PHD चैंबर ने कहा बजट में टैक्स कटौती का लाभ मिलने से उपभोग व्यय बढ़ेगा

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पीएचडीसीसीआई ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि एक फरवरी को पेश होने वाले बजट 2023-24 में खपत को बढ़ाने पर खास जोर दिया जाना चाहिए। उद्योग मंडल ने कहा, इस समय अर्थव्यवस्था में खपत को बढ़ाने के लिए जरूरी है कि कर छूट लाभ बढ़ाई जाए।

उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने आगामी बजट में उपभोग व्यय के लिए कर कटौती के लाभ बढ़ाने, कारोबार से जुड़ी लागत घटाने और कंपनियों को किफायती दरों पर आसान कर्ज मुहैया कराने से जुड़े कदम उठाने का सुझाव दिया है। पीएचडीसीसीआई ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि एक फरवरी को पेश होने वाले बजट 2023-24 में खपत को बढ़ाने पर खास जोर दिया जाना चाहिए। उद्योग मंडल ने कहा, इस समय अर्थव्यवस्था में खपत को बढ़ाने के लिए जरूरी है कि कर छूट लाभ बढ़ाई जाए।

लोगों के पास खर्च के लायक आमदनी बढ़ाने के लिए उद्योग मंडल ने घर खरीद पर दी जाने वाली कर छूट की सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का सुझाव दिया है। इसने एक से अधिक घरों की खरीद और कार जैसे टिकाऊ वस्तुओं की खरीद को भी इसके दायरे में लाने की मांग की है। पीएचडी चैंबर ने कहा, खपत व्यय पर दी जाने वाली रियायत को बढ़ाकर पांच लाख रुपये करना चाहिए।

इससे न केवल अर्थव्यवस्था में कुल मांग बढ़ेगी बल्कि निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश करेंगी जिससे व्यापक रोजगार अवसर भी पैदा होंगे। उद्योग मंडल ने अपने बजट-पूर्व प्रस्तावों में सरकार से कारोबार करने पर आने वाली लागत को कम करने का अनुरोध भी किया है। इसमें पूंजी, बिजली, लॉजिस्टिक, जमीन एवं श्रम की लागत घटाने के कदम भी शामिल हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी की इकाइयों को प्रतिस्पर्द्धी और वृद्धि-उन्मुख बनाने के लिए वित्त तक आसान पहुंच पर जोर देते हुए पीएचडी चैंबर ने कहा कि सरकार को उन्हें किफायती दरों पर अड़चन-मुक्त कर्ज वितरण पर ध्यान देना चाहिए।

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