Share Market में Bull Run जारी, Investors की हुई चांदी, सेंसेक्स 79,000 के पार हुआ बंद

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ANI

कच्चे तेल में नरमी और ईरान-अमेरिका शांति वार्ता की उम्मीदों से भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ, जिससे सेंसेक्स 753 अंक और निफ्टी 212 अंक उछला। इस तेजी का नेतृत्व बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों ने किया, जो निवेशकों की सकारात्मक धारणा को दर्शाता है।

कच्चे तेल में नरमी और ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता में प्रगति की उम्मीदों से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन चढ़कर बंद हुए। सेंसेक्स 753 अंक चढ़कर बंद हुआ जबकि निफ्टी 212 अंक की बढ़त में रहा। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 753.03 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,273.33 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 846.78 अंक चढ़कर 79,367.08 के स्तर तक पहुंच गया था।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 211.75 अंक यानी 0.87 प्रतिशत बढ़कर 24,576.60 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.75 प्रतिशत गिरकर 94.76 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आयात पर निर्भर भारत जैसे देश के लिए मुद्रास्फीति के दबाव में कमी आती है और कंपनियों के मार्जिन में सुधार की संभावना बढ़ती है।

व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.73 प्रतिशत चढ़ गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.29 प्रतिशत की तेजी रही। क्षेत्रवार सूचकांकों में एफएमसीजी खंड सर्वाधिक 2.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि रियल्टी खंड में 2.17 प्रतिशत एवं निजी बैंक सूचकांक में 1.67 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,531 कंपनियों के शेयर चढ़कर बंद हुए जबकि 1,760 कंपनियों में गिरावट रही और 162 अन्य अपरिवर्तित रहीं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, अमेरिका-ईरान युद्धविराम की समयसीमा खत्म होने के पहले सबकी नजरें दूसरे दौर की शांति वार्ता पर टिक गई हैं। बाजारों ने इससे उम्मीदें लगा रखी हैं लेकिन अगर तनाव बढ़ता है तो गिरावट का जोखिम भी है। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।

यूरोपीय बाजार सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे। इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,059.93 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। सेंसेक्स सोमवार को 26.76 अंक बढ़कर 78,520.30 और निफ्टी 11.30 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,364.85 अंक पर बंद हुए थे।

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