अब नहीं चलेगा जुगाड़! Nitin Gadkari का आदेश, Sleeper Bus में हर Safety Feature की होगी जांच

Nitin Gadkari
ANI

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए घोषणा की है कि अब नई स्लीपर बसों का पंजीकरण अग्निशमन प्रणाली और आपातकालीन निकास की भौतिक एवं वीडियो जांच के बिना नहीं होगा; यह कदम संशोधित बस बॉडी कोड के तहत लागू किया गया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि यात्रियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और संशोधित बस बॉडी कोड के तहत अग्निशमन प्रणाली और आपातकालीन निकास के भौतिक और वीडियो निरीक्षण के बिना नई स्लीपर कोच बसों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। बसों में आग लगने की बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया है कि स्लीपर कोच बसों का निर्माण केवल वाहन कंपनियों या केंद्र द्वारा मान्यता प्राप्त संयंत्रों द्वारा ही किया जाएगा।

गडकरी ने बसवर्ल्ड इंडिया कॉन्क्लेव 2026 में कहा, बसों में यात्रियों की सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय पहले ही एक सितंबर, 2025 से संशोधित बस बॉडी कोड लागू कर चुका है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा, नई सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार हम प्रत्येक व्यक्तिगत स्लीपर कोच बस की जांच करेंगे, जिसे वाहन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

अग्निशमन प्रणाली, हथौड़े वाले आपातकालीन निकास और आपातकालीन रोशनी के भौतिक और वीडियो निरीक्षण के बिना नई स्लीपर कोच बसों का पंजीकरण नहीं होगा। भारत का बस बॉडी कोड एआईएस-052 है, जो एक अनिवार्य मानक है। यह देश में बने सभी बस बॉडी के लिए सुरक्षा, संरचनात्मक और डिजाइन आवश्यकताओं को तय करता है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़