80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से बोले PM Modi, वैश्विक संकट के बावजूद किसानों को दिया सस्ता Urea

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ने के बावजूद केंद्र सरकार किसानों पर बोझ नहीं पड़ने दे रही है। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में 3,000 रुपये प्रति बोरी बिकने वाला यूरिया भारतीय किसानों को 300 रुपये में और 5,000 रुपये वाला डीएपी 1,350 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक कीमतों में तेजी के बावजूद सरकार ने किसानों को दो सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले उर्वरकों - यूरिया और डीएपी सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया है। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नागरिक देवो भव के मंत्र के साथ काम किया है और एक के बाद एक कदम उठाए हैं। मोदी ने कहा, हमने कभी नहीं सोचा था कि यह समस्या (पश्चिम एशिया संकट) पैदा होगी।
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लेकिन संकट के इस दौर में इन सभी प्रयासों ने बोझ को कम करने में मदद की है। आज हमारे देश में गैस, पेट्रोल और यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवधानों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने यूरिया और डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा, वैश्विक स्तर पर यूरिया की कीमत 3,000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई, लेकिन हमने किसानों पर यह बोझ नहीं पड़ने दिया। सरकार इस लागत को वहन कर रही है। विश्व स्तर पर 3,000 रुपये प्रति बोरी की लागत वाला यूरिया हमारे किसानों को 300 रुपये में दिया जा रहा है।
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मोदी ने कहा, इसके अलावा डीएपी की वैश्विक कीमत बढ़कर 5,000 रुपये प्रति बोरी हो गई है, लेकिन हम इसे किसानों को 1,350 रुपये प्रति बोरी की दर से दे रहे हैं। मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के तहत आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भरता हासिल करने की आवश्यकता को भी दोहराया।
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