हम नहीं मानेंगे...अब ट्रंप को ही आंखें दिखा रहे नेतन्याहू, प्लान कर दिया खारिज!

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा में युद्ध समाप्त करने, बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता को सुचारू रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव रखा था। इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से युद्ध विराम लागू करने और आगे स्थाई समाधान की दिशा में बातचीत करने का रास्ता खोलने की बात कही गई थी।
पश्चिमी एशिया में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर इजराइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से पेश किए गए गाजा समझौते के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है तो दूसरी ओर होर्मुज स्टेट को लेकर ईरान और ओमान के बीच संभावित प्रबंधन व्यवस्था की खबरों ने नई रणनीतिक बहस छेड़ दी है। इसी बीच यमन में ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों ने लाल सागर तट पर सरकार के नियंत्रण वाले एक बंदरगाह और सऊदी अरब की एक तेल सुविधा को निशाना बनाने का दावा किया है। इन घटनाओं ने पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा में युद्ध समाप्त करने, बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता को सुचारू रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव रखा था। इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से युद्ध विराम लागू करने और आगे स्थाई समाधान की दिशा में बातचीत करने का रास्ता खोलने की बात कही गई थी।
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हालांकि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता और उसकी सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती तब तक इजराइल गाजा से अपनी सेनाएं नहीं हटाएगा। नेतन्याहू ने दोहराया कि इजराइल अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा और किसी बाहरी दबाव में फैसला नहीं लेगा। गाजा में गहरा था मानवीय संकट। गाजा में मानवीय हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। महीनों से जारी संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए हैं और लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। अस्पतालों में भारी दबाव है जबकि दवाइयां, भोजन, स्वच्छ पानी और ईंधन की भारी कमी बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि गजा के कई इलाकों में मानवीय संकट बेहद गंभीर स्तर तक पहुंच चुका है। राहत सामग्री सीमित मात्रा में पहुंच रही है। लेकिन जरूरत के मुकाबले यह काफी कम है। लगातार जारी सैन्य कारवाही के कारण कई क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।
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इसी बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होमोस स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान और ओमान इस जलमार्ग के प्रबंधन को लेकर संभावित व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं। तेहरान ने संकेत दिया है कि जिन जहाजों के संबंध उनके दुश्मन देशों से होंगे उन्हें हुरमज स्टेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा सकती। होर्मुज से दुनिया की कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अगर इस मार्ग पर किसी भी तरह की रोक या फिर तनाव बढ़ता है तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। एक और हॉर्मोस को लेकर मध्य पूर्व में तनाव गहराता जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर इजराइल ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता, जब तक हमास निशस्त्र नहीं हो जाता तब तक इजराइल अपनी सैनिक कारवाई गजा पर जारी रखेगा।
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