बाजारों में नरमी से सेंसेक्स 275 अंक टूटा, निफ्टी में 56 अंक की गिरावट

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2018   18:04
बाजारों में नरमी से सेंसेक्स 275 अंक टूटा, निफ्टी में 56 अंक की गिरावट

कमजोर वैश्विक रुख के बीच आईटी, प्रौद्योगिकी, धातु और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के जोर से बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी गिरावट आयी और यह 250 अंक नीचे बंद हुआ।

मुंबई। कमजोर वैश्विक रुख के बीच आईटी, प्रौद्योगिकी, धातु और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के जोर से बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी गिरावट आयी और यह 250 अंक नीचे बंद हुआ। इसके अलावा विदेशी कोषों की निकासी से भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। हालांकि, अत्यधिक आपूर्ति की चिंता में वैश्विक बाजार में कच्चा तेल टूटकर एक साल के निचले स्तर पर आ गया है। इससे बाजार की गिरावट सीमित रही। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स थोड़े समय के लिए चढ़कर 35,494.25 अंक तक पहुंचने के बाद नीचे आ गया।

अन्य एशियाई बाजारों के कमजोर रुख से सेंसेक्स एक समय नीचे में 35,112.49 अंक तक चला गया था। अंत में सेंसेक्स 274.71 अंक या 0.77 प्रतिशत के नुकसान से 35,199.80 अंक पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 300.37 अंक टूटा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10,562.35 से 10,671.30 अंक के दायरे में घूमने के बाद अंत में 56.15 अंक या 0.53 प्रतिशत के नुकसान से 10,600.05 अंक पर बंद हुआ। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर चले बिकवाली के सिलसिले के बाद बुधवार को एशियाई बाजारों में कमजोरी का रुख रहा। ब्रोकरों ने कहा कि अमेरिका चीन व्यापार विवाद के बीच कच्चे तेल के दाम 13 माह के निचले स्तर पर आ गए हैं, जिससे आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता पैदा हुई है।

सैंक्टम वेल्थ मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी सुनील शर्मा ने कहा कि बुधवार को जो गतिविधियां रहीं उससे भारत और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में भिन्नता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि पिछले महीने नास्डैक कम्पोजिट 7.2 प्रतितशत नीचे आया जबकि एसएंडपी 500 में 4.6 प्रतिशत का नुकसान रहा। वहीं इस दौरान निफ्टी 2.8 प्रतिशत चढ़ा। आईटी कंपनियों के शेयरों में बुधवार को सबसे अधिक गिरावट रही। टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयर 3.55 प्रतिशत तक का नुकसान रहा। अन्य कंपनियों में पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज आटो, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हीरो मोटोकॉर्प, वेदांता, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, एलएंडटी, ओएनजीसी, एचडीएफसी लि., आईटीसी लि., आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल और कोल इंडिया के शेयरों में 2.77 प्रतिशत तक का नुकसान रहा। वहीं दूसरी ओर यस बैंक का शेयर 2.83 प्रतिशत चढ़ गया।

बैंक ने भरोसा दिलाया है कि हालिया इस्तीफों के बाद सीईओ की चयन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक्सिस बैंक, अडाणी पोर्ट्स, एसबीआई, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, सनफार्मा, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक और कोटक बैंक के शेयर में 2.20 प्रतिशत तक की गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से विमानन और पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के शेयर लाभ में रहे। स्पाइसजेट, जेट एयरवेज ओर इंटरग्लोब का शेयर 5.63 प्रतिशत तक चढ़ गया। वहीं पेट्रोलियम विपणन कंपनियों आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल के शेयरों में 1.76 प्रतिशत तक का लाभ रहा। अत्यधिक आपूर्ति की चिंता में ब्रेंट क्रूड 6.92 प्रतिशत टूटकर 62.17 डॉलर प्रति बैरल रह गया। इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 753.17 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 44.06 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 0.35 प्रतिशत, कोरिया का कॉस्पी 0.29 प्रतिशत और ताइवान 0.03 प्रतिशत नीचे आया। हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग 0.51 प्रतिशत तथा शंघाई कम्पोजिट 0.21 प्रतिशत चढ़ा। शुरूआती कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में चल रहे थे। 





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