India-US trade डील के बाद रुपये और शेयर बाजार में जोरदार तेजी

dollar vs rupee
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Ankit Jaiswal । Feb 3 2026 9:52PM

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा पुष्टि किए गए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने बाजार की धारणा को मजबूती दी है, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा है। टैरिफ में महत्वपूर्ण कटौती से विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी की उम्मीद जगी है, जिसके परिणामस्वरूप रुपये ने डॉलर के मुकाबले तीन हफ्तों का उच्च स्तर छुआ और शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई।

बीते कुछ हफ्तों से दबाव में चल रहा भारतीय रुपया आज अचानक मजबूत होता दिखा। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से इंतजार किए जा रहे व्यापार समझौते के पूरा होने के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब तीन हफ्तों के उच्च स्तर 90.27 तक पहुंच गया है।

बता दें कि सिर्फ रुपया ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिली है। निफ्टी ने मई 2025 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त दर्ज की, जबकि रुपया सात साल से ज्यादा समय की अपनी सबसे तेज तेजी में शामिल रहा है। इससे पहले हाल के महीनों में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और टैरिफ दबावों के चलते भारतीय मुद्रा में करीब पांच प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, जानकारों का मानना है कि हालिया कमजोरी के दौरान रुपये को नीति के स्तर पर एक तरह के बफर के रूप में इस्तेमाल किया गया। कोटक सिक्योरिटीज के करेंसी और कमोडिटी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, महंगाई नियंत्रण में रहने के कारण रुपये की कमजोरी से आयातित महंगाई का बड़ा खतरा नहीं था, हालांकि जोखिम की धारणा के चलते मुद्रा मूल्यांकन में दबाव बना रहा है।

गौरतलब है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात पर लगने वाला शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में इस समझौते की पुष्टि की है और दोनों नेताओं के बीच व्यापार, वैश्विक सुरक्षा और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा का भी जिक्र किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ में कटौती से व्यापार प्रवाह बेहतर हो सकता है और विदेशी निवेशकों का रुझान दोबारा भारत की ओर बढ़ सकता है। अर्ता भारत ग्लोबल मल्टीप्लायर फंड के फंड मैनेजर नचिकेता सावरिकर के अनुसार, यदि एफआईआई की हालिया निकासी थमती है तो इससे इक्विटी बाजार और रुपये दोनों को सहारा मिल सकता है।

डील के ऐलान के बाद बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। सेंसेक्स करीब ढाई प्रतिशत की तेजी के साथ 83,739 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 2.5 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 25,727 के आसपास पहुंच गया है। कुल मिलाकर यह घटनाक्रम रुपये, शेयर बाजार और निवेशकों के भरोसे तीनों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।

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