को तीन माह के भीतर पूरा करने की कोशिश करे, भले ही कानून छह माह की इजाजत देता है। उन्होंने इसे ‘राष्ट्रीय महत्व का विषय’ बताया।
पीठ ने समाधान पेशेवर को इससे जुड़ी प्रगति रपट हर 15 दिन में दाखिल करने का भी निर्देश दिया। इस तरह की पहली रपट पांच जुलाई को जमा की जानी है। हालांकि, इस संबंध में नीदरलैंड के वेंडर की हस्तक्षेप याचिका को न्यायाधिकरण ने खारिज कर दिया। उसने कहा कि जेट एयरवेज की दिवाला प्रक्रिया के लिए डच जिला अदालत को आदेश देने का अधिकार नहीं है। इसके अलावा जेट एयरवेज को परिचालन ऋण देने वाले दो ऋणदाता शमन व्हील और गग्गर एंटरप्राइजेज की ओर से दायर किए गये क्रमश: 8.74 करोड़ रुपये और 53 लाख रुपये के दावों को भी न्यायाधिकरण ने खारिज कर दिया। इसी बीच दलाल पथ पर जेट एयरवेज के शेयर में ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिली। कंपनी का शेयर दिन में कारोबार के दौरान 150 प्रतिशत तक चढ़ गया। यह किसी भी कंपनी के शेयर में दिन के कारोबार के दौरान आयी सबसे ऊंची वृद्धि है। बीएसई पर कंपनी का शेयर 27 रुपये पर खुला और अंत में 93.35 प्रतिशत बढ़कर 64 रुपये पर बंद हुआ।


रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story